भारत की आन्तरिक सुरक्षा के लिए बाह्य राज्य और गैर-राज्य कारकों द्वारा प्रस्तुत बहुआयामी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। इन संकटों का मुकाबला करने के लिए आवश्यक उपायों की भी चर्चा कीजिए । (250 words) [UPSC 2021]
भारत में ड्रग की तस्करी के विकास के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं, और यह समस्या केवल देश की भौगोलिक स्थिति तक सीमित नहीं है। भारत का अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे देशों के निकट होना, जो विश्व के सबसे बड़े अफीम उत्पादक क्षेत्रों में से हैं, इस समस्या को और गंभीर बनाता है। इसे "गोल्डन क्रिसेंट" के नाम सेRead more
भारत में ड्रग की तस्करी के विकास के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं, और यह समस्या केवल देश की भौगोलिक स्थिति तक सीमित नहीं है। भारत का अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे देशों के निकट होना, जो विश्व के सबसे बड़े अफीम उत्पादक क्षेत्रों में से हैं, इस समस्या को और गंभीर बनाता है। इसे “गोल्डन क्रिसेंट” के नाम से जाना जाता है। लेकिन इसके अलावा भी अन्य कारक हैं जो ड्रग तस्करी को बढ़ावा देते हैं।
भारत में गरीबी, बेरोजगारी और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की कमी भी ड्रग तस्करी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सीमावर्ती क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक स्थिति और सीमाओं की प्रभावी निगरानी की कमी से तस्करी का काम आसान हो जाता है। इसके अतिरिक्त, ड्रग्स की बढ़ती मांग और देश में असमानता की गहरी जड़ें, विशेष रूप से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा देती हैं।
सरकार ने इस खतरे से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) का गठन और ड्रग्स एंड कसमेटिक्स एक्ट, 1940 जैसे कानून बनाए गए हैं। इसके अलावा, सीमाओं पर सुरक्षा बलों की निगरानी को मजबूत किया गया है और तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ जन जागरूकता अभियानों को भी प्राथमिकता दी गई है।
हालांकि, इस समस्या से पूरी तरह निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है, जिसमें समाज, सरकार, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझेदारी महत्वपूर्ण है।
See less
भारत की आन्तरिक सुरक्षा के लिए बाह्य राज्य और गैर-राज्य कारकों द्वारा प्रस्तुत बहुआयामी चुनौतियाँ बाह्य राज्य कारकों से उत्पन्न चुनौतियाँ: सीमा पार आतंकवाद: पाकिस्तान: पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद एक प्रमुख चुनौती है। हाल ही में 2023 में जम्मू और कश्मीर में हुए हमले में पाकिस्तान आधारित आतंRead more
भारत की आन्तरिक सुरक्षा के लिए बाह्य राज्य और गैर-राज्य कारकों द्वारा प्रस्तुत बहुआयामी चुनौतियाँ
बाह्य राज्य कारकों से उत्पन्न चुनौतियाँ:
गैर-राज्य कारकों से उत्पन्न चुनौतियाँ:
इन संकटों का मुकाबला करने के लिए आवश्यक उपाय:
इन बहुआयामी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए रणनीतिक, परिचालन और नीतिगत उपायों के संयोजन की आवश्यकता है, ताकि भारत की आन्तरिक सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
See less