राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के सामाजिक और आर्थिक चिंतन की व्याख्या कीजिये। [65वीं बीपीएससी मुख्य परीक्षा 2019]
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राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण दोनों ही भारतीय समाजवाद के प्रमुख विचारक थे, जिन्होंने भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था में गहरे सुधारों की आवश्यकता को महसूस किया। उनके विचारों ने भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया, खासकर स्वतंत्रता संग्राम और बाद के समाजवादी आंदोलनों में।
राम मनोहर लोहिया के विचार
राम मनोहर लोहिया का सामाजिक और आर्थिक चिंतन भारतीय समाज में समानता की ओर अग्रसर होने का था। वे यह मानते थे कि भारतीय समाज में व्याप्त असमानताएँ—सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक—को समाप्त करने के लिए क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत थी।
जयप्रकाश नारायण के विचार
जयप्रकाश नारायण का सामाजिक और आर्थिक चिंतन राम मनोहर लोहिया से कुछ भिन्न था, लेकिन दोनों में समानताएँ भी थीं। जयप्रकाश का समाजवाद भी आर्थिक असमानता और समाज में गहरी असमानताओं को खत्म करने के लिए था।
निष्कर्ष
राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण दोनों ने भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था में गहरे सुधारों की आवश्यकता को महसूस किया। उनके विचार आज भी समाजवाद और सामाजिक न्याय के आंदोलन में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। उनके विचारों ने भारतीय राजनीति में समानता, न्याय और सामाजिक समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।