प्रश्न का उत्तर अधिकतम 15 से 20 शब्दों में दीजिए। यह प्रश्न 03 अंक का है। [MPPSC 2023] एक प्ररूपी विषाणु के दो प्रमुख घटक क्या हैं?
भ्रूणपोष (एण्डोस्पर्म) पर टिप्पणी परिचय भ्रूणपोष (एण्डोस्पर्म) पौधों के बीजों में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण ऊतक है, जो बीज के अंकुरण और भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। यह ऊतक बीज के भीतर भ्रूण और बीज के अन्य भागों के बीच पोषण की भूमिका निभाता है। भ्रूणपोष का निर्माण भ्रूणपोRead more
भ्रूणपोष (एण्डोस्पर्म) पर टिप्पणी
परिचय भ्रूणपोष (एण्डोस्पर्म) पौधों के बीजों में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण ऊतक है, जो बीज के अंकुरण और भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। यह ऊतक बीज के भीतर भ्रूण और बीज के अन्य भागों के बीच पोषण की भूमिका निभाता है।
भ्रूणपोष का निर्माण भ्रूणपोष का निर्माण ‘डबल फर्टिलाइजेशन’ (डबल निषेचन) की प्रक्रिया के माध्यम से होता है, जिसमें एक शुक्राणु अंडाणु के साथ मिलकर जाईगोट (zygote) बनाता है और दूसरा शुक्राणु दो पोलर नाभिकों के साथ मिलकर त्रैविक भ्रूणपोष (triploid endosperm) का निर्माण करता है। भ्रूणपोष के निर्माण की प्रक्रिया के आधार पर इसे तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
- न्यूक्लीयर भ्रूणपोष: प्रारंभिक अवस्था में, भ्रूणपोष के नाभिक विभाजित होते हैं, लेकिन कोई कोशिका दीवार नहीं बनती, जिससे एक बहुनाभिकीय संरचना बनती है।
- सेल्यूलर भ्रूणपोष: नाभिक विभाजन के बाद, कोशिका दीवारें बनती हैं और एक कोशिकीय संरचना विकसित होती है।
- हेलोबियल भ्रूणपोष: यह प्रकार न्यूक्लीयर और सेल्यूलर भ्रूणपोष का मिश्रण होता है, जिसमें पहले न्यूक्लीयर विभाजन होता है और बाद में कोशिका दीवारों का निर्माण होता है।
भ्रूणपोष के कार्य
- पोषण प्रदान करना: भ्रूणपोष का मुख्य कार्य भ्रूण को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करना है। यह प्रमुख रूप से कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और लिपिड्स का भंडारण करता है, जो अंकुरण के प्रारंभिक चरण में भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक होते हैं। उदाहरण के लिए, चावल और गेहूं के बीज में भ्रूणपोष का बड़ा हिस्सा खाद्य भाग के रूप में होता है, जो मानव आहार के लिए महत्वपूर्ण कार्बोहाइड्रेट्स का स्रोत है।
- बीज विकास में सहायक: भ्रूणपोष बीज के विकास में सहायक होता है, क्योंकि यह मात्रीक पौधे से भ्रूण को आवश्यक पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान करता है।
- अंकुरण में सहायक: बीज के अंकुरण के दौरान, भ्रूणपोष में संचित पोषक तत्वों का उपयोग करके बीज अंकुरित होता है और प्रारंभिक वृद्धि के लिए आवश्यक ऊर्जा प्राप्त करता है।
हाल की उदाहरण और अनुप्रयोग
- जैविक संशोधन: हाल के वर्षों में, जैविक संशोधन के माध्यम से भ्रूणपोष के पोषण गुणों को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, “गोल्डन राइस” को जेनेटिक संशोधन द्वारा विटामिन ए की अधिक मात्रा उत्पन्न करने के लिए विकसित किया गया है, जिससे एशियाई देशों में विटामिन ए की कमी से निपटा जा सके।
- फसलों का सुधार: आधुनिक कृषि अनुसंधान में भ्रूणपोष की विशेषताओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे फसलों की उपज और गुणवत्ता में सुधार हो सके।
- बायोफोर्टिफिकेशन: बायोफोर्टिफिकेशन तकनीक का उपयोग कर भ्रूणपोष के विटामिन और मिनरल्स की मात्रा बढ़ाने की कोशिश की जाती है, जो पोषण की कमी को दूर करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष भ्रूणपोष बीज विज्ञान का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो भ्रूण के विकास और अंकुरण के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का संचित करता है। इसके पोषण संबंधी गुण और बीज विकास में इसकी भूमिका इसे पौधों और कृषि अनुसंधान में महत्वपूर्ण बनाती है। हाल के तकनीकी और जैविक परिवर्तनों से भ्रूणपोष की क्षमता और उपयोगिता को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे वैश्विक पोषण और फसल उत्पादन में सुधार हो रहा है।
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