गोंडवानालैंड के देशों में से एक होने के बावजूद भारत के खनन उद्योग अपने सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) में बहुत कम प्रतिशत का योगदान देते हैं। विवेचना कीजिए । (150 words)[UPSC 2021]
भारत में कोयला वितरण: भारत में कोयला वितरण विभिन्न राज्यों में असमान रूप से फैला हुआ है, और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यतः निम्नलिखित क्षेत्रों में कोयला पाया जाता है: झारखंड: मुख्य क्षेत्र: धनबाद, रामगढ़, बोकारो। विशेषताएँ: झारखंड भारत का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य हRead more
भारत में कोयला वितरण:
भारत में कोयला वितरण विभिन्न राज्यों में असमान रूप से फैला हुआ है, और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यतः निम्नलिखित क्षेत्रों में कोयला पाया जाता है:
- झारखंड:
- मुख्य क्षेत्र: धनबाद, रामगढ़, बोकारो।
- विशेषताएँ: झारखंड भारत का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है और यहाँ उच्च गुणवत्ता का ‘ए’ ग्रेड कोयला मिलता है।
- छत्तीसगढ़:
- मुख्य क्षेत्र: सरगुजा, कोरबा, बस्तर।
- विशेषताएँ: छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर ‘बी’ और ‘सी’ ग्रेड का कोयला पाया जाता है।
- ओडिशा:
- मुख्य क्षेत्र: सुंदरगढ़, कटक, झारसुगुड़ा।
- विशेषताएँ: ओडिशा में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले के साथ-साथ विविध प्रकार के कोयला भंडार हैं।
- पश्चिम बंगाल:
- मुख्य क्षेत्र: दामोदर घाटी।
- विशेषताएँ: यहाँ के कोलियरीज़ जैसे कि आसनसोल और दुर्गापुर प्रमुख कोयला उत्पादन क्षेत्रों में शामिल हैं।
- मध्य प्रदेश:
- मुख्य क्षेत्र: सिंगरौली।
- विशेषताएँ: सिंगरौली क्षेत्र में अच्छा क्वालिटी का ‘बी’ ग्रेड कोयला मिलता है, जो बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है।
- असम और मेघालय:
- मुख्य क्षेत्र: कछार, जयंतिया और खासी हिल्स।
- विशेषताएँ: इन क्षेत्रों में छोटे स्तर पर कोयला उत्पादन होता है, जो स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करता है।
कोयला वितरण भारत की ऊर्जा आपूर्ति और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इसके वितरण की असमानता ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास के स्तर को प्रभावित किया है, साथ ही कोयला खनन और उपयोग की दिशा में भी चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं।
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गोंडवानालैंड के देशों में भारत के खनन उद्योग का जी.डी.पी. में कम योगदान खनन संसाधनों की प्रचुरता: भौगोलिक विशेषता: भारत गोंडवानालैंड के प्राचीन भाग में स्थित है, जहाँ खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। इसके बावजूद, खनिज जैसे कोयला, लौह अयस्क, और बauxite का जी.डी.पी. में योगदान अपेक्षाकृत कम है। संघर्ष औरRead more
गोंडवानालैंड के देशों में भारत के खनन उद्योग का जी.डी.पी. में कम योगदान
खनन संसाधनों की प्रचुरता:
संघर्ष और अवसंरचना:
आर्थिक और पर्यावरणीय कारण:
इन कारणों से, भारत के खनन उद्योग का जी.डी.पी. में योगदान अपेक्षाकृत कम है, जबकि गोंडवानालैंड में खनिज संसाधनों की प्रचुरता मौजूद है।
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