अनाज वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने हेतु सरकार द्वारा कौन-कौन से सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं? (250 words) [UPSC 2019]
भारत सरकार द्वारा पारंपरिक आयुर्विज्ञान ज्ञान की रक्षा के उपाय 1. पेटेंट कानूनों में संशोधन: संविधानिक उपाय: भारत ने पेटेंट अधिनियम, 1970 में संशोधन कर पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक वस्त्रों की रक्षा के लिए प्रावधान किए हैं। प्राकृतिक पदार्थों और पारंपरिक ज्ञान को पेटेंट की रक्षा में अधिकार नहीं मिलRead more
भारत सरकार द्वारा पारंपरिक आयुर्विज्ञान ज्ञान की रक्षा के उपाय
1. पेटेंट कानूनों में संशोधन:
- संविधानिक उपाय: भारत ने पेटेंट अधिनियम, 1970 में संशोधन कर पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक वस्त्रों की रक्षा के लिए प्रावधान किए हैं। प्राकृतिक पदार्थों और पारंपरिक ज्ञान को पेटेंट की रक्षा में अधिकार नहीं मिल सकता।
- हालिया उदाहरण: 2005 में, पेटेंट कानून में संशोधन ने पारंपरिक ज्ञान को पेटेंट से बाहर रखा और पारंपरिक चिकित्सा और पौधों के उपयोग के लिए विशेष संरक्षण प्रदान किया।
2. खगोलिय डेटाबेस और दस्तावेज़ीकरण:
- पारंपरिक ज्ञान डेटाबेस: भारत सरकार ने पारंपरिक ज्ञान डिजिटल डेटाबेस (TKDL) स्थापित किया है। यह डेटाबेस आयुर्वेद, सिद्ध, और यूनीनी में पारंपरिक ज्ञान की डॉक्यूमेंटेशन और पंजीकरण को सुरक्षित करता है।
- हालिया उदाहरण: TKDL के माध्यम से, भारत ने डब्ल्यूटीओ में पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए कई पेटेंटों को विपरीत कर पारंपरिक उपयोग के अधिकारों को सुनिश्चित किया है।
3. अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समझौते:
- अनुबंध और समझौते: भारत ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समझौतों और अधिकारों के साथ सहयोग किया है, जैसे सांस्कृतिक विविधता समझौते और संविधानिक संरक्षण।
- हालिया उदाहरण: स्वदेशी रूप से निर्मित दवाओं और संविधानिक संरक्षण को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के साथ मान्यता दी गई है।
4. आयुष मंत्रालय और अनुसंधान:
- मंत्रालय की पहल: आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के अनुसंधान और प्रचार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं।
- हालिया उदाहरण: आयुष मंत्रालय ने पारंपरिक चिकित्सा के विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित उन्नत अनुसंधान के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।
5. प्रवर्तन और निगरानी:
- निगरानी प्रणाली: पेटेंट अधिकारों के दुरुपयोग और पारंपरिक ज्ञान की चोरी को रोकने के लिए, भारत ने एक निगरानी प्रणाली स्थापित की है।
- हालिया उदाहरण: पारंपरिक चिकित्सा के पेटेंट दावों की निगरानी के लिए विशेष विभाग और समीक्षा समिति का गठन किया गया है।
निष्कर्ष: भारत सरकार ने पारंपरिक आयुर्विज्ञान के ज्ञान को पेटेंटिंग से बचाने के लिए कानूनी, डॉक्यूमेंटेशन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, और अनुसंधान उपाय अपनाए हैं। ये कदम पारंपरिक ज्ञान की रक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर इसके प्रवर्तन और सुरक्षा को भी सक्षम बनाते हैं.
See less
अनाज वितरण प्रणाली में सुधारात्मक कदम 1. डिजिटल लाइसेंसिंग और ई-गवर्नेंस: डिजिटल लाभार्थी रिकॉर्ड: सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाया है। पीडीएस-एनओसी (Public Distribution System-National Online Certificate) ने लाभार्थियों की सूची को डिजिटल रूप सेRead more
अनाज वितरण प्रणाली में सुधारात्मक कदम
1. डिजिटल लाइसेंसिंग और ई-गवर्नेंस:
2. प्रौद्योगिकी का उपयोग:
3. खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA):
4. वाणिज्यिक अनाज भंडारण में सुधार:
5. पुनरावलोकन और निगरानी:
इन सुधारात्मक कदमों से अनाज वितरण प्रणाली की सक्षमता और सटीकता में सुधार हुआ है, जिससे लाभार्थियों को समय पर और उचित मात्रा में अनाज मिल रहा है।
See less