ग्रामीण क्षेत्रों में कृषीतर रोज़गार और आय का प्रबन्ध करने में पशुधन पालन की बड़ी संभाव्यता है। भारत में इस क्षेत्रक की प्रोन्नति करने के उपयुक्त उपाय सुझाते हुए चर्चा कीजिए । (200 words) [UPSC 2015]
हाँ, पशुधन क्षेत्रक को पुनः सक्रिय करना भारत के किसानों की संधारणीय आजीविका और आय में वृद्धि की कुंजी हो सकता है। इसके समर्थन में निम्नलिखित कारण हैं: आय का विविधीकरण: पशुधन खेती जैसे दूध, मांस, और ऊन उत्पादन से किसानों को उनकी मुख्य फसलों के अलावा अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है। इससे उनकी वित्तीय स्Read more
हाँ, पशुधन क्षेत्रक को पुनः सक्रिय करना भारत के किसानों की संधारणीय आजीविका और आय में वृद्धि की कुंजी हो सकता है। इसके समर्थन में निम्नलिखित कारण हैं:
आय का विविधीकरण: पशुधन खेती जैसे दूध, मांस, और ऊन उत्पादन से किसानों को उनकी मुख्य फसलों के अलावा अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है। इससे उनकी वित्तीय स्थिरता में सुधार होता है।
वृद्धि की संभावनाएँ: भारत में पशुधन की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य और निरंतर आय प्राप्त होती है।
रोजगार सृजन: पशुधन क्षेत्रक में सुधार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
संवर्धन और तकनीकी उन्नति: नई तकनीक और बेहतर पशुधन प्रबंधन विधियाँ, जैसे टीकाकरण और नस्ल सुधार, उत्पादकता को बढ़ाती हैं और पशुधन के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करती हैं।
इस प्रकार, पशुधन क्षेत्रक को पुनः सक्रिय करने से किसानों की आय में वृद्धि और आजीविका में स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है।
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पशुधन पालन ग्रामीण क्षेत्रों में कृषीतर रोज़गार और आय का प्रबन्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस क्षेत्र की प्रोन्नति के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं: प्रशिक्षण और शिक्षा: किसानों और पशुपालकों को आधुनिक पशुधन पालन तकनीकों, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, और बेहतर आहार प्रथाओं पर प्रशिक्षणRead more
पशुधन पालन ग्रामीण क्षेत्रों में कृषीतर रोज़गार और आय का प्रबन्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस क्षेत्र की प्रोन्नति के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
इन उपायों को अपनाकर भारत में पशुधन पालन क्षेत्र की संभावनाओं को साकार किया जा सकता है।
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