‘वर्तमान में भारत-पाक सम्बन्ध एक छलावा है।’ उन अन्तर्निहित समस्याओं को स्पष्ट कीजिए जो भारत-पाक सम्बन्धों में बार-बार कटुता उत्पन्न करती है। (200 Words) [UPPSC 2023]
भारत का दृष्टिकोण आणविक प्रसार के मुद्दों पर स्पष्ट रूप से सुरक्षा, असैन्य और व्यापक निरस्त्रीकरण पर आधारित है। भारत ने आणविक अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर नहीं किया है, क्योंकि इसे भेदभावपूर्ण मानता है, जो वर्तमान परमाणु शक्ति संपन्न देशों को मान्यता देता है जबकि नए देशों को परमाणु हथियार विकसितRead more
भारत का दृष्टिकोण आणविक प्रसार के मुद्दों पर स्पष्ट रूप से सुरक्षा, असैन्य और व्यापक निरस्त्रीकरण पर आधारित है। भारत ने आणविक अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर नहीं किया है, क्योंकि इसे भेदभावपूर्ण मानता है, जो वर्तमान परमाणु शक्ति संपन्न देशों को मान्यता देता है जबकि नए देशों को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकता है। भारत का मानना है कि परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए एक समावेशी और गैर-भेदभावपूर्ण ढांचा आवश्यक है।
भारत ने “नो-फर्स्ट-यूज़” (NFU) की नीति अपनाई है, जिसका मतलब है कि वह केवल परमाणु हमले के प्रतिशोध में परमाणु हथियार का उपयोग करेगा। इसके अतिरिक्त, भारत ने व्यापक परमाणु परीक्षण संधि (CTBT) पर एक स्वैच्छिक मोराटोरियम की नीति अपनाई है और विश्व स्तर पर परमाणु हथियारों के पूर्ण निरस्तीकरण की दिशा में काम कर रहा है।
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भारत-पाक संबंधों में अंतर्निहित समस्याएँ 1. कश्मीर मुद्दा: क्षेत्रीय विवाद: कश्मीर क्षेत्र पर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद है। 1947-48, 1965, और 1999 की युद्ध और संघर्ष इस विवाद को और गहरा करते हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को आज़ाद क्षेत्र मानता है, जबकि भारत इसे अपनी संविधानिक एकता काRead more
भारत-पाक संबंधों में अंतर्निहित समस्याएँ
1. कश्मीर मुद्दा:
2. आतंकवाद और सीमा पार हिंसा:
3. जल संसाधन विवाद:
4. राजनीतिक अस्थिरता:
5. सीमा विवाद:
निष्कर्ष: भारत-पाकिस्तान के बीच की संबंधों में कटुता का कारण कश्मीर विवाद, आतंकवाद, जल संसाधन विवाद, राजनीतिक अस्थिरता, और सीमा विवाद जैसे अंतर्निहित समस्याएँ हैं। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए सकारात्मक संवाद और द्विपक्षीय सहयोग आवश्यक है।
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