प्रश्न का उत्तर अधिकतम 200 शब्दों में दीजिए। यह प्रश्न 11 अंक का है। [MPPSC 2022]
स्वामी विवेकानन्द के प्रसिद्ध शिकागो व्याख्यान और आज के समय में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए।
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स्वामी विवेकानन्द का शिकागो व्याख्यान
व्याख्यान का सारांश
स्वामी विवेकानन्द ने 1893 में शिकागो में विश्व धर्म महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके उद्घाटन भाषण में उन्होंने धर्म, मानवता और आपसी समझ की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आपका धर्म आपको नफरत नहीं सिखाता,” जो आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रमुख बिंदु
विवेकानन्द ने धर्म को मानवता की सेवा का माध्यम बताया। उन्होंने सभी धर्मों के प्रति सम्मान की बात की।
उदाहरण: वेदांत के सिद्धांतों का उपयोग कर उन्होंने बताया कि सभी धर्म एक ही सत्य के विभिन्न मार्ग हैं।
उन्होंने सभी मानव जाति के बीच समानता का संदेश दिया। यह बात आज भी सामाजिक एकता की आवश्यकता को दर्शाती है।
उदाहरण: विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक समूहों के बीच संवाद को बढ़ावा देना।
आज की प्रासंगिकता
आज के समय में जब धर्म, जाति और राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव बढ़ रहा है, विवेकानन्द का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उनके विचार हमें सिखाते हैं कि:
हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
विवेकानन्द ने बताया कि व्यक्तिगत विकास के लिए सकारात्मक सोच आवश्यक है।
निष्कर्ष
स्वामी विवेकानन्द का शिकागो व्याख्यान न केवल उनके समय के लिए, बल्कि आज के वैश्विक समाज के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत है। उनका संदेश आज भी सभी के लिए एकता और सहिष्णुता का मार्ग प्रशस्त करता है।