प्रश्न का उत्तर अधिकतम 300 शब्दों में दीजिए। यह प्रश्न 15 अंक का है। [MPPSC 2019]
गुप्त शासन (चौथी शताब्दी ई. सातवीं शताब्दी ई.) के अंतर्गत मध्य भारत के राजनीतिक इतिहास का वर्णन कीजिए ।
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गुप्त शासन (चौथी शताब्दी ई. – सातवीं शताब्दी ई.) के अंतर्गत मध्य भारत का राजनीतिक इतिहास
गुप्त साम्राज्य (चौथी से सातवीं शताब्दी तक) भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण काल था, जिसमें मध्य भारत का राजनीतिक इतिहास उज्जवल और सशक्त रहा। गुप्त शासकों ने अपनी प्रशासनिक क्षमता, सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि के माध्यम से न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्धि प्राप्त की।
1. चंद्रगुप्त प्रथम का शासन (लगभग 320-335 ई.)
2. समुद्रगुप्त का शासन (लगभग 335-380 ई.)
3. चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) का शासन (लगभग 380-413 ई.)
4. गुप्त साम्राज्य का पतन
निष्कर्ष
गुप्त साम्राज्य का काल मध्य भारत के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण था। इस काल में शासन की स्थिरता, सांस्कृतिक समृद्धि, और राजनीतिक विस्तार के माध्यम से गुप्त शासकों ने भारत को एक नया और समृद्ध दिशा दी। गुप्त काल के शासन ने न केवल मध्य भारत बल्कि सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में एक समृद्ध सांस्कृतिक और राजनीतिक धरोहर को छोड़ दिया।