सल्तनत काल के दौरान किये गये बड़े तकनीकी बदलाव क्या थे? उन तकनीकी बदलावों ने भारतीय समाज को कैसे प्रभावित किया था? (250 words) [UPSC 2023]
मुख्यधारा के ज्ञान और आदिवासी ज्ञान प्रणाली की विशिष्टता की जाँच मुख्यधारा के ज्ञान प्रणाली: वैज्ञानिक और विधिवादी दृष्टिकोण: मुख्यधारा की ज्ञान प्रणाली में वैज्ञानिक पद्धतियाँ, विश्लेषणात्मक और तर्कसंगत विधियाँ प्रमुख होती हैं। उदाहरण के लिए, पश्चिमी शिक्षा प्रणाली में प्रयोगात्मक अनुसंधान और पद्धतRead more
मुख्यधारा के ज्ञान और आदिवासी ज्ञान प्रणाली की विशिष्टता की जाँच
मुख्यधारा के ज्ञान प्रणाली:
- वैज्ञानिक और विधिवादी दृष्टिकोण: मुख्यधारा की ज्ञान प्रणाली में वैज्ञानिक पद्धतियाँ, विश्लेषणात्मक और तर्कसंगत विधियाँ प्रमुख होती हैं। उदाहरण के लिए, पश्चिमी शिक्षा प्रणाली में प्रयोगात्मक अनुसंधान और पद्धतिगत शिक्षा पर जोर दिया जाता है।
- औपचारिक शिक्षा और प्रमाणपत्र: ज्ञान मुख्यधारा की प्रणाली में औपचारिक शिक्षा संस्थानों जैसे स्कूल और विश्वविद्यालयों के माध्यम से प्राप्त किया जाता है। यह प्रणाली प्रमाणपत्र और डिग्रियों पर आधारित होती है।
आदिवासी ज्ञान प्रणाली:
- प्राकृतिक और समेकित दृष्टिकोण: आदिवासी ज्ञान प्रणाली प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक पर्यावरणीय प्रथाओं पर आधारित होती है। उदाहरण के लिए, भारतीय आदिवासी समुदायों द्वारा उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक चिकित्सा और फसलों की उगाने की विधियाँ प्राकृतिक पारिस्थितिकी को समझती हैं।
- सांस्कृतिक और मौखिक परंपराएँ: आदिवासी ज्ञान प्रणाली मौखिक परंपराओं और सांस्कृतिक कहानियों के माध्यम से संप्रेषित की जाती है। संताली और गोंडी समुदायों की मौखिक कहानियाँ और गीत सांस्कृतिक ज्ञान का अहम हिस्सा हैं।
विशिष्टता:
- स्थानीय अनुभव: आदिवासी ज्ञान स्थानीय अनुभव और पर्यावरणीय संदर्भों पर आधारित होता है, जबकि मुख्यधारा की प्रणाली अधिक वैश्विक और मानकीकृत होती है।
- सततता और संरक्षण: आदिवासी ज्ञान प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान की सततता और संरक्षण को प्राथमिकता देता है, जो मुख्यधारा की प्रणाली की औद्योगिक दृष्टिकोण से भिन्न है।
इन भिन्नताओं के माध्यम से, आदिवासी ज्ञान प्रणाली की विशिष्टता और महत्व को समझा जा सकता है, जो पारंपरिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समृद्ध है।
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सल्तनत काल (1206-1526) के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में कई महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव हुए, जो भारतीय समाज पर गहरा प्रभाव डालते थे: शहरीकरण और वास्तुकला: सल्तनत काल में नई प्रकार की वास्तुकला की शुरुआत हुई, जैसे कि कुतुब मीनार, कुतुब मस्जिद, और आदिल शाह किला। इन संरचनाओं में नए स्थापत्य शैली और तकनीकों काRead more
सल्तनत काल (1206-1526) के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में कई महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव हुए, जो भारतीय समाज पर गहरा प्रभाव डालते थे:
समाजिक प्रभाव:
इन तकनीकी बदलावों ने न केवल तत्कालीन समाज को प्रभावित किया, बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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