प्रौद्योगिकी सूचना पूर्वानुमान और मूल्यांकन परिषद् (TIFAC) क्या है. इसका जनादेश बतायें। आई.टी. क्षेत्र में 2020 तक भारत में आनेवाली प्रौद्योगिकियों को सूचीबद्ध करें। (200 Words) [UPPSC 2020]
राष्ट्रीय सुरक्षा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका 1. रक्षा प्रणालियाँ: विज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नत रक्षा प्रणालियों जैसे मिसाइल डिफेंस, ड्रोन, और सुपर-सोनिक वेपन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। DRDO द्वारा विकसित अग्नि मिसाइल प्रणाली इसका उदाहरण है। 2. साइबर सुरक्षा: साइबर सुरक्षाRead more
राष्ट्रीय सुरक्षा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका
1. रक्षा प्रणालियाँ: विज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नत रक्षा प्रणालियों जैसे मिसाइल डिफेंस, ड्रोन, और सुपर-सोनिक वेपन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। DRDO द्वारा विकसित अग्नि मिसाइल प्रणाली इसका उदाहरण है।
2. साइबर सुरक्षा: साइबर सुरक्षा तकनीकें महत्वपूर्ण हैं, जो डेटा सुरक्षा और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करती हैं। साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल और एन्क्रिप्शन तकनीकें साइबर हमलों से रक्षा करती हैं।
3. खगोल विज्ञान और इंटेलिजेंस: सैटेलाइट इमेजिंग और सिग्नल इंटेलिजेंस का उपयोग खुफिया संग्रहण और रोज़गार की निगरानी के लिए किया जाता है, जिससे उन्नत निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी मिलती है।
4. सीमावर्ती सुरक्षा: बायोमैट्रिक सिस्टम्स और स्मार्ट सेंसर्स सीमाओं की निगरानी और अनधिकृत प्रवृत्तियों को पहचानने में मदद करते हैं।
सारांश में, विज्ञान और प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को सशक्त, सुरक्षित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
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प्रौद्योगिकी सूचना पूर्वानुमान और मूल्यांकन परिषद् (TIFAC): TIFAC एक भारतीय स्वायत्त निकाय है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों का पूर्वानुमान और मूल्यांकन करता है। इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीयRead more
प्रौद्योगिकी सूचना पूर्वानुमान और मूल्यांकन परिषद् (TIFAC):
TIFAC एक भारतीय स्वायत्त निकाय है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों का पूर्वानुमान और मूल्यांकन करता है। इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी रणनीतियों को आकार देना और सशक्त तकनीकी विकास के लिए आवश्यक जानकारियाँ और सिफारिशें प्रदान करना है।
TIFAC का जनादेश:
आई.टी. क्षेत्र में 2020 तक भारत में आनेवाली प्रौद्योगिकियाँ:
ये तकनीकें भारत की आई.टी. क्षेत्र में नवाचार, दक्षता, और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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