सार्विक स्वास्थ्य संरक्षण प्रदान करने में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की अपनी परिसीमाएँ हैं। क्या आपके विचार में खाई को पाटने में निजी क्षेत्रक सहायक हो सकता है? आप अन्य कौन-से व्यवहार्य विकल्प सुझाएँगे? (200 words) [UPSC 2015]
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प्रस्तावना:
भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली सार्विक स्वास्थ्य संरक्षण (UHC) प्रदान करने में अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें अपर्याप्त बुनियादी ढांचा, सीमित कार्यबल और वित्तीय संसाधनों की कमी प्रमुख हैं। इस खाई को पाटने के लिए निजी क्षेत्रक की भागीदारी को एक संभावित समाधान के रूप में देखा जा सकता है।
निजी क्षेत्रक की भूमिका:
चुनौतियाँ और चिंताएँ:
अन्य व्यवहार्य विकल्प:
निष्कर्ष:
हालाँकि निजी क्षेत्रक भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, लेकिन समानता, नियमन और वहनीयता के मुद्दों का समाधान करना आवश्यक है। सार्विक स्वास्थ्य संरक्षण प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और तकनीक का उपयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।