प्रश्न का उत्तर अधिकतम 10 शब्दों में दीजिए। यह प्रश्न 02 अंक का है। [MPPSC 2023] नैतिक आचरण सुनिश्चित करने के कोई दो साधन लिखिए।
सत्यनिष्ठा पर विचार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 'सत्यनिष्ठा वित्तीय ईमानदारी से अधिक व्यापक है' यह बयान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिया था। इस बयान के माध्यम से उन्होंने सत्यनिष्ठा की व्यापकता और उसके महत्व को रेखांकित किया, जो केवल वित्तीय ईमानदारी तक सीमित नहीं है। संदर्भ और महत्व सत्यनिष्ठा की परRead more
सत्यनिष्ठा पर विचार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
‘सत्यनिष्ठा वित्तीय ईमानदारी से अधिक व्यापक है’ यह बयान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिया था। इस बयान के माध्यम से उन्होंने सत्यनिष्ठा की व्यापकता और उसके महत्व को रेखांकित किया, जो केवल वित्तीय ईमानदारी तक सीमित नहीं है।
संदर्भ और महत्व
- सत्यनिष्ठा की परिभाषा: सत्यनिष्ठा (Integrity) का मतलब केवल वित्तीय ईमानदारी नहीं है, बल्कि इसमें नैतिक और मूल्य आधारित आचरण, पारदर्शिता, और जिम्मेदारी भी शामिल है। यह समग्र रूप से किसी व्यक्ति के आचरण और मूल्यों की शुद्धता को दर्शाता है।
- राष्ट्रपति मुर्मू का दृष्टिकोण: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने सार्वजनिक संबोधनों और विचारों में सत्यनिष्ठा की व्यापकता की बात की है। उनका यह बयान यह स्पष्ट करता है कि सत्यनिष्ठा में केवल वित्तीय ट्रांसपेरेंसी ही नहीं, बल्कि सभी नैतिक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
हालिया उदाहरण और प्रभाव
- सरकारी सुधार: राष्ट्रपति मुर्मू के नेतृत्व में सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। उदाहरण के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने के लिए कई पहल की गई हैं। यह सरकार की नीतियों में नैतिकता और सत्यनिष्ठा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- उच्च-प्रोफ़ाइल मामले: हाल के समय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों ने सत्यनिष्ठा के महत्व को और भी स्पष्ट किया है। जैसे कि, विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों में भ्रष्टाचार की जाँच ने दिखाया है कि सत्यनिष्ठा में केवल वित्तीय ईमानदारी ही नहीं, बल्कि नैतिकता और पारदर्शिता भी शामिल है।
- शैक्षिक और पेशेवर नैतिकता: शैक्षिक संस्थानों और पेशेवर वातावरण में सत्यनिष्ठा पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा सुधार और आचार संहिता में नैतिक व्यवहार, कदाचार की रोकथाम, और ईमानदारी को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा कहा गया ‘सत्यनिष्ठा वित्तीय ईमानदारी से अधिक व्यापक है’ बयान सत्यनिष्ठा की व्यापकता और उसके सभी पहलुओं को शामिल करने की आवश्यकता को स्पष्ट करता है। यह सभी क्षेत्रों में नैतिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
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नैतिक आचरण सुनिश्चित करने के दो महत्वपूर्ण साधन हैं: 1. आचार संहिता: -किसी भी संगठन या समाज में एक स्पष्ट और व्यापक आचार संहिता होना आवश्यक है। यह संहिता नैतिक व्यवहार के मानकों को परिभाषित करती है और कर्मचारियों या सदस्यों को यह बताती है कि उनसे क्या अपेक्षा की जाती है। -आचार संहिता में ईमानदारी, पRead more
नैतिक आचरण सुनिश्चित करने के दो महत्वपूर्ण साधन हैं:
1. आचार संहिता:
-किसी भी संगठन या समाज में एक स्पष्ट और व्यापक आचार संहिता होना आवश्यक है। यह संहिता नैतिक व्यवहार के मानकों को परिभाषित करती है और कर्मचारियों या सदस्यों को यह बताती है कि उनसे क्या अपेक्षा की जाती है।
-आचार संहिता में ईमानदारी, पारदर्शिता, निष्पक्षता, और जवाबदेही जैसे मूल्यों को शामिल किया जाना चाहिए।
यह संहिता नियमित रूप से संशोधित और अद्यतन की जानी चाहिए ताकि बदलते समय के साथ यह प्रासंगिक बनी रहे।
2. मॉरल ट्रेनिंग:
-नैतिक शिक्षा व्यक्ति को नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों से परिचित कराती है। यह व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर करने में मदद करती है।
-नैतिक शिक्षा स्कूलों, कॉलेजों, और कार्यस्थलों पर दी जा सकती है।
-नैतिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति में नैतिक चेतना का विकास होता है और वह नैतिक निर्णय लेने में सक्षम होता है।
ये दोनों साधन मिलकर एक मजबूत नैतिक ढांचा बनाने में मदद करते हैं जो नैतिक व्यवहार को प्रोत्साहित करता है और अनैतिक व्यवहार को रोकता है।