राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण का वर्णन कीजिये। (200 Words) [UPPSC 2019]
नीति आयोग के गठन के कारण नीति आयोग का गठन जनवरी 2015 में भारतीय योजना आयोग की जगह पर किया गया। इसके गठन के प्रमुख कारण थे: केंद्रित योजना प्रणाली की समस्या: योजना आयोग की ऊपर से नीचे की योजना और कमजोर प्रभावशीलता की आलोचना थी। राज्यों को अधिक भूमिका: राज्यों को विकास में अधिक भागीदारी देने की आवश्यकRead more
नीति आयोग के गठन के कारण
नीति आयोग का गठन जनवरी 2015 में भारतीय योजना आयोग की जगह पर किया गया। इसके गठन के प्रमुख कारण थे:
- केंद्रित योजना प्रणाली की समस्या: योजना आयोग की ऊपर से नीचे की योजना और कमजोर प्रभावशीलता की आलोचना थी।
- राज्यों को अधिक भूमिका: राज्यों को विकास में अधिक भागीदारी देने की आवश्यकता थी।
- लचीली नीति निर्माण: जल्दी बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार लचीले और सतत विकास के लिए रणनीतियाँ विकसित करने की जरूरत थी।
उद्देश्य
- सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना: केंद्रीय और राज्य सरकारों के बीच सहकारी मॉडल को प्रोत्साहित करना।
- नवीन नीति समाधान: आर्थिक वृद्धि और सामाजिक विकास के लिए नवीन और एकीकृत रणनीतियाँ तैयार करना।
- डाटा-संचालित नीति निर्माण: डाटा और साक्ष्यों के आधार पर नीति निर्माण को बढ़ावा देना।
कार्य
- रणनीतिक योजना बनाना: दीर्घकालिक नीति ढांचे और योजनाओं का निर्माण।
- निगरानी और मूल्यांकन: सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की निगरानी और मूल्यांकन।
- क्षमता निर्माण: राज्यों को नीति निर्माण और क्षमता निर्माण में सहायता प्रदान करना।
हाल ही में पुनर्गठित नीति आयोग
2023 में नीति आयोग का पुनर्गठन किया गया, जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण परिवर्तन शामिल हैं:
- क्षेत्रीय परिषदों की सुदृढ़ता: क्षेत्रीय परिषदों को मजबूत किया गया ताकि क्षेत्रीय विषमताओं को बेहतर ढंग से संबोधित किया जा सके।
- उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान: उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार को नीति निर्माण में शामिल करने पर जोर दिया गया।
- राज्यों के साथ बेहतर सहयोग: राज्यों के साथ अधिक संवाद और राज्य-विशिष्ट रणनीतियाँ तैयार करने की दिशा में कार्य किए गए।
इन परिवर्तनों का उद्देश्य नीति आयोग को अधिक प्रभावशाली और लचीला बनाना है ताकि वह भारत की जटिल विकासात्मक चुनौतियों का सामना कर सके।
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राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण: वर्णन और कार्य **1. स्थापना और उद्देश्य राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) 2002 में जैव विविधता अधिनियम के तहत स्थापित किया गया। इसका मुख्यालय चेन्नई में है और यह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसका उद्देश्य भारत की जैव विविधता कीRead more
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण: वर्णन और कार्य
**1. स्थापना और उद्देश्य
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) 2002 में जैव विविधता अधिनियम के तहत स्थापित किया गया। इसका मुख्यालय चेन्नई में है और यह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसका उद्देश्य भारत की जैव विविधता की संरक्षण और सतत उपयोग को सुनिश्चित करना है।
**2. कार्य और जिम्मेदारियाँ
**a. संसाधनों तक पहुँच की नियामकता
NBA जैव विविधता संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के वाणिज्यिक उपयोग के लिए अनुमति प्रदान करता है। हाल ही में, NBA ने औषधीय पौधों पर आधारित बायोप्रोस्पेक्टिंग परियोजनाओं के लिए अनुमति प्रदान की है।
**b. संरक्षण और सतत उपयोग
NBA विभिन्न संवर्धन कार्यक्रमों और पहलों के माध्यम से जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देता है। राष्ट्रीय जैव विविधता और मानव कल्याण मिशन इसका एक उदाहरण है।
**c. नीति और समन्वय
यह राज्य जैव विविधता बोर्डों और विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय करता है ताकि जैव विविधता नीतियों का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। NBA स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन योजनाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।
**d. पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा
NBA स्थानीय स्वदेशी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान की रक्षा करता है और सुनिश्चित करता है कि इसे बिना उचित स्वीकृति के दुरुपयोग न किया जाए। हाल ही में, NBA ने सांस्कृतिक और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए पहल की है।
**3. हाल की पहलों
NBA ने “नागोया प्रोटोकॉल” के कार्यान्वयन में भूमिका निभाई है, जो जैव संसाधनों की पहुँच और लाभ साझा करने से संबंधित है। इसके अतिरिक्त, जैव विविधता विरासत स्थलों के संरक्षण में भी इसका योगदान है।
**4. चुनौतियाँ
NBA को सीमित संसाधन, प्रशासनिक अड़चनें, और नीतियों के स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सारांश में, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण जैव विविधता के संरक्षण, संसाधनों की पहुँच की नियामकता, और पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, हालांकि इसे विभिन्न कार्यान्वयन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
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