‘लांन-वुल्फ़’ हमले आतंकवाद के नए चेहरे के रूप में विकसित हुए है तथा ये आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए विशिष्ट चुनौतियां उत्पन्न कर रहे हैं। चर्चा कीजिए। साथ ही, इस संदर्भ में भारत की सुभेद्यताओं पर प्रकाश डालिए। (150 ...
परिचय आतंकवाद-प्रभावित क्षेत्रों में जनसमुदाय का विश्वास बहाल करने के लिए 'दिल और दिमाग' जीतना एक महत्वपूर्ण रणनीति है। जम्मू और कश्मीर में, सरकार ने विकास, संवाद और युवाओं के सशक्तिकरण पर आधारित विभिन्न उपाय अपनाए हैं ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके और शांति स्थापित हो सके। विकासात्मक पहल सरकार नRead more
परिचय
आतंकवाद-प्रभावित क्षेत्रों में जनसमुदाय का विश्वास बहाल करने के लिए ‘दिल और दिमाग’ जीतना एक महत्वपूर्ण रणनीति है। जम्मू और कश्मीर में, सरकार ने विकास, संवाद और युवाओं के सशक्तिकरण पर आधारित विभिन्न उपाय अपनाए हैं ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके और शांति स्थापित हो सके।
विकासात्मक पहल
सरकार ने जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री विकास पैकेज (PMDP) के तहत बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। हाल के वर्षों में नए मेडिकल कॉलेजों और सड़क संपर्क परियोजनाओं की शुरुआत से क्षेत्र में जीवन स्तर और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है, जिससे आतंकवाद का समर्थन कम हुआ है।
युवाओं के साथ जुड़ाव
युवाओं को आतंकवाद से दूर रखने के लिए “मिशन यूथ” जैसी योजनाओं के माध्यम से कौशल विकास, छात्रवृत्ति और रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अलावा, उड़ान योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण और नौकरी के अवसर दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी आकांक्षाओं को एक सकारात्मक दिशा मिल रही है।
संवाद और सामान्य स्थिति बहाल करना
सरकार ने स्थानीय नेताओं और समुदायों के साथ बैक-चैनल वार्ता शुरू की है, जिससे विश्वास बहाली हो सके। इसके अलावा, “स्पोर्ट्स फॉर पीस” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है, जो सामान्य स्थिति और एकता की भावना को पुनः स्थापित कर रहे हैं।
निष्कर्ष
जम्मू-कश्मीर में जनसमुदाय का विश्वास जीतने के लिए सरकार द्वारा अपनाए गए विकास, संवाद और सशक्तिकरण के उपाय शांति और स्थिरता लाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
'लोन वुल्फ' हमले, जहाँ एक व्यक्ति या छोटे समूह स्वतंत्र रूप से हमला करता है, आतंकवाद का नया चेहरा बन चुका है। इन हमलों की विशिष्ट विशेषताएँ हैं—इनमें जटिल संगठनात्मक ढांचे की कमी होती है और इनकी योजना अक्सर छोटे पैमाने पर होती है। यह आतंकवाद को जटिल और अप्रत्याशित बना देता है, जिससे पहचान और रोकथामRead more
‘लोन वुल्फ’ हमले, जहाँ एक व्यक्ति या छोटे समूह स्वतंत्र रूप से हमला करता है, आतंकवाद का नया चेहरा बन चुका है। इन हमलों की विशिष्ट विशेषताएँ हैं—इनमें जटिल संगठनात्मक ढांचे की कमी होती है और इनकी योजना अक्सर छोटे पैमाने पर होती है। यह आतंकवाद को जटिल और अप्रत्याशित बना देता है, जिससे पहचान और रोकथाम की प्रक्रिया कठिन हो जाती है।
भारत की सुभेद्यताएँ:
इन चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत को बेहतर खुफिया और निगरानी प्रणालियाँ, और समर्पित काउंटर-टेररिज़्म उपायों को लागू करने की आवश्यकता है।
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