राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के परिणाम का मूल्यांकन कीजिए। मिशन LIFE वायु प्रदूषण के मुद्दे का समाधान करने में NCAP को कैसे पुनर्जीवित कर सकता है? (150 शब्दों में उत्तर दीजिए)
फोटोकेमिकल स्मॉग: निर्माण, प्रभाव और शमन **1. निर्माण: फोटोकेमिकल स्मॉग तब बनता है जब सूरज की रोशनी वायुमंडल में नाइट्रोजन ऑक्साइड्स (NOx) और वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs) के साथ प्रतिक्रिया करती है। इससे ओज़ोन (O3) और अन्य हानिकारक यौगिक उत्पन्न होते हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली और लॉस एंजेलिस मRead more
फोटोकेमिकल स्मॉग: निर्माण, प्रभाव और शमन
**1. निर्माण:
- फोटोकेमिकल स्मॉग तब बनता है जब सूरज की रोशनी वायुमंडल में नाइट्रोजन ऑक्साइड्स (NOx) और वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs) के साथ प्रतिक्रिया करती है। इससे ओज़ोन (O3) और अन्य हानिकारक यौगिक उत्पन्न होते हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली और लॉस एंजेलिस में उच्च वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण के कारण स्मॉग की समस्या बढ़ी है।
**2. प्रभाव:
- स्वास्थ्य पर प्रभाव: फोटोकेमिकल स्मॉग श्वसन संबंधी समस्याएँ, अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियाँ पैदा कर सकता है। हाल के अध्ययन बताते हैं कि हॉस्पिटल में भर्ती और स्वास्थ्य समस्याएँ इन शहरों में बढ़ रही हैं।
- पर्यावरणीय नुकसान: यह वनस्पति को नुकसान पहुँचाता है, फसलों की उपज को कम करता है, और शहरी संरचनाओं को भी प्रभावित करता है।
**3. शमन उपाय:
- उत्सर्जन नियंत्रण: वाहनों और औद्योगिक इकाइयों के लिए उत्सर्जन मानदंड लागू करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, भारत की फेम योजना और यूरोप के नियम इसमें मदद कर रहे हैं।
- स्वच्छ ऊर्जा: नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना चाहिए। कैलिफ़ोर्निया जैसे देशों में इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
1999 का गोथेनबर्ग प्रोटोकॉल
**1. परिचय:
- 1999 का गोथेनबर्ग प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य असिडीफिकेशन, यूट्रोफिकेशन, और जमीन पर ओज़ोन को कम करना है। इसमें साल्फर डाइऑक्साइड (SO2), नाइट्रोजन ऑक्साइड्स (NOx), और VOCs के लिए उत्सर्जन कटौती लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
**2. लक्ष्य और प्रभाव:
- उत्सर्जन कटौती लक्ष्य: देशों ने प्रमुख प्रदूषकों की उत्सर्जन सीमा को कम करने का संकल्प लिया है, जिससे स्मॉग और वायु गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
- प्रभाव: इस प्रोटोकॉल के लागू होने से यूरोप में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है और यह अन्य क्षेत्रों के लिए एक मॉडल बना है।
गोथेनबर्ग प्रोटोकॉल और शमन उपाय फोटोकेमिकल स्मॉग के प्रभावी प्रबंधन और मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) का मूल्यांकन दर्शाता है कि यह वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एक प्रभावी पहल रही है, लेकिन इसके परिणाम सीमित रहे हैं। NCAP ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए राज्यों को निधि और तकनीकी सहायता प्रदान की है, लेकिन वायु प्रदूषण में कमी के लक्ष्यों को पूरा करनेRead more
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) का मूल्यांकन दर्शाता है कि यह वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एक प्रभावी पहल रही है, लेकिन इसके परिणाम सीमित रहे हैं। NCAP ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए राज्यों को निधि और तकनीकी सहायता प्रदान की है, लेकिन वायु प्रदूषण में कमी के लक्ष्यों को पूरा करने में चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
मिशन LIFE (Lifestyle for Environment) NCAP को पुनर्जीवित करने में मदद कर सकता है। इस मिशन के तहत, व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर पर्यावरणीय जागरूकता और व्यवहार में बदलाव को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे:
सार्वजनिक सहभागिता: लोगों को वायु प्रदूषण कम करने की जिम्मेदारी और उपायों की जानकारी मिल सकेगी।
See lessउचित संसाधन प्रबंधन: मिशन LIFE के तहत स्थायी जीवनशैली अपनाने से, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
नीति सुधार: बेहतर सामुदायिक और व्यक्तिगत दृष्टिकोण के साथ, NCAP की रणनीतियों को सुदृढ़ किया जा सकता है।
इस प्रकार, मिशन LIFE वायु प्रदूषण की चुनौती को प्रभावी रूप से संबोधित करने में NCAP को सहायता प्रदान कर सकता है।