प्राचीन भारत के विकास की दिशा में भौगोलिक कारकों की भूमिका को स्पष्ट कीजिए। (150 words)[UPSC 2023]
दक्षिण एशिया में रोहिंग्या शरणार्थी संकट मुख्यतः म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों की मजबूरी को दर्शाता है, जो अत्याचार और हिंसा से भागकर पड़ोसी देश बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। 2017 से, म्यांमार सेना द्वारा किए गए जातीय हमलों ने एक लाख से अधिक रोहिंग्या को बांग्लादेश के कक्स बाजार में स्Read more
दक्षिण एशिया में रोहिंग्या शरणार्थी संकट मुख्यतः म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों की मजबूरी को दर्शाता है, जो अत्याचार और हिंसा से भागकर पड़ोसी देश बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। 2017 से, म्यांमार सेना द्वारा किए गए जातीय हमलों ने एक लाख से अधिक रोहिंग्या को बांग्लादेश के कक्स बाजार में स्थित विशाल शरणार्थी शिविरों में भेजा। इन शिविरों में अत्यधिक भीड़, अस्वच्छ परिस्थितियाँ, और सीमित स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाएँ हैं। स्थानीय समुदायों और संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा मानवीय सहायता प्रदान की जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान और म्यांमार में स्थिरता की आवश्यकता बनी हुई है।
See less
भारत में गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत: सौर ऊर्जा: विवरण: सूरज की किरणों को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए सौर पैनल और सौर ताप प्रणाली का उपयोग किया जाता है। महत्व: सौर ऊर्जा अत्यधिक पर्यावरण के अनुकूल है क्योंकि यह नवीकरणीय है और इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं होता। पवन ऊर्जा: विवरण: पवनRead more
भारत में गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत:
पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा प्रदान करने में इन स्रोतों का महत्व यह है कि ये कार्बन उत्सर्जन को कम करने, प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक हैं।
See less