प्रश्न का उत्तर अधिकतम 200 शब्दों में दीजिए। यह प्रश्न 11 अंक का है। [MPPSC 2022] हाइड्रोजन परमाणु के लिए बोहर मॉडल के अभिधारणाओं की व्याख्या कीजिए।
जैव प्रौद्योगिकी में भारत की मुख्य उपलब्धियाँ स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्धियाँ: COVID-19 टीके: भारत ने ‘कोवैक्सिन’ और ‘कोविशील्ड’ जैसे COVID-19 टीकों का सफलतापूर्वक विकास किया है। ये टीके न केवल महामारी को नियंत्रित करने में सहायक रहे हैं बल्कि गरीब और वंचित वर्गों के लिए सस्ती स्वास्थ्यRead more
जैव प्रौद्योगिकी में भारत की मुख्य उपलब्धियाँ
- स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्धियाँ:
- COVID-19 टीके: भारत ने ‘कोवैक्सिन’ और ‘कोविशील्ड’ जैसे COVID-19 टीकों का सफलतापूर्वक विकास किया है। ये टीके न केवल महामारी को नियंत्रित करने में सहायक रहे हैं बल्कि गरीब और वंचित वर्गों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं।
- जीन थेरपी: ‘जीन थेरपी’ और ‘अनुवांशिक बीमारियों’ के उपचार में प्रगति ने गंभीर बीमारियों के इलाज में नई संभावनाएँ खोली हैं।
- कृषि क्षेत्र में उपलब्धियाँ:
- जीएम फसलें: ‘Bt कपास’ और ‘जीएम चाय’ जैसी फसलें किसानों को कीट नियंत्रण और बेहतर उत्पादन में मदद करती हैं। ये फसलें उत्पादकता बढ़ाती हैं और कृषकों की आय में सुधार करती हैं।
- स्मार्ट कृषि तकनीक: ‘स्मार्ट कृषि समाधान’ जैसे सटीक कृषि और जल प्रबंधन तकनीकों ने फसल उत्पादन में सुधार किया है और संसाधनों की सहमति बढ़ाई है।
- आवश्यक वस्त्र और दवाएँ:
- सस्ते दवाएँ: भारत ने ‘बायोफार्मास्युटिकल्स’ जैसे सस्ते दवाओं का उत्पादन बढ़ाया है, जो गरीब वर्ग के लिए उपलब्धता और सस्ती चिकित्सा सुनिश्चित करती हैं।
गरीब वर्ग के उत्थान में मदद
- स्वास्थ्य में सुधार: सस्ते और प्रभावी टीके और दवाएँ गरीबों को उपलब्धता और सस्ती चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करती हैं, जिससे स्वास्थ्य में सुधार होता है और बीमारियों से बचाव होता है।
- कृषि में प्रगति: जैव प्रौद्योगिकी द्वारा फसल उत्पादन और कृषकों की आय में सुधार गरीब किसानों को आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक स्थिति में सुधार प्रदान करती है।
- सामाजिक और आर्थिक लाभ: सस्ते दवाएँ और उन्नत कृषि तकनीकें गरीब वर्ग को आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती हैं, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।
हालिया उदाहरण: 2023 में, भारत ने ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत सस्ती बायोफार्मास्युटिकल्स और स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक रूप से उपलब्ध कराया है, जो गरीब वर्ग के स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायक रही है।
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परिचय: 1913 में नील्स बॉहर द्वारा प्रस्तुत किया गया हाइड्रोजन परमाणु का मॉडल, परमाणु सिद्धांत में एक महत्वपूर्ण कदम था। यह मॉडल परमाणुओं की स्थिरता और हाइड्रोजन के विशेष वर्णक्रम को समझाने में सहायक था। बॉहर मॉडल के अभिधारणाएँ: क्वांटाइज्ड ऑर्बिट्स: विवरण: इलेक्ट्रॉन केवल कुछ विशिष्ट स्थिर पथों (ऑर्Read more
परिचय: 1913 में नील्स बॉहर द्वारा प्रस्तुत किया गया हाइड्रोजन परमाणु का मॉडल, परमाणु सिद्धांत में एक महत्वपूर्ण कदम था। यह मॉडल परमाणुओं की स्थिरता और हाइड्रोजन के विशेष वर्णक्रम को समझाने में सहायक था।
बॉहर मॉडल के अभिधारणाएँ:
L=nℏ द्वारा व्यक्त किया जाता है, जहाँ
n एक सकारात्मक पूर्णांक (क्वांटम संख्या) है और
ℏ प्लांक स्थिरांक है।
n की अवधारणा को भी पेश करती है, जो ऑर्बिट के आकार और ऊर्जा को निर्धारित करती है।
निष्कर्ष: बॉहर का मॉडल, जिसमें क्वांटाइज्ड ऑर्बिट्स, ऊर्जा स्तरों, कोणीय संवेग का क्वांटाइजेशन और राइडबर्ग सूत्र शामिल हैं, परमाणु सिद्धांत में एक महत्वपूर्ण उन्नति थी। यह अभिधारण हाइड्रोजन परमाणु की स्थिरता और उसके वर्णक्रमीय रेखाओं को समझने में सहायक हैं। बॉहर मॉडल की अवधारणाएँ आज भी आधुनिक वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियों में महत्वपूर्ण हैं, जैसे क्वांटम डॉट्स, MRI, और लेजर स्पेक्ट्रोस्कोपी।
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