उत्तर प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों का विवरण दीजिये। (125 Words) [UPPSC 2018]
उत्तर प्रदेश में निचली गंगा नहर प्रणाली की मुख्य विशेषताएं और महत्व परिचय निचली गंगा नहर प्रणाली भारत की सबसे बड़ी सिंचाई प्रणालियों में से एक है, जिसका निर्माण 1878 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्रों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए गंगा नदी के जल काRead more
उत्तर प्रदेश में निचली गंगा नहर प्रणाली की मुख्य विशेषताएं और महत्व
परिचय
निचली गंगा नहर प्रणाली भारत की सबसे बड़ी सिंचाई प्रणालियों में से एक है, जिसका निर्माण 1878 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्रों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए गंगा नदी के जल का उपयोग करती है।
मुख्य विशेषताएं
- विस्तृत कवरेज: यह नहर प्रणाली लगभग 15 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को कवर करती है, जिसमें मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा जैसे जिले शामिल हैं।
- जल प्रबंधन: इसमें डायवर्जन वियर और उप-नहरों का नेटवर्क शामिल है, जो खेतों में प्रभावी ढंग से पानी का वितरण सुनिश्चित करता है, जिससे फसल की सिंचाई सुचारू होती है।
- मुख्य फसलें: यह प्रणाली मुख्य रूप से गेहूं, गन्ना और धान जैसी महत्वपूर्ण फसलों की सिंचाई में मदद करती है।
महत्व
- कृषि उत्पादकता: इस नहर प्रणाली ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे क्षेत्र का आर्थिक विकास हुआ है।
- सूखा प्रबंधन: यह प्रणाली सूखे के समय एक विश्वसनीय जल स्रोत के रूप में काम करती है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
निष्कर्ष
निचली गंगा नहर प्रणाली उत्तर प्रदेश की कृषि और आर्थिक स्थिरता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे सिंचाई और कृषि विकास को मजबूती मिलती है।
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उत्तर प्रदेश में पाये जाने वाले खनिज **1. मुख्य खनिज: चूना पत्थर: उत्तर प्रदेश में चूना पत्थर की महत्वपूर्ण खनिज depositें हैं, विशेषकर मिर्ज़ापुर और सोनभद्र जिलों में। यह सीमेंट निर्माण और भवन सामग्री के लिए आवश्यक है। बालू और बजरी: गंगा और यमुना नदी के तटों पर बालू और बजरी के बड़े भंडार हैं, जो निRead more
उत्तर प्रदेश में पाये जाने वाले खनिज
**1. मुख्य खनिज:
**2. अन्य खनिज:
**3. हालिया विकास: उत्तर प्रदेश सरकार सतत खनन प्रथाओं और खनिज क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे रही है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में चूना पत्थर, बालू, बजरी, कोयला, और बॉक्साइट के भंडार हैं, और वर्तमान में इन खनिजों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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