परि-प्रशान्त क्षेत्र के भू-भौतिकीय अभिलक्षणों का विवेचन कीजिए। (150 words)[UPSC 2020]
समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ और विश्व के मत्स्य उद्योग में उनके योगदान समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ: पारंपरिक और कोरियोलिस प्रभाव: समुद्री धाराओं की दिशा पर पारंपरिक और कोरियोलिस प्रभाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण, उत्तरी गोलार्ध में धRead more
समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ और विश्व के मत्स्य उद्योग में उनके योगदान
समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ:
- पारंपरिक और कोरियोलिस प्रभाव: समुद्री धाराओं की दिशा पर पारंपरिक और कोरियोलिस प्रभाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण, उत्तरी गोलार्ध में धाराएँ दाएँ और दक्षिणी गोलार्ध में बाएँ मुड़ती हैं, जैसे गुल्फ स्ट्रीम और कंबल धारा।
- पारिस्थितिकीय कारक: समुद्री धाराएँ सतही और गहरे जल तापमान के भिन्नता से प्रभावित होती हैं। उदाहरण के तौर पर, अलास्का की ठंडी धाराएँ और गर्म समुद्री धाराएँ जो भूमध्य सागर में पाई जाती हैं, मत्स्य जीवन को प्रभावित करती हैं।
- वायु और जलवायु: मौसमी वायु प्रवाह और जलवायु परिवर्तन भी समुद्री धाराओं को प्रभावित करते हैं। एल नीनो और ला नीना जैसे जलवायु घटनाएँ वैश्विक समुद्री धाराओं को प्रभावित करती हैं।
- तटीय भौगोलिक संरचनाएँ: तटीय इलाकों की भौगोलिक संरचना धाराओं की दिशा और गति को प्रभावित करती है। जैसे हवाना की खाड़ी में प्रवाह पर तटीय संरचनाओं का प्रभाव देखा जा सकता है।
विश्व के मत्स्य उद्योग में योगदान:
- मत्स्य विविधता: समुद्री धाराएँ मत्स्य विविधता को बढ़ावा देती हैं। गुल्फ स्ट्रीम की गर्म धाराएँ अटलांटिक सैल्मन जैसे महत्वपूर्ण मत्स्य प्रजातियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं।
- पारिस्थितिक संतुलन: धाराएँ समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में मदद करती हैं, जिससे मत्स्य संसाधनों की स्थिरता सुनिश्चित होती है। प्रशांत महासागर के उपोष्णकटिबंधीय धाराएँ यहाँ की मत्स्य प्रजातियों के प्रवास और प्रजनन को प्रभावित करती हैं।
- आर्थिक योगदान: धाराओं से प्रभावित क्षेत्रीय मत्स्य उद्योगों में प्रमुख उत्पादक देश जैसे नॉर्वे और चिली का आर्थिक योगदान महत्वपूर्ण है। चिली की धाराएँ वहाँ के सैल्मन उद्योग को समर्थन देती हैं।
निष्कर्ष: समुद्री धाराएँ विभिन्न प्राकृतिक शक्तियों द्वारा प्रभावित होती हैं, जो मत्स्य जीवन और विश्व मत्स्य उद्योग पर गहरा असर डालती हैं। धाराओं की दिशा और विशेषताएँ मत्स्य विविधता, पारिस्थितिक संतुलन, और आर्थिक योगदान को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं।
See less
परि-प्रशान्त क्षेत्र के भू-भौतिकीय अभिलक्षण भौगोलिक स्थिति और सीमा: परि-प्रशान्त क्षेत्र (Pacific Ring of Fire) एक भूगर्भीय क्षेत्र है जो प्रशान्त महासागर के चारों ओर स्थित है। यह क्षेत्र ध्रुवीय आर्कटिक से लेकर दक्षिणी अमेरिका तक फैला हुआ है और इसे विवर्तनशील भू-गर्भीय गतिविधियाँ के लिए जाना जाता हRead more
परि-प्रशान्त क्षेत्र के भू-भौतिकीय अभिलक्षण
भौगोलिक स्थिति और सीमा: परि-प्रशान्त क्षेत्र (Pacific Ring of Fire) एक भूगर्भीय क्षेत्र है जो प्रशान्त महासागर के चारों ओर स्थित है। यह क्षेत्र ध्रुवीय आर्कटिक से लेकर दक्षिणी अमेरिका तक फैला हुआ है और इसे विवर्तनशील भू-गर्भीय गतिविधियाँ के लिए जाना जाता है।
भू-भौतिकीय अभिलक्षण:
हाल के उदाहरण:
निष्कर्ष:
परि-प्रशान्त क्षेत्र के भू-भौतिकीय अभिलक्षण, जैसे कि भूकंप क्षेत्रों, ज्वालामुखीय गतिविधियाँ, और सुनामी उत्पत्ति, इस क्षेत्र की भौगोलिक और भूकंपीय प्रकृति को स्पष्ट करते हैं। ये अभिलक्षण वैश्विक भू-गर्भीय प्रक्रियाओं और प्राकृतिक आपदाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
See less