समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ कौन सी हैं? विश्व के मत्स्य उद्योग में इनके योगदान का वर्णन करें। (250 words) [UPSC 2022]
परि-प्रशान्त क्षेत्र के भू-भौतिकीय अभिलक्षण भौगोलिक स्थिति और सीमा: परि-प्रशान्त क्षेत्र (Pacific Ring of Fire) एक भूगर्भीय क्षेत्र है जो प्रशान्त महासागर के चारों ओर स्थित है। यह क्षेत्र ध्रुवीय आर्कटिक से लेकर दक्षिणी अमेरिका तक फैला हुआ है और इसे विवर्तनशील भू-गर्भीय गतिविधियाँ के लिए जाना जाता हRead more
परि-प्रशान्त क्षेत्र के भू-भौतिकीय अभिलक्षण
भौगोलिक स्थिति और सीमा: परि-प्रशान्त क्षेत्र (Pacific Ring of Fire) एक भूगर्भीय क्षेत्र है जो प्रशान्त महासागर के चारों ओर स्थित है। यह क्षेत्र ध्रुवीय आर्कटिक से लेकर दक्षिणी अमेरिका तक फैला हुआ है और इसे विवर्तनशील भू-गर्भीय गतिविधियाँ के लिए जाना जाता है।
भू-भौतिकीय अभिलक्षण:
- भूकंप क्षेत्रों: परि-प्रशान्त क्षेत्र में भूकंपों की उच्च आवृत्ति देखी जाती है। जैसे कि 2011 का जापान भूकंप और 2010 का चिली भूकंप, जो इस क्षेत्र में भूकंपीय सक्रियता को दर्शाते हैं।
- ज्वालामुखीय गतिविधियाँ: इस क्षेत्र में ज्वालामुखीय गतिविधियाँ बहुत सामान्य हैं। माउंट फुजी (जापान), माउंट सेंट हेलेन्स (अमेरिका), और माउंट पिनातुबो (फिलीपींस) जैसे प्रमुख ज्वालामुखी इस क्षेत्र में स्थित हैं।
- सुनामी उत्पत्ति: सुनामी अक्सर परि-प्रशान्त क्षेत्र के भूकंपों और ज्वालामुखीय विस्फोटों के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती हैं। 2004 का भारतीय महासागर सुनामी और 2011 का जापानी सुनामी इसके उदाहरण हैं।
हाल के उदाहरण:
- भूकंप और सुनामी: 2021 में पापुआ न्यू गिनी में भूकंप और 2018 में इंडोनेशिया में सुनामी ने परि-प्रशान्त क्षेत्र की भूकंपीय और ज्वालामुखीय सक्रियता को उजागर किया।
- जलवायु परिवर्तन: जलवायु परिवर्तन और सागरीय स्तर में वृद्धि भी परि-प्रशान्त क्षेत्र के तटीय और ज्वालामुखीय क्षेत्रों को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे सुनामी की संभावना और भूकंपीय गतिविधियाँ बढ़ रही हैं।
निष्कर्ष:
परि-प्रशान्त क्षेत्र के भू-भौतिकीय अभिलक्षण, जैसे कि भूकंप क्षेत्रों, ज्वालामुखीय गतिविधियाँ, और सुनामी उत्पत्ति, इस क्षेत्र की भौगोलिक और भूकंपीय प्रकृति को स्पष्ट करते हैं। ये अभिलक्षण वैश्विक भू-गर्भीय प्रक्रियाओं और प्राकृतिक आपदाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ और विश्व के मत्स्य उद्योग में उनके योगदान समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ: पारंपरिक और कोरियोलिस प्रभाव: समुद्री धाराओं की दिशा पर पारंपरिक और कोरियोलिस प्रभाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण, उत्तरी गोलार्ध में धRead more
समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ और विश्व के मत्स्य उद्योग में उनके योगदान
समुद्री धाराओं को प्रभावित करने वाली शक्तियाँ:
विश्व के मत्स्य उद्योग में योगदान:
निष्कर्ष: समुद्री धाराएँ विभिन्न प्राकृतिक शक्तियों द्वारा प्रभावित होती हैं, जो मत्स्य जीवन और विश्व मत्स्य उद्योग पर गहरा असर डालती हैं। धाराओं की दिशा और विशेषताएँ मत्स्य विविधता, पारिस्थितिक संतुलन, और आर्थिक योगदान को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं।
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