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प्रभंजन क्या है?
प्रभंजन एक भौतिक प्रक्रिया है जिसमें एक पदार्थ या वस्तु की गति के कारण उसके चारों ओर एक धारा या प्रवाह उत्पन्न होता है। यह विशेष रूप से वायुमंडलीय और जल विज्ञान में महत्वपूर्ण होता है, जहाँ यह गर्म हवा या पानी के उठने और ठंडी हवा या पानी के गिरने की प्रक्रिया को दर्शाता है। प्रभंजन के दौरान, गर्म पदRead more
प्रभंजन एक भौतिक प्रक्रिया है जिसमें एक पदार्थ या वस्तु की गति के कारण उसके चारों ओर एक धारा या प्रवाह उत्पन्न होता है। यह विशेष रूप से वायुमंडलीय और जल विज्ञान में महत्वपूर्ण होता है, जहाँ यह गर्म हवा या पानी के उठने और ठंडी हवा या पानी के गिरने की प्रक्रिया को दर्शाता है। प्रभंजन के दौरान, गर्म पदार्थ हल्का हो जाता है और ऊँचाई पर उठता है, जबकि ठंडा पदार्थ नीचे की ओर गिरता है। यह प्रक्रिया जलवायु, मौसम परिवर्तन और पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे वर्षा और अन्य मौसमी घटनाएँ होती हैं।
See lessविश्व का प्रमुख सुषुप्त ज्वालामुखी कौन-सा है? बताइये।
विश्व का प्रमुख सुषुप्त ज्वालामुखी माउंट किलिमंजारो है, जो तंजानिया, अफ्रीका में स्थित है। यह अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी है, जिसकी ऊँचाई लगभग 5,895 मीटर (19,341 फीट) है। माउंट किलिमंजारो को सुषुप्त ज्वालामुखी माना जाता है क्योंकि इसका अंतिम विस्फोट 360,000 वर्ष पहले हुआ था। इसमें तीन मुख्य ज्वालामुखीRead more
विश्व का प्रमुख सुषुप्त ज्वालामुखी माउंट किलिमंजारो है, जो तंजानिया, अफ्रीका में स्थित है। यह अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी है, जिसकी ऊँचाई लगभग 5,895 मीटर (19,341 फीट) है। माउंट किलिमंजारो को सुषुप्त ज्वालामुखी माना जाता है क्योंकि इसका अंतिम विस्फोट 360,000 वर्ष पहले हुआ था। इसमें तीन मुख्य ज्वालामुखीय शिखर हैं: किबो, मावेंजी और शिरा। किबो शिखर सबसे ऊँचा है और इसमें एक बड़ा क्रेटर है। किलिमंजारो न केवल भूविज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक प्रसिद्ध ट्रेकिंग गंतव्य भी है, जो दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है।
See lessWhich is the main Dormant Volcano of the world? Discuss.
The main dormant volcano of the world is Mount Kilimanjaro, located in Tanzania, Africa. Standing at approximately 5,895 meters (19,341 feet), it is the highest peak in Africa and one of the most iconic volcanoes globally. Kilimanjaro is classified as dormant because it has not erupted in over 360,0Read more
The main dormant volcano of the world is Mount Kilimanjaro, located in Tanzania, Africa. Standing at approximately 5,895 meters (19,341 feet), it is the highest peak in Africa and one of the most iconic volcanoes globally. Kilimanjaro is classified as dormant because it has not erupted in over 360,000 years, though its last known activity occurred around 360,000 years ago. The mountain features three volcanic cones: Kibo, Mawenzi, and Shira. Kibo, the highest cone, contains a large crater. Kilimanjaro is not only a significant geological feature but also a popular trekking destination, attracting adventurers from around the world.
See lessWhat are the segments of Global Positioning System (GPS)?
The Global Positioning System (GPS) consists of three main segments: Space Segment: This includes a constellation of at least 24 satellites orbiting the Earth at an altitude of approximately 20,200 kilometers. These satellites continuously transmit signals to receivers on the ground. Control SegmentRead more
The Global Positioning System (GPS) consists of three main segments:
Together, these segments enable accurate positioning and navigation worldwide.
See lessविद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम क्या है?
विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम विभिन्न प्रकार की विद्युत चुम्बकीय तरंगों का एक क्रम है, जो उनकी तरंग दैर्ध्य या आवृत्ति के अनुसार व्यवस्थित होता है। इसमें रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें, इन्फ्रारेड, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी, एक्स-रे और गामा किरणें शामिल होती हैं। प्रत्येक प्रकार की तरंगों की अपनी विशेषताRead more
विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम विभिन्न प्रकार की विद्युत चुम्बकीय तरंगों का एक क्रम है, जो उनकी तरंग दैर्ध्य या आवृत्ति के अनुसार व्यवस्थित होता है। इसमें रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें, इन्फ्रारेड, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी, एक्स-रे और गामा किरणें शामिल होती हैं। प्रत्येक प्रकार की तरंगों की अपनी विशेषताएँ और उपयोग होते हैं। उदाहरण के लिए, रेडियो तरंगें संचार के लिए उपयोगी होती हैं, जबकि एक्स-रे चिकित्सा में जांच के लिए प्रयोग होते हैं। विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का अध्ययन विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और विभिन्न उद्योगों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें ऊर्जा और सूचना के प्रसारण के तरीकों को समझने में मदद करता है।
See lessवानिकी के अन्तर्गत सुदूर संवेदन का उपयोग क्या है?
वानिकी के अंतर्गत सुदूर संवेदन (Remote Sensing) का उपयोग जंगलों की स्थिति, संरचना और स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए किया जाता है। यह तकनीक उपग्रहों और विमानों द्वारा पृथ्वी की सतह से चित्र और डेटा इकट्ठा करती है। सुदूर संवेदन के माध्यम से वनस्पति का वितरण, वृक्षों की ऊँचाई, और वनावरण की घनत्व की जानकRead more
वानिकी के अंतर्गत सुदूर संवेदन (Remote Sensing) का उपयोग जंगलों की स्थिति, संरचना और स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए किया जाता है। यह तकनीक उपग्रहों और विमानों द्वारा पृथ्वी की सतह से चित्र और डेटा इकट्ठा करती है। सुदूर संवेदन के माध्यम से वनस्पति का वितरण, वृक्षों की ऊँचाई, और वनावरण की घनत्व की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा, यह वन क्षेत्र में परिवर्तन, वनों की कटाई, और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावों का विश्लेषण करने में सहायक है। इस तकनीक का उपयोग वानिकी प्रबंधन, संरक्षण और टिकाऊ विकास की रणनीतियों को तैयार करने में किया जाता है।
See lessतरंग वेग क्या है?
तरंग वेग उस गति को कहते हैं, जिसके साथ एक तरंग अपने माध्यम में संचालित होती है। इसे आमतौर पर तरंग के गुणों के आधार पर परिभाषित किया जाता है। तरंग वेग की गणना तरंग की लंबाई और आवृत्ति के गुणनफल से की जाती है, यानी: तरंग वेग=तरंग लंबाई×आवृत्ति\text{तरंग वेग} = \text{तरंग लंबाई} \times \text{आवृत्ति} तRead more
तरंग वेग उस गति को कहते हैं, जिसके साथ एक तरंग अपने माध्यम में संचालित होती है। इसे आमतौर पर तरंग के गुणों के आधार पर परिभाषित किया जाता है। तरंग वेग की गणना तरंग की लंबाई और आवृत्ति के गुणनफल से की जाती है, यानी:
तरंग वेग=तरंग लंबाई×आवृत्ति
तरंग वेग का उपयोग विभिन्न प्रकार की तरंगों, जैसे ध्वनि, प्रकाश, और जल तरंगों के अध्ययन में किया जाता है। ध्वनि तरंगों का वेग आमतौर पर वायु में लगभग 343 मीटर प्रति सेकंड होता है, जबकि प्रकाश की तरंगों का वेग वैक्यूम में लगभग 3,00,000 किलोमीटर प्रति सेकंड होता है। यह भौतिकी में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।
See less'शक्ति की इच्छा विद्यमान है, लेकिन विवेकशीलता और नैतिक कर्त्तव्य के सिद्धांतों से उसे साधित और निर्देशित किया जा सकता है।' अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धों के संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए । (150 words) [UPSC 2020]
शक्ति की इच्छा और विवेकशीलता तथा नैतिक कर्तव्य के सिद्धांत **1. शक्ति की इच्छा a. परिभाषा: शक्ति की इच्छा, जैसा कि फ्रेडरिक नीत्शे ने कहा, वह स्वाभाविक प्रवृत्ति है जिसके तहत राष्ट्र और नेता प्रभुत्व और नियंत्रण की दिशा में प्रयासरत रहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में यह विशेष रूप से रणनीतिक लाभ औरRead more
शक्ति की इच्छा और विवेकशीलता तथा नैतिक कर्तव्य के सिद्धांत
**1. शक्ति की इच्छा
a. परिभाषा:
शक्ति की इच्छा, जैसा कि फ्रेडरिक नीत्शे ने कहा, वह स्वाभाविक प्रवृत्ति है जिसके तहत राष्ट्र और नेता प्रभुत्व और नियंत्रण की दिशा में प्रयासरत रहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में यह विशेष रूप से रणनीतिक लाभ और प्रभाव की खोज में दिखाई देती है।
b. हाल का उदाहरण:
चीन और अमेरिका के बीच की भूराजनीतिक प्रतिस्पर्धा इस इच्छाशक्ति को दर्शाती है, जहां दोनों देश आर्थिक और सैन्य सत्तासीनता के लिए संघर्षरत हैं।
**2. विवेकशीलता और नैतिक कर्तव्य द्वारा निर्देशन
a. विवेकशीलता:
राजनैतिक निर्णय विवेकशीलता के आधार पर लिए जा सकते हैं, जो दीर्घकालिक स्थिरता और सहयोग को प्राथमिकता देती है। पेरिस जलवायु समझौता इसका एक उदाहरण है, जिसमें देशों ने आपसी लाभ की बजाय वैश्विक भलाई को महत्व दिया।
b. नैतिक कर्तव्य:
अंतर्राष्ट्रीय मानक और नैतिक सिद्धांत, जैसे संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत, राज्य की कार्रवाइयों को नैतिक दिशा प्रदान करते हैं। भारत के शांति सैनिक अभियानों में नैतिक कर्तव्य की भावना से अंतर्राष्ट्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिला है।
निष्कर्ष:
See lessहालांकि शक्ति की इच्छा अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में प्रमुख भूमिका निभाती है, इसे विवेकशीलता और नैतिक कर्तव्य के सिद्धांतों द्वारा साधित और निर्देशित किया जा सकता है, जैसा कि सहयोगात्मक समझौतों और नैतिक प्रथाओं के माध्यम से देखा जाता है।
‘The will to power exists, but it can be tamed and be guided by rationality and principles of moral duty. Examine this statement in the context of international relations. (150 words) [UPSC 2020]
The Will to Power in International Relations: Rationality and Moral Duty **1. The Will to Power a. Definition: The concept of the will to power, articulated by philosopher Friedrich Nietzsche, refers to the inherent drive of states or leaders to assert dominance and control. In international relatioRead more
The Will to Power in International Relations: Rationality and Moral Duty
**1. The Will to Power
a. Definition:
The concept of the will to power, articulated by philosopher Friedrich Nietzsche, refers to the inherent drive of states or leaders to assert dominance and control. In international relations, this is reflected in nations seeking strategic advantages and influence.
b. Recent Example:
The geopolitical competition between China and the United States illustrates the will to power, as both countries vie for economic, military, and technological supremacy.
**2. Guidance by Rationality and Moral Duty
a. Rationality:
States can channel their will to power through rational decision-making, focusing on strategic stability and long-term benefits. For instance, the Paris Agreement on climate change represents a rational approach to global cooperation, prioritizing collective well-being over unilateral gains.
b. Moral Duty:
International principles and norms, such as those outlined by the United Nations, guide state behavior towards ethical conduct. India’s engagement in peacekeeping missions showcases how moral duty can temper aggressive inclinations and promote global stability.
Conclusion:
See lessWhile the will to power drives international relations, it can be moderated by rational strategies and adherence to moral principles, as evidenced by cooperative agreements and ethical practices in global diplomacy.
बुद्ध की कौन सी शिक्षाएँ आज सर्वाधिक प्रासंगिक हैं और क्यों ? विवेचना कीजिए। (150 words) [UPSC 2020]
आज की प्रासंगिक बुद्ध की शिक्षाएँ **1. सतर्कता (Mindfulness) a. वर्तमान प्रासंगिकता: बुद्ध की सतर्कता (सति) की शिक्षा वर्तमान समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विचारशीलता और पूर्ण वर्तमान क्षण में होने की स्थिति को दर्शाता है। आजकल, माइंडफुलनेस आधारित तनाव प्रबंधन (MBSR) कार्यक्रमों में इसका उपयोग होRead more
आज की प्रासंगिक बुद्ध की शिक्षाएँ
**1. सतर्कता (Mindfulness)
a. वर्तमान प्रासंगिकता:
बुद्ध की सतर्कता (सति) की शिक्षा वर्तमान समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विचारशीलता और पूर्ण वर्तमान क्षण में होने की स्थिति को दर्शाता है। आजकल, माइंडफुलनेस आधारित तनाव प्रबंधन (MBSR) कार्यक्रमों में इसका उपयोग होता है, जो मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन में सहायक हैं।
**2. मध्यमार्ग (The Middle Way)
a. संतुलन और संयम:
मध्यमार्ग की शिक्षा अत्यधिक प्रासंगिक है, जो अत्यधिक भोग और कठोर संयम दोनों से बचने की बात करती है। आजकल के कॉर्पोरेट वेलनेस प्रोग्राम और स्वास्थ्य पहल संतुलित जीवन की अवधारणा को बढ़ावा देती हैं, जिससे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन बना रहे।
**3. करुणा और अहिंसा (Compassion and Non-Violence)
a. नैतिक जीवन:
करुणा और अहिंसा की शिक्षाएँ सामाजिक समरसता और संघर्ष समाधान के लिए महत्वपूर्ण हैं। हाल के उदाहरण में, महात्मा गांधी की अहिंसा की नीतियाँ वैश्विक नागरिक अधिकार आंदोलनों में प्रेरणास्त्रोत बनी हैं, जैसे ब्लैक लाइव्स मैटर।
**4. अनित्यत्व (Impermanence)
a. परिवर्तन की स्वीकृति:
अनित्यत्व की अवधारणा वर्तमान में तेजी से बदलते विश्व में अनुकूलन में मदद करती है। इस शिक्षा से परिवर्तन और अनिश्चितता को स्वीकारना आसान होता है, जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान जीवनशैली में बदलाव।
निष्कर्ष:
See lessबुद्ध की शिक्षाएँ—सतर्कता, मध्यमार्ग, करुणा, और अनित्यत्व—आज की दुनिया में मानसिक शांति, संतुलित जीवन, सामाजिक सद्भाव, और परिवर्तन के साथ सामंजस्य के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।