प्रश्न का उत्तर अधिकतम 50 शब्दों/5 से 6 पंक्तियाँ में दीजिए। यह प्रश्न 05 अंक का है। [MPPSC 2023] पीयूष ग्रन्थि पर टिप्पणी कीजिए।
जीवद्रव्य कुंचन (Plasmolysis) एक वनस्पति कोशिका की स्थिति को दर्शाता है, जिसमें कोशिका का जीवनद्रव्य (cytoplasm) और कोशिका का आंतरिक द्रव (vacuole) सिकुड़ जाते हैं। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब कोशिका को एक उच्च सांद्रता वाले विलायक (hypertonic solution) में रखा जाता है, जिसमें विलायक में घुली हुRead more
जीवद्रव्य कुंचन (Plasmolysis) एक वनस्पति कोशिका की स्थिति को दर्शाता है, जिसमें कोशिका का जीवनद्रव्य (cytoplasm) और कोशिका का आंतरिक द्रव (vacuole) सिकुड़ जाते हैं। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब कोशिका को एक उच्च सांद्रता वाले विलायक (hypertonic solution) में रखा जाता है, जिसमें विलायक में घुली हुई वस्तुएँ कोशिका के आंतरिक द्रव की तुलना में अधिक होती हैं।
जीवद्रव्य कुंचन के प्रमुख बिंदु:
- हाइपरटोनिक समाधान: जब कोशिका को एक हाइपरटोनिक समाधान में रखा जाता है, तो कोशिका से पानी बाहर निकलता है, जिससे कोशिका का द्रव (cytoplasm) और वेसिकल (vacuole) सिकुड़ जाते हैं।
- कोशिका की स्थिति: कोशिका की बाहरी दीवार (cell wall) स्थिर रहती है, लेकिन कोशिका की आंतरिक परत (cell membrane) सिकुड़ जाती है और कोशिका की बाहरी दीवार से दूर हो जाती है।
- वापसी की संभावनाएँ: यदि कोशिका को एक समवर्ती या हाइपोटोनिक समाधान में वापस रखा जाए, तो पानी कोशिका के अंदर वापस आ सकता है और कोशिका सामान्य स्थिति में लौट सकती है।
- वनस्पति जीवन पर प्रभाव: जीवद्रव्य कुंचन पौधों में तुर्गर प्रेशर (turgor pressure) को प्रभावित कर सकता है, जो पौधे की संरचना और सामान्य कार्यप्रणाली के लिए महत्वपूर्ण होता है।
यह प्रक्रिया पौधों के कोशिकाओं की विभिन्न परिस्थितियों में जल संतुलन की समझ को स्पष्ट करती है और कोशिका की समग्र स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
See less
पीयूष ग्रन्थि पर टिप्पणी पीयूष ग्रंथि, जिसे "मास्टर ग्रंथि" भी कहा जाता है, मानव शरीर की अंतःस्रावी प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह मस्तिष्क के आधार पर स्थित होती है और इसके दो मुख्य भाग होते हैं: पूर्वकालीन पीयूष और पश्चकालीन पीयूष। अनुप्रस्थी और स्थान पीयूष ग्रंथि मस्तिष्क के निचले भागRead more
पीयूष ग्रन्थि पर टिप्पणी
पीयूष ग्रंथि, जिसे “मास्टर ग्रंथि” भी कहा जाता है, मानव शरीर की अंतःस्रावी प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह मस्तिष्क के आधार पर स्थित होती है और इसके दो मुख्य भाग होते हैं: पूर्वकालीन पीयूष और पश्चकालीन पीयूष।
अनुप्रस्थी और स्थान
कार्य
हाल के उदाहरण और अध्ययन
निष्कर्ष
पीयूष ग्रंथि शरीर के समुचित संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। इसके विभिन्न हार्मोन आवश्यक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं, और चिकित्सा अनुसंधान में हाल के विकास इसके कार्यों और विकारों को समझने में मदद कर रहे हैं। इस ग्रंथि के महत्व को पहचानना स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए आवश्यक है, जिससे यह UPSC मुख्य परीक्षा के लिए एक प्रासंगिक विषय बनता है।
See less