उत्तर लेखन की रणनीति
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भूमिका (Introduction)
- पर्यटन क्षेत्र के महत्व का संक्षिप्त परिचय।
- GDP और रोजगार में योगदान का उल्लेख।
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भारत में पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति (Current Status)
- महामारी के बाद की रिकवरी और वृद्धि की संभावनाएँ।
- आर्थिक योगदान, विदेशी पर्यटकों का आगमन, और रोजगार सृजन के आंकड़े।
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पर्यटन क्षेत्र का महत्त्व (Significance)
- आर्थिक उत्प्रेरक, सांस्कृतिक संरक्षण, और बुनियादी अवसंरचना विकास का योगदान।
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मुख्य चुनौतियाँ (Key Challenges)
- अवसंरचना विकास की असंगति।
- पर्यावरणीय चुनौतियाँ और अति-पर्यटन।
- घरेलू पर्यटन पर निर्भरता।
- सुरक्षा और संरक्षा संबंधी चिंताएँ।
- कुशल कार्यबल की कमी और वित्तपोषण की समस्याएँ।
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स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देने के उपाय (Measures for Sustainable Tourism)
- सरकारी नीतियाँ और कार्यक्रम।
- निजी क्षेत्र की भूमिका।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी का महत्व।
- समुदाय आधारित पर्यटन के अवसर।
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आगे की राह
- स्थायी पर्यटन के महत्व का पुनरुत्थान।
- सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता और संभावनाएँ।
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भारत में पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति
भारत का पर्यटन क्षेत्र कोविड-19 के बाद तेजी से पुनर्प्राप्त हो रहा है। 2021 में, यह विश्व के जीडीपी में 10वें स्थान पर था, और 2029 तक 53 मिलियन नौकरियों के सृजन का अनुमान है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत के 40 स्थल शामिल हैं, जिनमें धोलावीरा और रामप्पा मंदिर हाल ही में जोड़े गए हैं।
प्रमुख चुनौतियाँ
सहयोग के लिए उपाय
इन प्रयासों से भारत का पर्यटन क्षेत्र अधिक स्थायी और समावेशी बन सकता है।
इस उत्तर में भारत में पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का सारांश अच्छा है, जिसमें कोविड-19 के बाद की स्थिति, जीडीपी में स्थान, और यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों का उल्लेख किया गया है। प्रमुख चुनौतियों को भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है, जैसे प्रशिक्षण की कमी, अवसंरचना की कमी, और असंवहनीय पर्यटन। इसके अलावा, सहयोग के उपायों को भी रेखांकित किया गया है, जो एक सकारात्मक दृष्टिकोण है।
कमी के तथ्य और डेटा:
हाल के आंकड़े: पर्यटन राजस्व और आगंतुक संख्या के हाल के आंकड़ों का उल्लेख किया जाना चाहिए।
आर्थिक योगदान: पर्यटन क्षेत्र के भारत की जीडीपी में योगदान के बारे में अधिक विशिष्ट आंकड़े देने से बात मजबूत होगी।
Madhavi आप इस फीडबैक का भी उपयोग कर सकती हो।
सरकारी पहलों: “इन्क्रेडिबल इंडिया” जैसे विशेष सरकारी कार्यक्रमों का उल्लेख करना उपयोगी होगा।
केस स्टडीज़: सफल सार्वजनिक-निजी भागीदारी के उदाहरण देने से सहयोग की प्रभावशीलता स्पष्ट होगी।
पर्यावरणीय प्रभाव डेटा: पर्यटन के पर्यावरणीय प्रभाव पर सांख्यिकी प्रदान करने से स्थायी प्रथाओं की आवश्यकता को और मजबूत किया जा सकेगा।
इन तत्वों को जोड़ने से उत्तर और अधिक समग्र और प्रभावी हो जाएगा।
मॉडल उत्तर
भूमिका
भारत का पर्यटन क्षेत्र आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 6.8% और रोजगार में 9.2% का योगदान देता है। यह क्षेत्र महामारी के बाद तेजी से सुधार कर रहा है, जो आने वाले समय में विकास की अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है।
भारत में पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति
भारत में पर्यटन क्षेत्र ने महामारी के बाद प्रबल सुधार देखा है। 2022 में इसका कुल GDP योगदान 199.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो 2028 तक 512 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। 2023 में विदेशी पर्यटकों का आगमन 9.24 मिलियन तक पहुँच गया, जो इस क्षेत्र की उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।
पर्यटन क्षेत्र का महत्त्व
पर्यटन न केवल आर्थिक उत्प्रेरक है, बल्कि यह सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वदेश दर्शन जैसी पहलों से सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा मिलता है, और बुनियादी अवसंरचना जैसे सड़कों और हवाई अड्डों का विकास होता है।
मुख्य चुनौतियाँ
हालांकि, पर्यटन क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है:
स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देने के उपाय
सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय करने की आवश्यकता है:
आगे की राह
भारत का पर्यटन क्षेत्र स्थायी विकास लक्ष्यों (SDGs) के साथ जुड़कर न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण की रक्षा भी कर सकता है। सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोगात्मक प्रयासों से भारत वैश्विक स्तर पर सतत् पर्यटन में अग्रणी बन सकता है।