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भारत में वाणिज्यिक कोयला खनन के लाभों और इससे जुड़ी चुनौतियों की विवेचना कीजिए।(उत्तर 200 शब्दों में दें)
वाणिज्यिक कोयला खनन भारत में ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इसके लाभ और चुनौतियाँ निम्नलिखित हैं: लाभ: ऊर्जा सुरक्षा: कोयला भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह देश के बिजली उत्पादन का प्रमुख स्रोत है, जो औद्योगिक और घरेलू उपयोग के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है।Read more
वाणिज्यिक कोयला खनन भारत में ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इसके लाभ और चुनौतियाँ निम्नलिखित हैं:
लाभ:
चुनौतियाँ:
इन लाभों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने सतत और जिम्मेदार खनन प्रथाओं को अपनाने की दिशा में प्रयास किए हैं, ताकि कोयला खनन के लाभ को अधिकतम किया जा सके और इसके नकारात्मक प्रभावों को न्यूनतम किया जा सके।
See lessबहुआयामी निर्धनता की अवधारणा की व्याख्या करते हुए, भारत में इस समस्या के समाधान के लिए किए गए उपायों का उल्लेख कीजिए।(उत्तर 200 शब्दों में दें)
बहुआयामी निर्धनता (Multidimensional Poverty) एक ऐसी अवधारणा है जिसमें निर्धनता को केवल आय की कमी से नहीं बल्कि जीवन के विभिन्न आयामों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवन स्तर और जीवन की बुनियादी सुविधाओं की कमी से परखा जाता है। इस दृष्टिकोण में यह माना जाता है कि निर्धनता केवल आर्थिक तंगी नहीं, बल्कि सामाजRead more
बहुआयामी निर्धनता (Multidimensional Poverty) एक ऐसी अवधारणा है जिसमें निर्धनता को केवल आय की कमी से नहीं बल्कि जीवन के विभिन्न आयामों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवन स्तर और जीवन की बुनियादी सुविधाओं की कमी से परखा जाता है। इस दृष्टिकोण में यह माना जाता है कि निर्धनता केवल आर्थिक तंगी नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय घटकों की भी समस्या है।
भारत में बहुआयामी निर्धनता की समस्या के समाधान के लिए किए गए प्रमुख उपाय:
इन उपायों के माध्यम से भारत ने बहुआयामी निर्धनता को कम करने और समाज के कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
See lessराजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 (FRBMA) के क्या उद्देश्य हैं? इसकी प्रमुख विशेषताओं को सूचीबद्ध कीजिए।(उत्तर 200 शब्दों में दें)
राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 (FRBMA) भारत सरकार द्वारा लागू किया गया एक महत्वपूर्ण कानून है जिसका उद्देश्य वित्तीय अनुशासन और बजट प्रबंधन में सुधार लाना है। इसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं: वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देना: FRBMA का उद्देश्य सरकारी वित्तीय प्रबंधन में अनुशासनRead more
राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 (FRBMA) भारत सरकार द्वारा लागू किया गया एक महत्वपूर्ण कानून है जिसका उद्देश्य वित्तीय अनुशासन और बजट प्रबंधन में सुधार लाना है। इसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
प्रमुख विशेषताएँ:
FRBMA का पालन करके सरकार ने आर्थिक स्थिरता, पारदर्शिता और अनुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
See lessस्थिरीकरण (स्टरलाइजेशन) से आप क्या समझते हैं? आर. बी. आई. बाह्य भाषातों के विरुद्ध मुद्रा आपूर्ति को कैसे स्थिर करता है?(उत्तर 200 शब्दों में दें)
स्थिरीकरण (Sterilization) एक मौद्रिक नीति उपाय है जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करना होता है, खासकर जब बाहरी कारकों जैसे विदेशी पूंजी प्रवाह के कारण मुद्रा आपूर्ति में असंतुलन उत्पन्न होता है। इसका मुख्य लक्ष्य आर्थिक स्थिरता को बनाए रखना और मुद्रास्फीति या मुद्रा अवमूलRead more
स्थिरीकरण (Sterilization) एक मौद्रिक नीति उपाय है जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करना होता है, खासकर जब बाहरी कारकों जैसे विदेशी पूंजी प्रवाह के कारण मुद्रा आपूर्ति में असंतुलन उत्पन्न होता है। इसका मुख्य लक्ष्य आर्थिक स्थिरता को बनाए रखना और मुद्रास्फीति या मुद्रा अवमूल्यन को रोकना होता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बाहरी पूंजी प्रवाह, जैसे विदेशी निवेश और ऋण, के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न स्थिरीकरण उपाय करता है:
इन उपायों के माध्यम से RBI बाहरी पूंजी प्रवाह के प्रभाव को संतुलित करता है और अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखता है।
See lessगैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPAs) क्या हैं? हाल के दिनों में भारत में NPAS की समस्या को दूर करने के लिए सरकार द्वारा किये गए उपायों पर प्रकाश डालिए।(उत्तर 200 शब्दों में दें)
गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPAs) वे ऋण हैं जिन्हें चुकाने की तिथि बीत जाने के बाद भी उधारकर्ता द्वारा चुकाया नहीं गया है। ये आमतौर पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न करते हैं, क्योंकि इससे उनकी वित्तीय स्थिति कमजोर होती है और उन्हें पुनर्प्राप्ति में कठिनाई होती है। भारत मेRead more
गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPAs) वे ऋण हैं जिन्हें चुकाने की तिथि बीत जाने के बाद भी उधारकर्ता द्वारा चुकाया नहीं गया है। ये आमतौर पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न करते हैं, क्योंकि इससे उनकी वित्तीय स्थिति कमजोर होती है और उन्हें पुनर्प्राप्ति में कठिनाई होती है।
भारत में NPAs की समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण उपाय किए हैं:
इन उपायों के माध्यम से सरकार NPAs की समस्या को कम करने और बैंकों की वित्तीय सेहत को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
See lessडिजिटल कृषि से आप क्या समझते हैं ? इससे प्राप्त होने वाले लाभों पर टिप्पणी कीजिए । (125 Words) [UPPSC 2022]
**डिजिटल कृषि** का तात्पर्य कृषि प्रबंधन में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उपयोग से है, जिसमें डेटा विश्लेषण, सेंसर्स, ड्रोन, और मोबाइल एप्लिकेशन शामिल हैं। इसका उद्देश्य फसल उत्पादन, जल प्रबंधन, और कृषि प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और सटीक बनाना है। **लाभ:** 1. **सटीकता:** डेटा और सेंसर्स के माधRead more
**डिजिटल कृषि** का तात्पर्य कृषि प्रबंधन में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उपयोग से है, जिसमें डेटा विश्लेषण, सेंसर्स, ड्रोन, और मोबाइल एप्लिकेशन शामिल हैं। इसका उद्देश्य फसल उत्पादन, जल प्रबंधन, और कृषि प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और सटीक बनाना है।
**लाभ:**
1. **सटीकता:** डेटा और सेंसर्स के माध्यम से फसलों की स्थिति की निगरानी और विश्लेषण से संसाधनों का कुशल उपयोग होता है।
2. **उत्पादकता में वृद्धि:** बेहतर पूर्वानुमान और प्रबंधन से फसल की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ती है।
3. **खर्च में कमी:** संसाधनों के सही उपयोग से लागत कम होती है।
4. **जोखिम प्रबंधन:** मौसम की पूर्वसूचना और अन्य डेटा से किसानों को संभावित जोखिमों से निपटने में मदद मिलती है।
डिजिटल कृषि किसानों को स्मार्ट निर्णय लेने में सहायता प्रदान करती है, जिससे कृषि क्षेत्र में सुधार और विकास होता है।
See lessभारत सरकार की वर्तमान औद्योगिक नीति का 'मेक इन इन्डिया' तथा 'स्टैण्ड अप इन्डिया' के विशेष संदर्भ में मूल्यांकन कीजिए । (125 Words) [UPPSC 2022]
भारत सरकार की वर्तमान औद्योगिक नीति 'मेक इन इंडिया' और 'स्टैण्ड अप इंडिया' के तहत उद्यमिता और विनिर्माण को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। **'मेक इन इंडिया'** पहल का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना है। यह विदेशी निवेश को आकर्षित करने, बुनियादी ढांचे को सुधारने और औद्योगिक उत्पादनRead more
भारत सरकार की वर्तमान औद्योगिक नीति ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टैण्ड अप इंडिया’ के तहत उद्यमिता और विनिर्माण को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
**’मेक इन इंडिया’** पहल का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना है। यह विदेशी निवेश को आकर्षित करने, बुनियादी ढांचे को सुधारने और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाने के लिए है। इसके तहत, स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
**’स्टैण्ड अप इंडिया’** का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता और समर्थन प्रदान करना है। यह योजना नए उद्यमों की स्थापना और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करती है।
इन पहलों ने भारत में औद्योगिक विकास को गति दी है, लेकिन अभी भी चुनौतियां जैसे बुनियादी ढांचे की कमी और कानूनी बाधाएं बनी हुई हैं।
See lessयद्यपि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण एक सकारात्मक कदम है, तथापि उसमें कुछ ऐसी चुनौतियां भी विद्यमान हैं जिनका समाधान किए जाने की आवश्यकता है। चर्चा कीजिए।(उत्तर 200 शब्दों में दें)
भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है, जो पारदर्शिता, सुगमता और अधिकारिता को बढ़ावा देता है। हालांकि, इसके साथ कुछ प्रमुख चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं: डेटा सुरक्षा और गोपनीयता: डिजिटलीकृत भूमि अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। साइबर हमलों और डेटा चोरी से बचाव के लिRead more
भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है, जो पारदर्शिता, सुगमता और अधिकारिता को बढ़ावा देता है। हालांकि, इसके साथ कुछ प्रमुख चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं:
इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक व्यापक रणनीति, बेहतर तकनीकी अवसंरचना, और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है, ताकि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया सफल और सुरक्षित हो सके।
See lessवस्तु एवं सेवा कर की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। लागू होने के बाद से इसकी उपलब्धियों और इसके समक्ष आने वाली चुनौतियों का विवरण दीजिए।(उत्तर 200 शब्दों में दें)
वस्तु एवं सेवा कर (GST) एक एकीकृत अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है जो 1 जुलाई 2017 से भारत में लागू हुई। इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं: एकीकृत कर प्रणाली: GST सभी केंद्रीय और राज्य स्तर के अप्रत्यक्ष करों (जैसे, VAT, सेवा कर, एक्साइज ड्यूटी) को एकीकृत करता है, जिससे एक ही कर प्रणाली के तहत सभी वस्त्र और सेवाओं पRead more
वस्तु एवं सेवा कर (GST) एक एकीकृत अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है जो 1 जुलाई 2017 से भारत में लागू हुई। इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं:
उपलब्धियाँ:
चुनौतियाँ:
सम्पूर्ण रूप से, GST ने भारत की कर प्रणाली में सुधार किया है लेकिन इसके कार्यान्वयन में सुधार की आवश्यकता अभी भी है।
See lessलचीली विनिमय दर क्या है? डॉलर के मामले में भारतीय रुपये के अधिमूल्यन और अवमूल्यन के कारकों की व्याख्या कीजिए।(उत्तर 200 शब्दों में दें)
लचीली विनिमय दर एक ऐसी प्रणाली है जिसमें मुद्रा की कीमत बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर निर्धारित होती है, न कि केंद्रीय बैंक द्वारा स्थिर रूप से निर्धारित की जाती है। भारतीय रुपये के डॉलर के मुकाबले अधिमूल्यन और अवमूल्यन के कई कारक हैं: आर्थिक स्थितियाँ: भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर, महंगाईRead more
लचीली विनिमय दर एक ऐसी प्रणाली है जिसमें मुद्रा की कीमत बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर निर्धारित होती है, न कि केंद्रीय बैंक द्वारा स्थिर रूप से निर्धारित की जाती है। भारतीय रुपये के डॉलर के मुकाबले अधिमूल्यन और अवमूल्यन के कई कारक हैं:
इन सभी कारकों के संयोजन से रुपये का अधिमूल्यन और अवमूल्यन होता है।
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