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यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन) के मैक्ब्राइड आयोग के लक्ष्य और उद्देश्य क्या-क्या है ? इनमें भारत की क्या स्थिति है ? (200 words) [UPSC 2016]
यूनेस्को के मैक्ब्राइड आयोग के लक्ष्य और उद्देश्य और भारत की स्थिति परिचय यूनेस्को के मैक्ब्राइड आयोग (1980) का पूरा नाम "कमेटी ऑन एम्सट्रिंग इनफॉर्मेशन फ्लो" है। इसका गठन वैश्विक संचार और सूचना प्रवाह की असमानताओं को दूर करने के लिए किया गया था। इस आयोग ने एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट, "मैक्रोब्राइड रिपोरRead more
यूनेस्को के मैक्ब्राइड आयोग के लक्ष्य और उद्देश्य और भारत की स्थिति
परिचय यूनेस्को के मैक्ब्राइड आयोग (1980) का पूरा नाम “कमेटी ऑन एम्सट्रिंग इनफॉर्मेशन फ्लो” है। इसका गठन वैश्विक संचार और सूचना प्रवाह की असमानताओं को दूर करने के लिए किया गया था। इस आयोग ने एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट, “मैक्रोब्राइड रिपोर्ट” प्रस्तुत की, जिसमें संचार और सूचना के क्षेत्र में समानता की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
लक्ष्य और उद्देश्य
भारत की स्थिति
निष्कर्ष मैक्ब्राइड आयोग ने वैश्विक संचार और सूचना प्रवाह में समानता की आवश्यकता को रेखांकित किया। भारत ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन संचार और सूचना असमानताओं को पूरी तरह से दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
See lessResorting to ordinances has always raised concerns about violation of the spirit of the separation of powers doctrine. While noting the rationales justifying the power to promulgate ordinances, analyze whether the decisions of the Supreme Court on the issue have further facilitated resorting to this power. Should the power to promulgate ordinances be repealed? (200 words) [UPSC 2015]
Analysis of Ordinance Power and Supreme Court Decisions Introduction The power to promulgate ordinances, vested in the President or Governors, allows for legislation to be enacted without parliamentary approval in urgent situations. However, this power has raised concerns about potential violationsRead more
Analysis of Ordinance Power and Supreme Court Decisions
Introduction The power to promulgate ordinances, vested in the President or Governors, allows for legislation to be enacted without parliamentary approval in urgent situations. However, this power has raised concerns about potential violations of the separation of powers doctrine.
Rationales for Ordinances
Supreme Court Decisions
Should the Power Be Repealed?
Conclusion While the power to promulgate ordinances is justified in emergencies, the Supreme Court’s decisions highlight the importance of using this power judiciously and not as a substitute for regular legislative processes. Repealing the power entirely might not be advisable, but strict guidelines and checks should be implemented to prevent misuse and ensure adherence to the separation of powers doctrine.
See less“भारत में बढ़ते हुए सीमापारीय आतंकी हमले और अनेक सदस्य राज्यों के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान द्वारा बढ़ता हुआ हस्तक्षेप सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) के भविष्य के लिए सहायक नहीं हैं।" उपयुक्त उदाहरणों के साथ स्पष्ट कीजिए । (200 words) [UPSC 2016]
भारत में सीमापारीय आतंकी हमलों और पाकिस्तान के हस्तक्षेप का सार्क के भविष्य पर प्रभाव परिचय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) का उद्देश्य दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग और विकास को बढ़ावा देना है। हालांकि, भारत में बढ़ते सीमापारीय आतंकी हमले और पाकिस्तान द्वारा सदस्य देशों के आंतरिक मामलRead more
भारत में सीमापारीय आतंकी हमलों और पाकिस्तान के हस्तक्षेप का सार्क के भविष्य पर प्रभाव
परिचय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) का उद्देश्य दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग और विकास को बढ़ावा देना है। हालांकि, भारत में बढ़ते सीमापारीय आतंकी हमले और पाकिस्तान द्वारा सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ने सार्क की प्रभावशीलता को प्रभावित किया है।
सीमापारीय आतंकी हमले
पाकिस्तान का आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप
सार्क पर प्रभाव
निष्कर्ष भारत में बढ़ते सीमापारीय आतंकी हमले और पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ने सार्क के भविष्य के लिए गंभीर चुनौतियाँ पेश की हैं। इन समस्याओं ने क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा को प्रभावित किया है, जिससे सार्क की प्रभावशीलता और विकासात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधाएँ उत्पन्न हुई हैं।
See less"Increasing cross-border terrorist attacks in India and growing interference in the internal affairs of several member-states by Pakistan are not conducive for the future of SAARC (South Asian Association for Regional Cooperation)." Explain with suitable examples. (200 words) [UPSC 2016]
Impact of Cross-Border Terrorism and Interference on SAARC’s Future Introduction The South Asian Association for Regional Cooperation (SAARC) aims to foster regional cooperation and development among South Asian countries. However, increasing cross-border terrorism and interference by Pakistan in meRead more
Impact of Cross-Border Terrorism and Interference on SAARC’s Future
Introduction The South Asian Association for Regional Cooperation (SAARC) aims to foster regional cooperation and development among South Asian countries. However, increasing cross-border terrorism and interference by Pakistan in member-states’ internal affairs have undermined the effectiveness of SAARC.
Cross-Border Terrorism
Interference in Internal Affairs
Examples of Strain on SAARC
Conclusion The rise in cross-border terrorist attacks and Pakistan’s interference in the internal affairs of SAARC member states significantly hampers the future prospects of the organization. These issues foster distrust, disrupt diplomatic relations, and hinder the pursuit of regional cooperation and development.
See less"विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यू.टी.ओ.) के अधिक व्यापक लक्ष्य और उद्देश्य वैश्वीकरण के युग में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का प्रबंधन और प्रोन्नति करना है। परन्तु (संधि) वार्ताओं की दोहा परिधि मृतोन्मुखी प्रतीत होती है, जिसका कारण विकसित और विकासशील देशों के बीच मतभेद है ।" भारतीय परिप्रेक्ष्य में, इस पर चर्चा कीजिए । (200 words) [UPSC 2016]
डब्ल्यू.टी.ओ. के लक्ष्य और दोहा दौर की वार्ताओं पर भारतीय परिप्रेक्ष्य परिचय विश्व व्यापार संगठन (WTO) का उद्देश्य वैश्वीकरण के युग में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रबंधित और प्रोत्साहित करना है। हालांकि, दोहा दौर की वार्ताएँ विकसित और विकासशील देशों के बीच मतभेदों के कारण ठप हो गई हैं। डब्ल्यू.टी.ओ.Read more
डब्ल्यू.टी.ओ. के लक्ष्य और दोहा दौर की वार्ताओं पर भारतीय परिप्रेक्ष्य
परिचय विश्व व्यापार संगठन (WTO) का उद्देश्य वैश्वीकरण के युग में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रबंधित और प्रोत्साहित करना है। हालांकि, दोहा दौर की वार्ताएँ विकसित और विकासशील देशों के बीच मतभेदों के कारण ठप हो गई हैं।
डब्ल्यू.टी.ओ. के लक्ष्य और उद्देश्य
दोहा दौर की वार्ताओं में चुनौतियाँ
भारतीय परिप्रेक्ष्य
निष्कर्ष डब्ल्यू.टी.ओ. के व्यापक लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रबंधित और प्रोत्साहित करना है, लेकिन दोहा दौर की वार्ताओं में विकसित और विकासशील देशों के बीच मतभेदों के कारण प्रगति में रुकावट आई है। भारतीय दृष्टिकोण से, कृषि सब्सिडी और बाजार पहुंच जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, और इसके समाधान से वैश्विक व्यापार प्रणाली में समावेशिता और समानता सुनिश्चित की जा सकती है।
See less"भारत में जनांकिकीय लाभांश तब तक सैद्धांतिक ही बना रहेगा जब तक कि हमारी जनशक्ति अधिक शिक्षित, जागरूक, कुशल और सृजनशील नहीं हो जाती।" सरकार ने हमारी जनसंख्या को अधिक उत्पादनशील और रोज़गार योग्य बनने की क्षमता में वृद्धि के लिए कौन-से उपाय किए हैं ? (200 words) [UPSC 2016]
भारत में जनांकिकीय लाभांश को वास्तविकता में बदलने के लिए सरकार के उपाय परिचय भारत का जनांकिकीय लाभांश एक बड़ी संभावना प्रस्तुत करता है, लेकिन इसे वास्तविकता में बदलने के लिए जनशक्ति को शिक्षित, जागरूक, कुशल और सृजनशील बनाना आवश्यक है। इस दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण उपाय किए हैं। सरकारी उपाय कौशलRead more
भारत में जनांकिकीय लाभांश को वास्तविकता में बदलने के लिए सरकार के उपाय
परिचय भारत का जनांकिकीय लाभांश एक बड़ी संभावना प्रस्तुत करता है, लेकिन इसे वास्तविकता में बदलने के लिए जनशक्ति को शिक्षित, जागरूक, कुशल और सृजनशील बनाना आवश्यक है। इस दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण उपाय किए हैं।
सरकारी उपाय
हाल की मिसालें:
निष्कर्ष सरकार ने जनांकिकीय लाभांश को वास्तविकता में बदलने के लिए कौशल विकास, शैक्षिक सुधार, उद्यमिता समर्थन, और उच्च शिक्षा में सुधार के कई उपाय किए हैं। ये उपाय जनशक्ति को अधिक उत्पादनशील और रोजगार योग्य बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
See lessराष्ट्रीय बाल नीति के मुख्य प्रावधानों का परीक्षण कीजिए तथा इसके क्रियान्वयन की प्रस्थिति पर प्रकाश डालिए । (200 words) [UPSC 2016]
राष्ट्रीय बाल नीति के मुख्य प्रावधान और इसके क्रियान्वयन की स्थिति परिचय राष्ट्रीय बाल नीति (NCP) का उद्देश्य भारत में बच्चों के अधिकारों और कल्याण को सुनिश्चित करना है। यह नीति विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बच्चों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करती है। मुख्य प्रावधान बाल अधिकारों की सुरक्षा:Read more
राष्ट्रीय बाल नीति के मुख्य प्रावधान और इसके क्रियान्वयन की स्थिति
परिचय राष्ट्रीय बाल नीति (NCP) का उद्देश्य भारत में बच्चों के अधिकारों और कल्याण को सुनिश्चित करना है। यह नीति विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बच्चों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करती है।
मुख्य प्रावधान
क्रियान्वयन की स्थिति
निष्कर्ष राष्ट्रीय बाल नीति के प्रावधान बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, क्रियान्वयन में सुधार की आवश्यकता है, और हाल के प्रयासों से स्थिति में सुधार हो रहा है, फिर भी चुनौतियों का समाधान करना आवश्यक है।
See less"पारम्परिक अधिकारीतंत्रीय संरचना और संस्कृति ने भारत में सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रक्रिया में बाधा डाली है।" टिप्पणी कीजिए । (200 words) [UPSC 2016]
पारम्परिक अधिकारीतंत्रीय संरचना और संस्कृति का सामाजिक-आर्थिक विकास पर प्रभाव परिचय भारत की पारम्परिक अधिकारीतंत्रीय संरचना और संस्कृति, जो औपनिवेशिक काल की विरासत है, सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रक्रिया में कई बार बाधा डालती है। यह प्रणाली अक्सर धीमे निर्णय लेने, बदलाव के प्रति प्रतिरोध, और पारदर्शितRead more
पारम्परिक अधिकारीतंत्रीय संरचना और संस्कृति का सामाजिक-आर्थिक विकास पर प्रभाव
परिचय भारत की पारम्परिक अधिकारीतंत्रीय संरचना और संस्कृति, जो औपनिवेशिक काल की विरासत है, सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रक्रिया में कई बार बाधा डालती है। यह प्रणाली अक्सर धीमे निर्णय लेने, बदलाव के प्रति प्रतिरोध, और पारदर्शिता की कमी से ग्रस्त रहती है।
चुनौतियाँ और प्रभाव
हाल के सुधार और उपाय
निष्कर्ष पारम्परिक अधिकारीतंत्रीय संरचना और संस्कृति ने भारत में सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रक्रिया में कई बार बाधा डाली है। हालांकि, हाल के सुधारों और डिजिटल पहलों से इस ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ये सुधार भारत की विकास प्रक्रिया को तेज करने में सहायक हो सकते हैं।
See less"The broader aims and objectives of WTO are to manage and promote international trade in the era of globalization. But the Doha round of negotiations seem doomed due to differences between the developed and the developing countries." Discuss in the Indian perspective. (200 words) [UPSC 2016]
WTO’s Aims and Objectives and the Doha Round Negotiations: An Indian Perspective Introduction The World Trade Organization (WTO) aims to regulate and promote international trade amidst globalization by fostering a fair trading system and resolving disputes. However, the Doha Round of negotiations haRead more
WTO’s Aims and Objectives and the Doha Round Negotiations: An Indian Perspective
Introduction The World Trade Organization (WTO) aims to regulate and promote international trade amidst globalization by fostering a fair trading system and resolving disputes. However, the Doha Round of negotiations has faced significant challenges, largely due to disagreements between developed and developing countries.
Aims and Objectives of WTO
Challenges in the Doha Round
Recent Developments
Conclusion While the WTO aims to foster global trade and economic growth, the Doha Round’s challenges, particularly the discord between developed and developing nations, highlight the difficulties in achieving a balanced trade agreement. From an Indian perspective, the need for fair trade practices that support development and address subsidies remains a crucial issue in the ongoing global trade negotiations.
See less"Demographic Dividend in India will remain only theoretical unless our manpower becomes more educated, aware, skilled and creative." What measures have been taken by the government to enhance the capacity of our population to be more productive and employable ? (200 words) [UPSC 2016]
Enhancing India's Manpower Capacity for Optimal Utilization of Demographic Dividend Introduction India’s demographic dividend represents a valuable opportunity for economic growth, contingent upon the effective development of its young workforce. To capitalize on this potential, significant effortsRead more
Enhancing India’s Manpower Capacity for Optimal Utilization of Demographic Dividend
Introduction India’s demographic dividend represents a valuable opportunity for economic growth, contingent upon the effective development of its young workforce. To capitalize on this potential, significant efforts are required to enhance education, skills, and creativity among the population.
Government Measures to Enhance Productivity and Employability
Recent Examples:
Conclusion To leverage the demographic dividend, the Indian government has implemented significant measures such as Skill India Mission, NEP 2020, and Startup India. These initiatives aim to improve education, skills, and innovation, ensuring that the workforce is well-equipped to contribute productively to the economy.
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