पश्चिमी बंगाल के हुगली भूभाग में पटसन उद्योग की सघनता के क्या कारण हैं? [उत्तर सीमा: 50 शब्द] [UKPSC 2016]
बौद्ध धर्म के पतन के कई कारण रहे। सामाजिक परिवर्तन: समय के साथ, बौद्ध धर्म का समर्थन करने वाले राजाओं और सामंतों की कमी हुई। जैन धर्म और हिंदू धर्म ने पुनः लोकप्रियता प्राप्त की। धार्मिक प्रतिस्पर्धा: हिंदू धर्म ने अपने भीतर सुधार और पुनर्जागरण की प्रक्रिया अपनाई, जिससे कई बौद्ध अनुयायी हिंदू धर्म कRead more
बौद्ध धर्म के पतन के कई कारण रहे।
- सामाजिक परिवर्तन: समय के साथ, बौद्ध धर्म का समर्थन करने वाले राजाओं और सामंतों की कमी हुई। जैन धर्म और हिंदू धर्म ने पुनः लोकप्रियता प्राप्त की।
- धार्मिक प्रतिस्पर्धा: हिंदू धर्म ने अपने भीतर सुधार और पुनर्जागरण की प्रक्रिया अपनाई, जिससे कई बौद्ध अनुयायी हिंदू धर्म की ओर मुड़े।
- संप्रदायिक विभाजन: बौद्ध धर्म में विभिन्न संप्रदायों का उदय हुआ, जिससे एकता की कमी हुई और विभिन्न विचारधाराओं में विभाजन बढ़ा।
- स्थायी संस्थानों का अभाव: बौद्ध मठ और विश्वविद्यालय धीरे-धीरे समाप्त होने लगे, जिससे शिक्षा और अनुशासन में कमी आई।
- इस्लामी आक्रमण: मध्यकाल में इस्लामी आक्रमणों ने बौद्ध मठों और संस्थानों को नष्ट किया, जिससे बौद्ध धर्म को भारी क्षति हुई।
इन सभी कारणों ने मिलकर बौद्ध धर्म के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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पश्चिमी बंगाल के हुगली भूभाग में पटसन उद्योग की सघनता के प्रमुख कारण हैं: उपयुक्त जलवायु, गंगा नदी का निकटता, अच्छी परिवहन सुविधाएँ, कच्चे माल की उपलब्धता, और सस्ती श्रम शक्ति। यहाँ की प्रौद्योगिकी और औद्योगिक बुनियादी ढाँचा भी इस उद्योग के विकास में सहायक हैं।
पश्चिमी बंगाल के हुगली भूभाग में पटसन उद्योग की सघनता के प्रमुख कारण हैं: उपयुक्त जलवायु, गंगा नदी का निकटता, अच्छी परिवहन सुविधाएँ, कच्चे माल की उपलब्धता, और सस्ती श्रम शक्ति। यहाँ की प्रौद्योगिकी और औद्योगिक बुनियादी ढाँचा भी इस उद्योग के विकास में सहायक हैं।
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