भारत में निर्धनता की माप कैसे की जाती है? भारत में ग्रामीण निर्धनता दूर करने के लिए उठाये गये कदमों का वर्णन कीजिये। (125 Words) [UPPSC 2019]
पूंजी खाता परिवर्तनीयता का तात्पर्य एक देश की मुद्रा की पूरी तरह से स्वतंत्रता से है, जिसके अंतर्गत विदेशी पूंजी प्रवाह और देश से पूंजी की आवाजाही पर कोई कड़ी पाबंदी नहीं होती। यह तब संभव होता है जब विदेशी निवेशक बिना किसी नियंत्रण के स्थानीय बाजार में निवेश कर सकते हैं और स्थानीय निवेशक विदेशों मेंRead more
पूंजी खाता परिवर्तनीयता का तात्पर्य एक देश की मुद्रा की पूरी तरह से स्वतंत्रता से है, जिसके अंतर्गत विदेशी पूंजी प्रवाह और देश से पूंजी की आवाजाही पर कोई कड़ी पाबंदी नहीं होती। यह तब संभव होता है जब विदेशी निवेशक बिना किसी नियंत्रण के स्थानीय बाजार में निवेश कर सकते हैं और स्थानीय निवेशक विदेशों में पूंजी निवेश कर सकते हैं।
भारत के लिए पूंजी खाते की पूर्ण परिवर्तनीयता के गुण और दोष:
गुण:
- निवेश का प्रवाह: पूंजी खाते की पूर्ण परिवर्तनीयता विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती है, जिससे पूंजी प्रवाह और आर्थिक विकास में वृद्धि होती है।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा: यह भारत को वैश्विक पूंजी बाजार के साथ एकीकृत करता है, जिससे तकनीकी प्रगति और उन्नति में मदद मिलती है।
- वेतन वृद्धि: विदेशी निवेश से नई नौकरियों का सृजन होता है और वेतन स्तर में सुधार होता है।
दोष:
- आर्थिक अस्थिरता: बिना नियंत्रण के पूंजी प्रवाह से अचानक पूंजी की लिक्विडिटी में परिवर्तन हो सकता है, जो मुद्रा की अस्थिरता और वित्तीय संकट का कारण बन सकता है।
- विनिमय दर में उतार-चढ़ाव: वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों के आधार पर मुद्रा विनिमय दर में अत्यधिक परिवर्तन हो सकता है, जिससे देश की मौद्रिक नीति और व्यापार संतुलन प्रभावित हो सकता है।
- नियंत्रण की कमी: विदेशी पूंजी प्रवाह पर नियंत्रण की कमी से घरेलू बाजार और बैंकों में वित्तीय अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है।
इस प्रकार, पूंजी खाते की पूर्ण परिवर्तनीयता के लाभ और हानियों को समझते हुए सावधानीपूर्वक नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता होती है, ताकि आर्थिक स्थिरता और विकास सुनिश्चित किया जा सके।
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भारत में निर्धनता की माप और ग्रामीण निर्धनता दूर करने के कदम 1. निर्धनता की माप: निर्धनता रेखा: भारत में निर्धनता की माप आय और उपभोग के आधार पर की जाती है। तेंदुलकर समिति (2009) और रंगराजन समिति (2014) ने निर्धनता रेखा को अद्यतन किया है, जो यह निर्धारित करती है कि व्यक्ति या परिवार कितनी आय पर निर्धRead more
भारत में निर्धनता की माप और ग्रामीण निर्धनता दूर करने के कदम
1. निर्धनता की माप:
2. ग्रामीण निर्धनता दूर करने के कदम:
निष्कर्ष: भारत निर्धनता को आय-आधारित मापदंडों और सर्वेक्षणों के माध्यम से मापता है। ग्रामीण निर्धनता दूर करने के लिए रोजगार गारंटी, आवास योजनाएँ और आत्मनिर्भरता कार्यक्रम जैसे उपाय उठाए गए हैं।
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