संभाव्य स० घ०उ० (जी० डी० पी०) को परिभाषित कीजिए तथा उसके निर्धारकों की व्याख्या कीजिए। वे कौन-से कारक हैं, जो भारत को अपने संभाव्य स० घ० उ० (जी० डी० पी०) को साकार करने से रोकते रहे हैं? (150 words) [UPSC ...
भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) में सम्मिलित अप्रत्यक्ष कर 1. केंद्रीय उत्पाद शुल्क: उपभोक्ता वस्तुओं पर कर: पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क केवल विनिर्माण पर लागू होता था। GST के तहत इसे समाप्त कर दिया गया और अब समान कर दर लागू की जाती है। 2. सेवा कर: सेवाओं पर कर: सेवा कर, जो विभिन्न सेवाओं पर लगाया जRead more
भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) में सम्मिलित अप्रत्यक्ष कर
1. केंद्रीय उत्पाद शुल्क:
- उपभोक्ता वस्तुओं पर कर: पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क केवल विनिर्माण पर लागू होता था। GST के तहत इसे समाप्त कर दिया गया और अब समान कर दर लागू की जाती है।
2. सेवा कर:
- सेवाओं पर कर: सेवा कर, जो विभिन्न सेवाओं पर लगाया जाता था, GST के अंतर्गत समाहित हो गया है, जिससे एकीकृत कर प्रणाली लागू हो गई।
3. वैल्यू एडे़ड टैक्स (VAT):
- राज्यस्तरीय वस्तु कर: VAT, जो वस्तुओं की बिक्री पर राज्य स्तर पर लागू होता था, GST के तहत समाप्त हो गया है।
4. केंद्रीय बिक्री कर (CST):
- आंतर-राज्य बिक्री पर कर: CST, जो आंतर-राज्य बिक्री पर लागू होता था, GST के अंतर्गत समाप्त कर दिया गया।
5. प्रवेश कर:
- राज्य के भीतर वस्तुओं की आवाजाही पर कर: प्रवेश कर, जो राज्य स्तर पर लागू होता था, अब GST के तहत समाप्त हो गया है।
जीएसटी के राजस्व निहितार्थ
1. प्रारंभिक राजस्व कमी:
- राजस्व में कमी: GST के प्रारंभ में, राजस्व में कमी आई, क्योंकि कंप्लायंस और सिस्टम इंटीग्रेशन की समस्याएँ थीं।
2. राजस्व वृद्धि:
- सकारात्मक ट्रेंड: समय के साथ, GST संग्रह में सुधार हुआ है। जुलाई 2023 में, मासिक GST संग्रह ₹1.5 लाख करोड़ को पार कर गया।
3. राजस्व तटस्थ दर:
- वित्तीय प्रभाव: GST को राजस्व तटस्थ बनाए रखने का लक्ष्य था, लेकिन शुरुआती वर्षों में वित्तीय असर पड़ा।
4. आर्थिक स्थिरता और सुधार:
- प्रभावशीलता: GST ने केंद्रीय और राज्य करों के एकीकरण से व्यापार सुगमता में सुधार किया है, हालाँकि सुधार और समायोजन अभी भी जारी हैं।
संभाव्य सकल घरेलू उत्पाद (Potential GDP) की परिभाषा संभाव्य सकल घरेलू उत्पाद (Potential GDP) उस अधिकतम उत्पादन को दर्शाता है जो एक अर्थव्यवस्था अपने संसाधनों का पूर्ण उपयोग करते हुए, बिना महंगाई को उत्तेजित किए, प्राप्त कर सकती है। यह अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक उत्पादक क्षमता को मापता है। संभाव्य GDRead more
संभाव्य सकल घरेलू उत्पाद (Potential GDP) की परिभाषा
संभाव्य सकल घरेलू उत्पाद (Potential GDP) उस अधिकतम उत्पादन को दर्शाता है जो एक अर्थव्यवस्था अपने संसाधनों का पूर्ण उपयोग करते हुए, बिना महंगाई को उत्तेजित किए, प्राप्त कर सकती है। यह अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक उत्पादक क्षमता को मापता है।
संभाव्य GDP के निर्धारक:
भारत को संभाव्य GDP को साकार करने में बाधाएँ:
इन बाधाओं को दूर कर भारत अपनी संभाव्य GDP को साकार कर सकता है।
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