भारत के चन्द्रमा मिशन कार्यक्रम ‘चन्द्रयान-3’ के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं ? (125 Words) [UPPSC 2023]
भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storms) सूर्य की सतह पर होने वाली बड़े पैमाने की सौर गतिविधियों के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं, जैसे कि सौर तूफान और कोरोनल मास इजेक्शन (CME)। इन तूफानों के पृथ्वी पर प्रौद्योगिकी और अवसंरचना पर संभावित प्रभाव निम्नलिखित हैं: उपग्रहों पर प्रभाव: भू-चुंबकीय तूफान उपग्रRead more
भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storms) सूर्य की सतह पर होने वाली बड़े पैमाने की सौर गतिविधियों के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं, जैसे कि सौर तूफान और कोरोनल मास इजेक्शन (CME)। इन तूफानों के पृथ्वी पर प्रौद्योगिकी और अवसंरचना पर संभावित प्रभाव निम्नलिखित हैं:
- उपग्रहों पर प्रभाव: भू-चुंबकीय तूफान उपग्रहों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे सिग्नल ड्रॉप, संचार विफलता, और नेविगेशन प्रणाली में त्रुटियाँ हो सकती हैं।
- विद्युत ग्रिड: इन तूफानों से भू-चुंबकीय इंडक्शन के कारण विद्युत ग्रिड में अतिरिक्त करंट उत्पन्न हो सकता है, जिससे ट्रांसफार्मर और अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है।
- विज्ञान और संचार प्रणालियाँ: उच्च आवृत्ति वाली रेडियो तरंगों पर भी असर हो सकता है, जिससे मौसम पूर्वानुमान और हवाई ट्रैफिक नियंत्रण जैसी प्रणालियों में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
इन प्रभावों से निपटने के लिए उपग्रह सुरक्षा, विद्युत ग्रिड की मजबूत डिजाइन, और आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किए जाते हैं।
See less
भारत के चंद्रमा मिशन कार्यक्रम 'चंद्रयान-3' के प्रमुख उद्देश्य सॉफ्ट लैंडिंग: चंद्रयान-3 का प्रमुख उद्देश्य चंद्रमा पर एक सफल सॉफ्ट लैंडिंग प्राप्त करना है। पिछली मिशन चंद्रयान-2 में लैंडर का हार्ड लैंडिंग हुआ था, जिसे सुधारने का प्रयास किया गया है। Lunar Surface Exploration: मिशन चंद्रमा की सतह परRead more
भारत के चंद्रमा मिशन कार्यक्रम ‘चंद्रयान-3’ के प्रमुख उद्देश्य
हालिया उदाहरण: 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की, जिससे भारत ने इतिहास रचा और अंतरिक्ष अन्वेषण में अपनी स्थिति को मजबूत किया।
See less