‘भारत विश्व नेतृत्व के लिए तत्पर है।’ इस कथन की विवेचना कीजिए। (200 Words) [UPPSC 2023]
भारत-नेपाल के तनावपूर्ण संबंधों में चीनी कारक की भूमिका 1. सीमा विवाद और चीनी प्रभाव (Boundary Disputes and Chinese Influence): चीनी अवसंरचना परियोजनाएँ: नेपाल में चीन की टिब्बत-नेपाल रेलवे जैसी परियोजनाएँ भारत के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि ये परियोजनाएँ नेपाल की सामरिक स्थिति को प्रभावित करती हRead more
भारत-नेपाल के तनावपूर्ण संबंधों में चीनी कारक की भूमिका
1. सीमा विवाद और चीनी प्रभाव (Boundary Disputes and Chinese Influence):
- चीनी अवसंरचना परियोजनाएँ: नेपाल में चीन की टिब्बत-नेपाल रेलवे जैसी परियोजनाएँ भारत के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि ये परियोजनाएँ नेपाल की सामरिक स्थिति को प्रभावित करती हैं।
- उदाहरण: लhasa-Kathmandu रेलवे निर्माण ने भारत की चिंताओं को बढ़ाया है क्योंकि इससे चीन की नेपाल में बढ़ती उपस्थिति और प्रभाव को संकेत मिलता है।
2. स्ट्रैटेजिक गठबंधनों का विस्तार (Strategic Alliances):
- चीन-नेपाल संबंध: नेपाल की चीन के साथ बढ़ती साझेदारी ने भारत के साथ तनाव को बढ़ाया है। नेपाल के हालिया यात्रा और द्विपक्षीय समझौतों से चीन के साथ गहरे संबंधों को दर्शाते हैं।
- उदाहरण: नेपाल का Belt and Road Initiative (BRI) के साथ समझौता भारत के लिए चिंता का कारण बना है, जिससे उसकी क्षेत्रीय रणनीति पर प्रभाव पड़ा है।
3. भारत-नेपाल संबंधों पर प्रभाव (Impact on India-Nepal Relations):
- सीमा तनाव: चीनी प्रभाव ने भारत-नेपाल सीमा विवाद को बढ़ावा दिया है, विशेषकर नेपाल के अद्यतन राजनीतिक मानचित्र के बाद।
- उदाहरण: कालापानी-लिम्पियाधुरा विवाद में नेपाल की चीन के साथ निकटता ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया है।
निष्कर्ष: चीन के बढ़ते प्रभाव ने भारत-नेपाल संबंधों में तनाव को बढ़ावा दिया है, जो रणनीतिक गठबंधनों और सीमा विवादों को प्रभावित करता है।
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भारत का वैश्विक नेतृत्व के लिए तत्पर होना: विवेचना 1. वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका: आर्थिक वृद्धि: भारत की विवृद्धि दर और वृहद बाजार उसे वैश्विक आर्थिक वर्ग में एक प्रमुख खिलाड़ी बना रही है। मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे आर्थिक योजनाओं से भारत आकर्षक निवेश स्थल बन गया है। भूराजनीतिक महत्त्व: भाRead more
भारत का वैश्विक नेतृत्व के लिए तत्पर होना: विवेचना
1. वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका:
2. वैश्विक मुद्दों में योगदान:
3. चुनौतियाँ:
4. भविष्य की दिशा:
निष्कर्ष: भारत वैश्विक नेतृत्व के लिए तत्पर है, इसके आर्थिक और सामरिक प्रभाव, वैश्विक मुद्दों में योगदान, और भविष्य की दिशा इसे एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बना रहे हैं। हालांकि, चुनौतियाँ भी मौजूद हैं जिन्हें सतत प्रयास और संयुक्त रणनीति से पार किया जा सकता है।
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