प्रश्न का उत्तर अधिकतम 50 शब्दों/5 से 6 पंक्तियाँ में दीजिए। यह प्रश्न 05 अंक का है। [MPPSC 2023] भू-तापीय ऊर्जा से बिजली कैसे बनती है?
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन (JNNSM) कब प्रारंभ किया गया था? परिचय जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन (JNNSM) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूत करना है। यह मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लRead more
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन (JNNSM) कब प्रारंभ किया गया था?
परिचय
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन (JNNSM) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूत करना है। यह मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
JNNSM की शुरुआत
1. प्रारंभिक तारीख: जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन (JNNSM) की शुरुआत 11 जनवरी 2010 को की गई थी। इसे भारत सरकार ने सौर ऊर्जा के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया।
2. उद्देश्य: इस मिशन का मुख्य उद्देश्य 2022 तक सौर ऊर्जा से 20,000 मेगावाट बिजली उत्पादन करना है। इसमें सौर ऊर्जा को एक प्रमुख ऊर्जा स्रोत के रूप में स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
3. प्रमुख पहल:
- सौर पार्कों की स्थापना: JNNSM के तहत, सौर पार्कों की स्थापना की गई है, जैसे कि कच्छ सौर पार्क, जो भारत के सबसे बड़े सौर ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है।
- सौर छत परियोजनाएँ: मिशन के तहत, छोटे सौर पैनल सिस्टम की स्थापना को प्रोत्साहित किया गया है, जिससे घरेलू और वाणिज्यिक उपयोगकर्ता सौर ऊर्जा का उपयोग कर सकें।
4. हालिया उदाहरण:
- लद्दाख में सौर परियोजना: हाल ही में, लद्दाख में 7.5 गीगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना की घोषणा की गई है, जो JNNSM के उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- सौर ऊर्जा से संबंधित नए नीतिगत सुधार: भारत सरकार ने हाल ही में सौर ऊर्जा की कीमतों को कम करने और प्रौद्योगिकी को उन्नत करने के लिए नई नीतियों की घोषणा की है।
निष्कर्ष
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन (JNNSM) की शुरुआत 11 जनवरी 2010 को की गई थी। इस मिशन ने भारत को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति करने में सक्षम बनाया है और ऊर्जा सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
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भू-तापीय ऊर्जा पृथ्वी की सतह के नीचे संग्रहीत गर्मी से प्राप्त की जाती है। इस गर्मी को विभिन्न विधियों के माध्यम से बिजली उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है। भू-तापीय ऊर्जा का उपयोग करने की प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण चरण और प्रौद्योगिकियाँ शामिल होती हैं। मुख्य बिंदु: भू-तापीय ऊर्जा की समझ भू-तRead more
भू-तापीय ऊर्जा पृथ्वी की सतह के नीचे संग्रहीत गर्मी से प्राप्त की जाती है। इस गर्मी को विभिन्न विधियों के माध्यम से बिजली उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है। भू-तापीय ऊर्जा का उपयोग करने की प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण चरण और प्रौद्योगिकियाँ शामिल होती हैं।
मुख्य बिंदु:
निष्कर्ष
भू-तापीय ऊर्जा से बिजली उत्पन्न करने की प्रक्रिया में पृथ्वी की सतह के नीचे की गर्मी का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है। ड्राई स्टीम, फ्लैश स्टीम, और बाइनरी साइकिल प्लांट्स जैसे विभिन्न विधियाँ इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं। हाल के उदाहरण जैसे गिज़र, हेलिसेइड़ी पावर स्टेशन, और क्राफला प्लांट भू-तापीय ऊर्जा के व्यावहारिक अनुप्रयोग और लाभों को प्रदर्शित करते हैं। जबकि भू-तापीय ऊर्जा स्थिरता और कम उत्सर्जन जैसे महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है, यह स्थान, लागत और संभावित सिस्मिक प्रभावों से संबंधित चुनौतियों का सामना करती है। कुल मिलाकर, भू-तापीय ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर वैश्विक शिफ्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और एक स्थिर और सस्टेनेबल ऊर्जा आपूर्ति में योगदान करती है।
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