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Women empowerment in India needs gender budgeting. What are the requirements and status of gender budgeting in the Indian context? (200 words) [UPSC 2016]
Women Empowerment in India and the Role of Gender Budgeting Requirements of Gender Budgeting: Dedicated Allocation: Gender budgeting requires specific financial allocations to address the needs of women and promote gender equality. It ensures that a portion of the budget is allocated to programs dirRead more
Women Empowerment in India and the Role of Gender Budgeting
Requirements of Gender Budgeting:
Status of Gender Budgeting in India:
Conclusion:
Gender budgeting is essential for empowering women in India by ensuring targeted financial support and integrating gender considerations into policies. While significant progress has been made, continued efforts are needed to enhance its effectiveness and address existing challenges.
See lessHow globalization has led to the reduction of employment in the formal sector of the Indian economy? Is increased informalization detrimental to the development of the country? (200 words) [UPSC 2016]
Impact of Globalization on Formal Sector Employment and Informalization in India Reduction in Formal Sector Employment: Outsourcing and Automation: Globalization has led to a significant increase in outsourcing and automation. Many Indian companies have outsourced labor-intensive processes to countrRead more
Impact of Globalization on Formal Sector Employment and Informalization in India
Reduction in Formal Sector Employment:
Increased Informalization and its Impact:
Conclusion:
Globalization has indeed contributed to the reduction of formal sector employment in India by driving outsourcing, automation, and economic liberalization. While informalization provides employment opportunities, it poses significant challenges for economic development due to its unregulated nature and adverse impacts on workers’ rights and welfare. Balancing globalization with robust policies to protect workers and formalize employment is crucial for sustainable development.
See lessअंकीयकृत (डिजिटाइन्ड) दुनिया में बढ़ते हुए साइबर अपराधों के कारण डाटा सुरक्षा का महत्त्व बहुत बढ़ गया है। जस्टिस बी० एन० श्रीकृष्णा समिति रिपोर्ट में डाटा की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर सोच-विचार किया गया है। आपके विचार में साइबर स्पेस में निजी डाटा की सुरक्षा से संबंधित इस रिपोर्ट की खूबियाँ और खामियाँ क्या-क्या है? (250 words) [UPSC 2018]
साइबर स्पेस में निजी डाटा की सुरक्षा पर जस्टिस बी. एन. श्रीकृष्णा समिति रिपोर्ट की खूबियाँ और खामियाँ खूबियाँ: व्यापक डेटा सुरक्षा ढांचा: रिपोर्ट ने व्यापक और मजबूत डेटा सुरक्षा ढांचा पेश किया है, जिसमें डेटा संग्रहण, प्रसंस्करण, और उपयोग के मानक और दिशा-निर्देश शामिल हैं। डेटा संरक्षण विधेयक का मसौRead more
साइबर स्पेस में निजी डाटा की सुरक्षा पर जस्टिस बी. एन. श्रीकृष्णा समिति रिपोर्ट की खूबियाँ और खामियाँ
खूबियाँ:
खामियाँ:
निष्कर्ष: जस्टिस बी. एन. श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट ने भारत में डेटा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन इसके कार्यान्वयन और अनुपालन को लेकर कुछ चुनौतियाँ भी हैं। रिपोर्ट का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि भारतीय नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की रक्षा की जा सके।
See lessDescribe various measures taken in India for Disaster Risk Reduction (DRR) before and after signing ‘Sendai Framework for DRR (2015-2030)’. How is this framework different from ‘Hyogo Framework for Action, 2005? (250 words) [UPSC 2018]
Measures for Disaster Risk Reduction (DRR) in India Before Signing the Sendai Framework: National Disaster Management Act (2005): Established the National Disaster Management Authority (NDMA) to formulate policies and coordinate disaster response. National Disaster Management Plan (2009): Focused onRead more
Measures for Disaster Risk Reduction (DRR) in India
Before Signing the Sendai Framework:
After Signing the Sendai Framework:
Differences between the Sendai Framework and Hyogo Framework for Action:
Conclusion: The transition from the Hyogo Framework to the Sendai Framework marks a shift towards a more comprehensive, proactive, and inclusive approach to disaster risk reduction, focusing on resilience and risk management at all levels.
See lessभारत में जैव विविधता किस प्रकार अलग-अलग पाई जाती है? बनस्पतिजात और प्राणिजात के संरक्षण में जैव विविधता अधिनियम, 2002 किस प्रकार सहायक है? (250 words) [UPSC 2018]
भारत में जैव विविधता का प्रकार भौगोलिक विविधता: भारत में जैव विविधता अपने विशाल भौगोलिक और जलवायु विविधताओं के कारण अत्यधिक भिन्न होती है। देश की विविधता में हिमालयी क्षेत्र, गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान, पश्चिमी घाट, और दकन पठार शामिल हैं। उदाहरण के लिए, हिमालय में 7,000 से अधिक पौधों की प्रजातियाँ पाRead more
भारत में जैव विविधता का प्रकार
भौगोलिक विविधता:
भारत में जैव विविधता अपने विशाल भौगोलिक और जलवायु विविधताओं के कारण अत्यधिक भिन्न होती है। देश की विविधता में हिमालयी क्षेत्र, गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान, पश्चिमी घाट, और दकन पठार शामिल हैं। उदाहरण के लिए, हिमालय में 7,000 से अधिक पौधों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जबकि पश्चिमी घाट में 139 विभिन्न प्रकार के अभयारण्य हैं।
वन्यजीव विविधता:
भारत में वन्यजीवों की विविधता भी उल्लेखनीय है, जिसमें बाघ, सिंह, साल्ट-डॉक्स और गंगा डॉल्फिन शामिल हैं। किराट और रेनफॉरेस्ट जैसे अनूठे पारिस्थितिक तंत्र इन प्रजातियों का समर्थन करते हैं।
जैव विविधता अधिनियम, 2002 के योगदान
संरक्षण और प्रबंधन:
जैव विविधता अधिनियम, 2002 का उद्देश्य बनस्पतिजात और प्राणिजात के संरक्षण को सुनिश्चित करना है। इस अधिनियम के तहत, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) और राज्य जैव विविधता प्राधिकरण (SBA) की स्थापना की गई है, जो जैव विविधता संरक्षण की दिशा में नीतिगत और प्रशासनिक समर्थन प्रदान करते हैं।
पेटेंट और बौद्धिक संपदा संरक्षण:
अधिनियम पारंपरिक ज्ञान और आयुर्वेदिक पौधों की रक्षा करता है। इससे भारत ने हाल ही में तुलसी, अश्वगंधा जैसी पारंपरिक जड़ी-बूटियों के पेटेंट को सुरक्षित किया है। यह पेटेंट अधिकार भारतीय समुदायों को उनके ज्ञान और संसाधनों पर नियंत्रण प्रदान करते हैं और विदेशी कंपनियों द्वारा इनका दुरुपयोग रोकते हैं।
स्वदेशी समुदायों के अधिकार:
जैव विविधता अधिनियम ने स्वदेशी समुदायों के सांस्कृतिक और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा की है। इसके माध्यम से, ये समुदाय अपने पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों के उचित उपयोग और लाभांश के अधिकार प्राप्त करते हैं।
संरक्षण प्रयासों में योगदान:
अधिनियम ने विविध प्रजातियों और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण में नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया है। उदाहरण स्वरूप, साइबर ट्री और सपारी जैसे महत्वपूर्ण वनस्पतियों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका को बढ़ाया गया है।
निष्कर्ष
See lessजैव विविधता अधिनियम, 2002 ने भारत की जैव विविधता को संरक्षित करने और प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह पारंपरिक ज्ञान की रक्षा, स्वदेशी समुदायों के अधिकारों की रक्षा, और विविध प्रजातियों के संरक्षण को सुनिश्चित करता है। इससे जैव विविधता की रक्षा और उसके सतत उपयोग को बढ़ावा मिला है।
संसार के दो सबसे बड़े अवैध अफ्रीम उगाने वाले राज्यों से भारत की निकटता ने भारत की आंतरिक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। नशीली दवाओं के अवैध व्यापार एवं बंदूक बेचने, ग्रुपचुप धन विदेश भेजने और मानव तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों के बीच कड़ियों को स्पष्ट कीजिए। इन गतिविधियों को रोकने के लिए क्या-क्या प्रतिरोधी उपाय किए जाने चाहिए? (250 words) [UPSC 2018]
भारत की आंतरिक सुरक्षा चिंताओं और अवैध गतिविधियों के बीच कड़ियाँ अफीम उगाने वाले राज्यों की निकटता: भारत की अफगानिस्तान और म्यांमार से निकटता, जो दुनिया के दो प्रमुख अफीम उगाने वाले क्षेत्र हैं, ने आंतरिक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। इन क्षेत्रों से प्राप्त हेरोइन और अन्य नशीली दवाएं भारत में अवRead more
भारत की आंतरिक सुरक्षा चिंताओं और अवैध गतिविधियों के बीच कड़ियाँ
अफीम उगाने वाले राज्यों की निकटता:
भारत की अफगानिस्तान और म्यांमार से निकटता, जो दुनिया के दो प्रमुख अफीम उगाने वाले क्षेत्र हैं, ने आंतरिक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। इन क्षेत्रों से प्राप्त हेरोइन और अन्य नशीली दवाएं भारत में अवैध व्यापार के प्रमुख स्रोत हैं।
नशीली दवाओं और बंदूक बेचने की कड़ी:
नशीली दवाओं और धन विदेश भेजने की कड़ी:
नशीली दवाओं और मानव तस्करी की कड़ी:
प्रतिरोधी उपाय
सिमित सीमा निगरानी:
वित्तीय नियमन में सख्ती:
आतंकवाद और बंदूक बेचने के खिलाफ कार्रवाई:
मानव तस्करी से निपटना:
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग:
इन उपायों के माध्यम से भारत अपनी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत कर सकता है और अवैध गतिविधियों के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से तोड़ सकता है।
See lessIndia’s proximity to two of the world’s biggest illicit opium-growing states has enhanced her internal security concerns. Explain the linkages between drug trafficking and other illicit activities such as gunrunning, money laundering and human trafficking. What counter-measures should be taken to prevent the same? (250 words) [UPSC 2018]
Linkages Between Drug Trafficking and Other Illicit Activities Proximity to Opium-Growing States: India's geographical location adjacent to Afghanistan and Myanmar—two of the world's largest opium-producing regions—intensifies its internal security concerns. These areas are major sources of heroin aRead more
Linkages Between Drug Trafficking and Other Illicit Activities
Proximity to Opium-Growing States:
India’s geographical location adjacent to Afghanistan and Myanmar—two of the world’s largest opium-producing regions—intensifies its internal security concerns. These areas are major sources of heroin and other narcotics that fuel drug trafficking networks operating within and beyond India’s borders.
Drug Trafficking and Gunrunning:
Drug Trafficking and Money Laundering:
Drug Trafficking and Human Trafficking:
Counter-Measures to Prevent Illicit Activities
Strengthening Border Security:
Tightening Financial Regulations:
Combating Gunrunning:
Addressing Human Trafficking:
International Cooperation:
In conclusion, India’s proximity to major opium-producing regions necessitates a multi-faceted approach to address the complex linkages between drug trafficking and other illicit activities. By strengthening border security, tightening financial regulations, combating gunrunning, addressing human trafficking, and fostering international cooperation, India can enhance its internal security and disrupt the criminal networks exploiting these linkages.
See lessData security has assumed significant importance in the digitized world due to rising cyber crimes. The Justice B. N. Srikrishna Committee Report addresses issues related to data security. What, in your view, are the strengths and weaknesses of the Report relating to protection of personal data in cyber space? (250 words) [UPSC 2018]
Strengths and Weaknesses of the Justice B. N. Srikrishna Committee Report on Data Security Strengths: Comprehensive Framework: The Justice B. N. Srikrishna Committee Report, officially known as the Personal Data Protection Bill, 2018, provides a comprehensive framework for data protection. It introdRead more
Strengths and Weaknesses of the Justice B. N. Srikrishna Committee Report on Data Security
Strengths:
Weaknesses:
Recent Examples and Context:
In conclusion, while the Justice B. N. Srikrishna Committee Report offers a robust framework for data protection and aligns with international standards, its effectiveness will depend on overcoming implementation challenges, ensuring balanced privacy and security measures, and addressing concerns related to data localization and compliance.
See lessभारत में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डी० आर० आर०) के लिए 'सेंडाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रारूप (2015-2030)' हस्ताक्षरित करने से पूर्व एवं उसके पश्चात् किए गए विभिन्न उपायों का वर्णन कीजिए। यह प्रारूप 'ह्योगो कार्रवाई प्रारूप, 2005 से किस प्रकार भिन्न है?
आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) और सेंडाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रारूप 1. सेंडाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रारूप (2015-2030) के तहत किए गए उपाय: पूर्व-हस्ताक्षरित उपाय: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना: भारत ने 2016 में अपनी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना तैयार की, जो सेंडाई प्रारूप के सिद्धांतों के अनुरूप है। इसRead more
आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) और सेंडाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रारूप
1. सेंडाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रारूप (2015-2030) के तहत किए गए उपाय:
2. सेंडाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रारूप और ह्योगो कार्रवाई प्रारूप में भिन्नताएँ:
3. निष्कर्ष: सेंडाई आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रारूप ने भारत में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के दृष्टिकोण को नया दिशा दिया है। इसके माध्यम से, स्थानीय स्तर पर सामुदायिक सशक्तिकरण और स्थिर विकास को प्राथमिकता दी गई है, जो ह्योगो प्रारूप की विशेषताएँ और दृष्टिकोण से भिन्न है।
See lessHow does biodiversity vary in India? How is the Biological Diversity Act, 2002 helpful in conservation of flora and fauna? (250 words) [UPSC 2018]
Biodiversity Variation in India and the Biological Diversity Act, 2002 1. Biodiversity Variation in India: Geographic Diversity: India’s biodiversity is shaped by its diverse geographic features. From the Himalayas to the Western Ghats, and from the Thar Desert to the coastal regions, each region suRead more
Biodiversity Variation in India and the Biological Diversity Act, 2002
1. Biodiversity Variation in India:
2. Biological Diversity Act, 2002:
3. Conclusion: India’s biodiversity is characterized by its extensive geographic and ecological variety, which supports a rich array of plant and animal species. The Biological Diversity Act, 2002 plays a crucial role in conserving and managing these resources by providing a structured approach to local conservation efforts, benefit-sharing, and regulatory oversight. This helps address challenges to biodiversity and supports sustainable management of India’s natural heritage.
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