मनोवृत्ति को परिभाषित कीजिये तथा मनोवृत्ति एवं अभिक्षमता के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य संबंधों की विवेचना कीजिये। (125 Words) [UPPSC 2021]
अहिंसा, जिसका अर्थ है 'हिंसा से बचना', मूलभूत नैतिक सद्गुणों का उच्चतम स्वरूप माना जाता है। यह विचार बौद्ध, जैन, और हिंदू धर्मों में केंद्रीय स्थान रखता है और इसे एक आदर्श जीवन जीने के लिए आवश्यक मान्यता प्राप्त है। अहिंसा केवल शारीरिक हिंसा से परे है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक हिंसा को भी रोकनेRead more
अहिंसा, जिसका अर्थ है ‘हिंसा से बचना’, मूलभूत नैतिक सद्गुणों का उच्चतम स्वरूप माना जाता है। यह विचार बौद्ध, जैन, और हिंदू धर्मों में केंद्रीय स्थान रखता है और इसे एक आदर्श जीवन जीने के लिए आवश्यक मान्यता प्राप्त है। अहिंसा केवल शारीरिक हिंसा से परे है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक हिंसा को भी रोकने का प्रयास करती है।
महात्मा गांधी ने अहिंसा को समाज के हर पहलू में अपनाने की बात की, इसे सत्य और न्याय के साथ जोड़ते हुए। उनका मानना था कि अहिंसा न केवल दूसरों के प्रति सहानुभूति और सम्मान दर्शाती है, बल्कि यह आत्म-परिष्कार और समाज में स्थिरता और शांति को भी बढ़ावा देती है।
इस प्रकार, अहिंसा का पालन करने से व्यक्तियों और समाज में गहरी नैतिकता और मानवता का विकास होता है, जो कि आदर्श नैतिकता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
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मनोवृत्ति की परिभाषा और अभिक्षमता के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में संबंध 1. मनोवृत्ति की परिभाषा (Definition of Attitude): मनोवृत्ति: मनोवृत्ति एक मानसिक स्थिति या प्रवृत्ति है जो किसी व्यक्ति के विचारों, भावनाओं और व्यवहार को प्रभावित करती है। यह एक विशेष व्यक्ति, वस्तु, या स्थिति के प्रति सकारात्मक याRead more
मनोवृत्ति की परिभाषा और अभिक्षमता के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में संबंध
1. मनोवृत्ति की परिभाषा (Definition of Attitude):
2. मनोवृत्ति और अभिक्षमता के संबंध (Relationship Between Aptitude and Attitude):
निष्कर्ष: ऐतिहासिक रूप से, मनोवृत्ति को मानसिक प्रवृत्ति के रूप में देखा गया है, जो अभिक्षमता के उपयोग को प्रभावित करती है। अभिक्षमता आंतरिक क्षमताओं को दर्शाती है, जबकि मनोवृत्ति यह निर्धारित करती है कि ये क्षमताएँ कितनी प्रभावी ढंग से उपयोग की जाती हैं।
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