गीता का ‘अनासक्त योग’ क्या है? सिविल सेवकों के लिये यह क्या संदेश देता है? व्याख्या कीजिये। (200 Words) [UPPSC 2020]
'लोक सेवक' और लोक सेवा के लिए आवश्यक अभिक्षमता 1. लोक सेवक: लोक सेवक वह व्यक्ति है जो सरकारी पद पर कार्यरत होता है और जनता की सेवा में समर्पित रहता है। इसमें आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल होते हैं, जिनका मुख्य कर्तव्य जनता की समस्याओं का समाधान और सरकारी नीतियों का कार्यान्वयन कRead more
‘लोक सेवक’ और लोक सेवा के लिए आवश्यक अभिक्षमता
1. लोक सेवक: लोक सेवक वह व्यक्ति है जो सरकारी पद पर कार्यरत होता है और जनता की सेवा में समर्पित रहता है। इसमें आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल होते हैं, जिनका मुख्य कर्तव्य जनता की समस्याओं का समाधान और सरकारी नीतियों का कार्यान्वयन करना होता है।
2. आवश्यक अभिक्षमताएँ:
- विश्लेषणात्मक सोच: जटिल समस्याओं का समाधान करने के लिए आवश्यक है। उदाहरण के लिए, कोविड-19 संकट के दौरान, आईएएस अधिकारियों ने स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण कर प्रभावी नीतियाँ लागू कीं।
- निर्णय लेने की क्षमता: समय पर और सटीक निर्णय लेना जरूरी है। जैसे कि लॉकडाउन के फैसले और वैकसीन वितरण योजना में तत्काल निर्णय लेना अनिवार्य था।
- अंतरवैयक्तिक कौशल: सकारात्मक संवाद और सहानुभूति आवश्यक हैं। स्वच्छ भारत मिशन में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अधिकारियों ने प्रभावी संवाद कौशल का प्रयोग किया।
लोक सेवक के रूप में, इन अभिक्षमताओं का होना समाज की सेवा और प्रभावी शासन में सहायक होता है।
See less
अनासक्त योग' भगवद गीता के चतुर्थ अध्याय में वर्णित एक महत्वपूर्ण योग है, जो कर्मों को बिना किसी व्यक्तिगत आशक्ति के करने की कला को दर्शाता है। इसमें क्रियाशीलता को केवल अपने कर्तव्यों के निर्वहन के रूप में देखा जाता है, बिना किसी परिणाम की चिंता किए। यह सिद्धांत असफलता और सफलता दोनों पर समान दृष्टिकRead more
अनासक्त योग’ भगवद गीता के चतुर्थ अध्याय में वर्णित एक महत्वपूर्ण योग है, जो कर्मों को बिना किसी व्यक्तिगत आशक्ति के करने की कला को दर्शाता है। इसमें क्रियाशीलता को केवल अपने कर्तव्यों के निर्वहन के रूप में देखा जाता है, बिना किसी परिणाम की चिंता किए। यह सिद्धांत असफलता और सफलता दोनों पर समान दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह देता है।
सिविल सेवकों के लिए संदेश:
निष्कर्ष: ‘अनासक्त योग’ सिविल सेवकों को अपनी कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठा और समर्पण से करने की सलाह देता है, बिना परिणाम की चिंता किए। यह सिद्धांत धैर्य, संतुलन, और प्रोफेशनलिज़्म बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है, जो सरकारी कार्यों में सच्ची सेवा और प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करता है।
See less