भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) के वर्ष 2015 के पूर्व तथा वर्ष 2015 के पश्चात् परिकलन विधि में अन्तर की व्याख्या कीजिए। (150 words) [UPSC 2021]
नीति आयोग के प्रमुख उद्देश्य नीति निर्माण और कार्यान्वयन: नीति आयोग का मुख्य उद्देश्य नीति निर्माण और रणनीतिक योजनाओं को तैयार करना है, जो देश के समग्र विकास में सहायक हों। उदाहरण स्वरूप, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत नीतियों का निर्माण किया गया है। सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति: नीति आयोग सRead more
नीति आयोग के प्रमुख उद्देश्य
- नीति निर्माण और कार्यान्वयन:
- नीति आयोग का मुख्य उद्देश्य नीति निर्माण और रणनीतिक योजनाओं को तैयार करना है, जो देश के समग्र विकास में सहायक हों। उदाहरण स्वरूप, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत नीतियों का निर्माण किया गया है।
- सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति:
- नीति आयोग सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रणनीतियाँ बनाता है और राष्ट्रीय सूचकांक तैयार करता है। 2023 में, SDG इंडिया इंडेक्स के माध्यम से राज्यों की प्रगति की निगरानी की जा रही है।
- अनुसंधान और नवाचार:
- नीति आयोग अटल नवाचार मिशन (AIM) जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देता है, जो युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करते हैं।
- आर्थिक और सामाजिक सुधार:
- नीति आयोग सामाजिक और आर्थिक सुधार पर ध्यान केंद्रित करता है, जैसे असपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम, जो पिछड़े जिलों में बुनियादी ढांचे और शासन में सुधार के लिए है।
योजना आयोग से भिन्नता
- भूमिका और संरचना:
- योजना आयोग (1950) केंद्रीकृत योजना और पाँच वर्षीय योजनाओं पर केंद्रित था। इसमें ऊपर से नीचे का दृष्टिकोण था और यह राज्य सरकारों के साथ सीमित बातचीत करता था। इसके विपरीत, नीति आयोग (2015) विकेंद्रीकृत योजना और सहकारी शासन को बढ़ावा देता है। यह एक थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है।
- कार्य और दृष्टिकोण:
- नीति आयोग लचीला और अधिक समन्वयात्मक दृष्टिकोण अपनाता है, जबकि योजना आयोग की योजना अथवा योजना आधारित थी। नीति आयोग साक्षात्कार आधारित सिफारिशें और लक्षित सुधार को प्रोत्साहित करता है।
- राज्यों के साथ संलग्नता:
- नीति आयोग राज्यों के साथ सक्रिय संलग्नता को बढ़ावा देता है और क्षेत्रीय परिषदों के माध्यम से संवाद करता है, जबकि योजना आयोग की ऊपर से नीचे की संरचना ने राज्य स्तर पर सीमित सहभागिता की।
निष्कर्ष
नीति आयोग की नीतियाँ और दृष्टिकोण योजना आयोग से अधिक लचीले, समन्वयात्मक और समकालीन हैं। यह राज्यों के साथ अधिक सक्रिय रूप से संलग्न होता है और समग्र विकास के लिए व्यापक रणनीतियाँ तैयार करता है।
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भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) गणना में 2015 के पूर्व और 2015 के पश्चात् का अंतर **1. 2015 के पूर्व की विधि: पुराना आधार वर्ष: GDP की गणना के लिए 2004-05 को आधार वर्ष के रूप में अपनाया गया था, जो कि अब पुराना हो चुका था। सर्वेक्षण आधारित डेटा: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) और कृषि डेटा जैसे मुख्य सRead more
भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) गणना में 2015 के पूर्व और 2015 के पश्चात् का अंतर
**1. 2015 के पूर्व की विधि:
**2. 2015 के पश्चात की विधि:
उदाहरण: GST के लागू होने के बाद, व्यापार और सेवा डेटा का डिजिटल संग्रहण GDP गणना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे विवादों और त्रुटियों की संभावना कम हो गई है।
निष्कर्ष: 2015 के बाद की गणना विधि ने GDP के आकलन को अद्यतन किया है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को अधिक सटीक रूप से दर्शाया जा सकता है।
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