खाद्य प्रसंस्करण और सम्बंधित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के सम्बन्ध में भारत सरकार की नीतियों का मूल्यांकन कीजिये । (125 Words) [UPPSC 2023]
भारत में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के प्रयास स्वच्छ जल और सवास्थ्य (SDG 6): भारत ने ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘जल जीवन मिशन’ जैसी योजनाओं के माध्यम से जल और स्वच्छता में सुधार किया है। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत, ग्रामीण क्षेत्रों में 2024 तक हर घर को पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य है। गुणवत्Read more
भारत में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के प्रयास
- स्वच्छ जल और सवास्थ्य (SDG 6): भारत ने ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘जल जीवन मिशन’ जैसी योजनाओं के माध्यम से जल और स्वच्छता में सुधार किया है। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत, ग्रामीण क्षेत्रों में 2024 तक हर घर को पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य है।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (SDG 4): ‘सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली’ को सुधारने के लिए ‘समग्र शिक्षा’ और ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ लागू की गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाना है।
- स्वास्थ्य (SDG 3): ‘आयुष्मान भारत योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत, भारत ने स्वास्थ्य देखभाल में सुधार करने और सभी के लिए स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
- सस्ते और स्वच्छ ऊर्जा (SDG 7): भारत ने ‘सौर ऊर्जा’ और ‘नवीकरणीय ऊर्जा’ के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। ‘राष्ट्रीय सौर मिशन’ और ‘वृक्षारोपण’ जैसी योजनाओं ने नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया है।
- आर्थिक विकास और कामकाज (SDG 8): ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलें नौकरी सृजन और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित कर रही हैं। ‘मेक इन इंडिया’ ने विनिर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दिया है।
- संविधान और असमानता (SDG 10): ‘आयुष्मान भारत’ और ‘प्रवासी श्रमिकों’ के लिए सुधारात्मक योजनाएं सामाजिक असमानता को कम करने की दिशा में काम कर रही हैं।
हालिया उदाहरण: 2023 में, भारत ने ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) पर अपनी रिपोर्ट जारी की, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त प्रगति और भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में चल रहे प्रयासों का उल्लेख है। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि भारत सतत विकास की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
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खाद्य प्रसंस्करण नीतियों का मूल्यांकन भारत सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियों का कार्यान्वयन किया है: 1. राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण नीति: इस नीति का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण के GDP में योगदान बढ़ाना और निवेश को प्रोत्साहित करना है। 2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधRead more
खाद्य प्रसंस्करण नीतियों का मूल्यांकन
भारत सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियों का कार्यान्वयन किया है:
1. राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण नीति: इस नीति का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण के GDP में योगदान बढ़ाना और निवेश को प्रोत्साहित करना है।
2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): यह योजना किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे वे उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल का उत्पादन कर सकें। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि इससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
3. उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना: इस योजना का लक्ष्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में उत्पादन को प्रोत्साहित करना है। कंपनियों जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर और बृहन्य इंडस्ट्रीज ने बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
4. आत्मनिर्भर भारत अभियान: यह खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है, जिससे खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों में निवेश में वृद्धि हुई है।
इन पहलों से क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकास हुआ है, जिससे रोजगार का सृजन और खाद्य अपव्यय में कमी आई है।
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