प्रश्न का उत्तर अधिकतम 50 शब्दों/5 से 6 पंक्तियाँ में दीजिए। यह प्रश्न 05 अंक का है। [MPPSC 2023] भ्रष्टाचार की पारिभाषिक जटिलता की विवेचना कीजिये।
केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर राष्ट्रपति की नियुक्ति केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह और चयन के आधार पर की जाए। नियुक्ति की प्रक्रिया चRead more
केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति
प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर राष्ट्रपति की नियुक्ति
केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह और चयन के आधार पर की जाए।
नियुक्ति की प्रक्रिया
- चयन समिति: केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति एक चयन समिति द्वारा की जाती है, जिसमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं। यह समिति उम्मीदवार के नाम की अनुशंसा करती है।
- प्रधानमंत्री की भूमिका: चयन समिति के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं।
हालिया उदाहरण
- सुरेश एन. पटेल (2020): सुरेश एन. पटेल को अप्रैल 2020 में केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री और चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई थी। पटेल ने बैंकिंग क्षेत्र में अपने अनुभव के लिए पहचान बनाई थी और सतर्कता तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- प्रदीप कुमार मोहंती (2023): अगस्त 2023 में प्रदीप कुमार मोहंती को केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर की गई थी। मोहंती, जिन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में अपनी सेवा दी थी, भ्रष्टाचार और सतर्कता मामलों के प्रबंधन में उनके अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
निष्कर्ष
केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें प्रधानमंत्री की भूमिका केंद्रीय होती है। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर नियुक्ति करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि एक सक्षम व्यक्ति इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुना जाए।
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भ्रष्टाचार की पारिभाषिक जटिलता: विवेचना परिचय भ्रष्टाचार एक जटिल और बहुपरकारी समस्या है, जिसकी पारिभाषिक जटिलता विभिन्न संदर्भों और प्रकारों के आधार पर उत्पन्न होती है। इस जटिलता को समझना आवश्यक है ताकि प्रभावी रूप से भ्रष्टाचार का निवारण किया जा सके। 1. परिभाषाओं की विविधता संदर्भानुसार भिन्नता: भ्Read more
भ्रष्टाचार की पारिभाषिक जटिलता: विवेचना
परिचय
भ्रष्टाचार एक जटिल और बहुपरकारी समस्या है, जिसकी पारिभाषिक जटिलता विभिन्न संदर्भों और प्रकारों के आधार पर उत्पन्न होती है। इस जटिलता को समझना आवश्यक है ताकि प्रभावी रूप से भ्रष्टाचार का निवारण किया जा सके।
1. परिभाषाओं की विविधता
2. भ्रष्टाचार के विभिन्न रूप
3. कानूनी और नैतिक दृष्टिकोण
4. वैश्वीकरण का प्रभाव
5. समय के साथ परिवर्तन
निष्कर्ष
भ्रष्टाचार की पारिभाषिक जटिलता विभिन्न सांस्कृतिक और कानूनी संदर्भों, विभिन्न रूपों, कानूनी और नैतिक दृष्टिकोण, वैश्वीकरण के प्रभाव और समय के साथ परिभाषाओं के विकास से उत्पन्न होती है। हाल के उदाहरण इन जटिलताओं को स्पष्ट करते हैं और भ्रष्टाचार के प्रभावी निवारण के लिए व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
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