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What are some simple ways individuals can help protect the environment? 75 words
How does climate change impact biodiversity around the world? 75 words
What role do bees and other pollinators play in our ecosystem? 75 words
How do human activities like deforestation affect animal and plant species? 125 words
What is biodiversity, and why is it important for our planet? 75 words
Enumerate the Socio-economic impact of climate change and Conclude with steps taken by government at national and global level.
Enumerate the Socio-economic impact of climate change and Conclude with steps taken by government at national and global level.
World Health Organization (WHO) defines Climate change as the long-term changes in temperature and precipitation patterns, which can have significant impacts on human health, particularly in vulnerable populations. Socio economic impacts of Climate change - Rising sea levels , flooding and extreme wRead more
World Health Organization (WHO) defines Climate change as the long-term changes in temperature and precipitation patterns, which can have significant impacts on human health, particularly in vulnerable populations.
Socio economic impacts of Climate change –
Steps taken by government at National and Global level –
India’s efforts demonstrate a proactive approach to mitigating climate change impacts. Continued collaboration between government, civil society, and the private sector is crucial for achieving a climate resilient future.
See lessPlease list out points that are very efficient and not known well enough by people to reduce climate change
Climate change refers to long-term shifts in temperatures and weather patterns. Such shifts can be natural, due to changes in the sun’s activity or large volcanic eruptions. But since the 1800s, human activities have been the main driver of climate change primarily due to the burning of fossil fuelsRead more
Climate change refers to long-term shifts in temperatures and weather patterns. Such shifts can be natural, due to changes in the sun’s activity or large volcanic eruptions. But since the 1800s, human activities have been the main driver of climate change primarily due to the burning of fossil fuels like coal, oil and gas. In order to reduce the impact of climate we can take the following steps:
1.Ending our Reliance on Fossil fuels, the single most important thing we can do is to reduce our consumption of fossil fuel.
2. Shifting to a more efficient and green form of energy in order to harness more power and have less or no carbon emission, such as : Solar Energy, Wind Energy, Geothermal and hydroelectric power etc..
3.There should be better Forestry management and sustainable agriculture
4.There should be some Industrial make up to as from factories and facilities there have been a lot of production of green house gases or harmful gases
5. Finally, it should go without saying that we, as individuals, are key to solving the climate crisis—not just by continuing to lobby our legislature and speak up in our communities but also by taking climate action in our daily life.
See lessDo you agree with the claim that indecision and risk aversion are prevalent issues in Indian bureaucracy? Support your answer with logical reasoning. (150 words) ऐसा कहा जाता है कि भारतीय नौकरशाही में अनिर्णय और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति ...
Rising Threats Digital Era Challenges: 2024 marks a significant rise in digital threats, particularly from AI and cyberattacks. Key Issues: Disinformation campaigns. Cyber fraud affecting daily life. Current Major Cyber Threats Ransomware Rampage: Over 48,000 instances of WannaCry ransomware detected ...
बढ़ते खतरे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और साइबर हमले: 2024 में AI और साइबर हमलों के खतरे में वृद्धि। महत्वपूर्ण अवसंरचना पर हमले: डिजिटल हमलों और दुष्प्रचार अभियानों की संभावना बढ़ी है। प्रमुख साइबर खतरें रैनसमवेयर का प्रकोप: 48,000 से अधिक ...
लिंग रूढ़िवादिता: भारतीय समाज में महिलाओं पर इसका प्रभाव लिंगवाद क्या है? लिंग रूढ़िवादिता का तात्पर्य किसी व्यक्ति के लिंग के आधार पर उसके बारे में बनाई गई सीमित और पूर्वनिर्धारित धारणाओं से है। ये धारणाएँ समाज द्वारा बनाई गई हैं और बताती हैं कि एक पुरुष या महिला को कैसा व्यवहार करना चाहिए, उसे क्यRead more
लिंग रूढ़िवादिता: भारतीय समाज में महिलाओं पर इसका प्रभाव
लिंगवाद क्या है?
लिंग रूढ़िवादिता का तात्पर्य किसी व्यक्ति के लिंग के आधार पर उसके बारे में बनाई गई सीमित और पूर्वनिर्धारित धारणाओं से है। ये धारणाएँ समाज द्वारा बनाई गई हैं और बताती हैं कि एक पुरुष या महिला को कैसा व्यवहार करना चाहिए, उसे क्या भूमिका निभानी चाहिए और उसमें कौन से गुण होने चाहिए। ये धारणाएँ अक्सर अनम्य होती हैं और व्यक्ति की व्यक्तिगत क्षमताओं और इच्छाओं की अनदेखी करती हैं।
भारतीय समाज में महिलाओं पर लैंगिक रूढ़िवादिता का प्रभाव
भारतीय समाज में लैंगिक रूढ़िवादिता ने सदियों से महिलाओं को प्रभावित किया है। कुछ प्रमुख निहितार्थ इस प्रकार हैं:
शिक्षा और करियर: महिलाओं को अक्सर घर के कामों तक ही सीमित रखा जाता है और उन्हें शिक्षा और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास कम होता है और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता पर भी असर पड़ता है।
सामाजिक प्रतिष्ठा: समाज में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम प्रतिष्ठा दी जाती है। उन्हें अक्सर कमज़ोर और आश्रित माना जाता है।
घरेलू हिंसा: लैंगिक रूढ़िवादिता घरेलू हिंसा को बढ़ावा देती है। पुरुषों को महिलाओं पर हावी होने का अधिकार दिया जाता है और महिलाओं को इस हिंसा के खिलाफ बोलने से रोका जाता है।
स्वास्थ्य: लैंगिक रूढ़िवादिता महिलाओं के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने से रोका जाता है और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व: राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम है। लैंगिक रूढ़िवादिता के कारण महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार नहीं माना जाता है।
यूपीएससी परीक्षा के नजरिए से
यूपीएससी परीक्षा में लिंग रूढ़िवादिता एक महत्वपूर्ण विषय है। इस संबंध में निम्नलिखित प्रश्न पूछे जा सकते हैं:
भारतीय समाज में लैंगिक रूढ़िवादिता के क्या कारण हैं?
महिलाओं पर लैंगिक रूढ़िवादिता का क्या प्रभाव पड़ता है?
लैंगिक रूढ़िवादिता को ख़त्म करने के लिए क्या उपाय किये जा सकते हैं?
भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
निष्कर्ष
लैंगिक रुढ़िवादिता एक गंभीर सामाजिक समस्या है जो महिलाओं के जीवन को कई तरह से प्रभावित करती है। इस समस्या को खत्म करने के लिए समाज में जागरूकता फैलाना और महिलाओं को सशक्त बनाना बहुत जरूरी है।
अतिरिक्त जानकारी
लैंगिक रुढ़िवादिता को खत्म करने के लिए शिक्षा का बहुत महत्व है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना भी बहुत जरूरी है।
कानून का सख्ती से पालन करना चाहिए और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुरुषों को भी लैंगिक समानता के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।