Answer the question in maximum 300 words. This question carries 15 marks. [MPPSC 2019] Describe the distribution and production of major minerals in Madhya Pradesh.
भारत में खाद्यान्नों के भण्डारण एवं परिवहन की समस्याएँ भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन इसके बावजूद खाद्यान्नों के भंडारण और परिवहन से संबंधित कई समस्याएँ हैं। इन समस्याओं के कारण खाद्यान्नों की बर्बादी, बढ़ी हुई कीमतें और किसानों को नुक्सान उठाना पड़ता है। 1. भण्डारण की समस्याएँ अपर्याप्त गोदाम: भRead more
भारत में खाद्यान्नों के भण्डारण एवं परिवहन की समस्याएँ
भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन इसके बावजूद खाद्यान्नों के भंडारण और परिवहन से संबंधित कई समस्याएँ हैं। इन समस्याओं के कारण खाद्यान्नों की बर्बादी, बढ़ी हुई कीमतें और किसानों को नुक्सान उठाना पड़ता है।
1. भण्डारण की समस्याएँ
- अपर्याप्त गोदाम: भारत में पर्याप्त गोदामों की कमी है, जिससे उपज का भंडारण सही तरीके से नहीं हो पाता। कई बार मौसम के कारण फसलें खराब हो जाती हैं।
- भंडारण की तकनीकी कमी: गोदामों में कीटों और चूहों का आक्रमण आम है। इसके कारण खाद्यान्नों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
- मूलभूत ढाँचे की कमी: कई स्थानों पर गोदामों का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, जैसे वायु और तापमान नियंत्रण की व्यवस्था।
2. परिवहन की समस्याएँ
- अपर्याप्त सड़क और रेल नेटवर्क: खाद्यान्नों को दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था की कमी है। खराब सड़कों और रेल नेटवर्क के कारण समय पर सप्लाई नहीं हो पाती।
- कुलीनता और अत्यधिक लागत: खाद्यान्नों का परिवहन महंगा होता है। इससे किसानों को सही मूल्य नहीं मिल पाता, और उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ जाती हैं।
3. मौसमी प्रभाव
- फसल का अधिक या कम उत्पादन: कभी-कभी अत्यधिक उत्पादन के कारण भंडारण क्षमता समाप्त हो जाती है, जिससे अनाज की कीमतों में गिरावट आ जाती है। जबकि कम उत्पादन पर कीमतें बढ़ जाती हैं।
- प्राकृतिक आपदाएँ: बाढ़, सूखा या ओलावृष्टि जैसी आपदाओं के कारण भी खाद्यान्न का भंडारण और परिवहन प्रभावित होता है।
4. समाधान के प्रयास
- मल्टीलेवल गोदामों का निर्माण: गोदामों की संख्या और क्षमता बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं।
- परिवहन नेटवर्क का विस्तार: सड़क और रेल नेटवर्क में सुधार करने की योजनाएँ बनाई जा रही हैं, ताकि खाद्यान्नों को समय पर और सुरक्षित तरीके से पहुंचाया जा सके।
निष्कर्ष
भारत में खाद्यान्नों के भंडारण और परिवहन से संबंधित समस्याएँ गंभीर हैं, लेकिन सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा इन समस्याओं के समाधान के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। अगर इन समस्याओं को सुलझा लिया जाता है, तो खाद्यान्न की बर्बादी और मूल्य वृद्धि को कम किया जा सकता है।
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Madhya Pradesh is rich in mineral resources, which play a significant role in the state's economy. The state has a variety of minerals that are essential for industries like cement, power, steel, and construction. 1. Major Minerals in Madhya Pradesh Coal Distribution: Madhya Pradesh is one of the leRead more
Madhya Pradesh is rich in mineral resources, which play a significant role in the state’s economy. The state has a variety of minerals that are essential for industries like cement, power, steel, and construction.
1. Major Minerals in Madhya Pradesh
Coal
Limestone
Bauxite
Copper
Manganese
2. Other Minerals
3. Economic Significance
Conclusion
Madhya Pradesh is endowed with a wide range of mineral resources, including coal, limestone, bauxite, copper, and manganese. These minerals are crucial for the development of various industries in the state, driving economic growth and contributing to India’s industrial progress.
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