Lost your password? Please enter your email address. You will receive a link and will create a new password via email.
Please briefly explain why you feel this question should be reported.
Please briefly explain why you feel this answer should be reported.
Please briefly explain why you feel this user should be reported.
न्यायिक सक्रियता न्यायिक अतिविस्तार से कैसे भिन्न है? स्पष्ट कीजिए।
न्यायिक सक्रियता और न्यायिक अतिविस्तार में अंतर न्यायिक सक्रियता में न्यायालय सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उदाहरण: जनहित याचिकाएँ। वहीं, न्यायिक अतिविस्तार में न्यायालयों का दखल राजनीति या प्रशासनिक मामलों में बढ़ जाता है, जिससे कार्यपालिका की शक्तियाँ प्रभRead more
न्यायिक सक्रियता और न्यायिक अतिविस्तार में अंतर
न्यायिक सक्रियता में न्यायालय सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उदाहरण: जनहित याचिकाएँ।
वहीं, न्यायिक अतिविस्तार में न्यायालयों का दखल राजनीति या प्रशासनिक मामलों में बढ़ जाता है, जिससे कार्यपालिका की शक्तियाँ प्रभावित होती हैं।
निष्कर्ष
इस प्रकार, न्यायिक सक्रियता सुधार की दिशा में होती है, जबकि न्यायिक अतिविस्तार से शासन में असंतुलन उत्पन्न होता है।
See lessप्रत्यायोजन के कोई दो लाभ लिखिए ।
प्रत्यायोजन के लाभ प्रत्यायोजन (Allocation) के कई लाभ होते हैं। यहाँ दो प्रमुख लाभ दिए गए हैं: 1. संसाधनों का उचित उपयोग सीमित संसाधनों का सही ढंग से वितरण। उदाहरण: शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में फंड का सही आवंटन। 2. प्राथमिकताओं के अनुसार निर्णय आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लेने में मदद। उदाहरण: आपाRead more
प्रत्यायोजन के लाभ
प्रत्यायोजन (Allocation) के कई लाभ होते हैं। यहाँ दो प्रमुख लाभ दिए गए हैं:
1. संसाधनों का उचित उपयोग
2. प्राथमिकताओं के अनुसार निर्णय
निष्कर्ष
प्रत्यायोजन से संसाधनों का अधिकतम लाभ मिलता है, जिससे विकास और कल्याण में सुधार होता है।
See lessनियंत्रण के क्षेत्र को प्रभावित करने वाले कोई दो घटक लिखिए ।
नियंत्रण के क्षेत्र को प्रभावित करने वाले घटक नियंत्रण के क्षेत्र को प्रभावित करने वाले दो मुख्य घटक निम्नलिखित हैं: 1. उद्देश्य स्पष्ट और मापनीय लक्ष्य होना आवश्यक है। उदाहरण: कंपनी का वार्षिक राजस्व लक्ष्य। 2. सूचना प्रणाली सही और समय पर सूचना का प्रवाह। उदाहरण: रिपोर्टिंग और डेटा विश्लेषण प्रणालीRead more
नियंत्रण के क्षेत्र को प्रभावित करने वाले घटक
नियंत्रण के क्षेत्र को प्रभावित करने वाले दो मुख्य घटक निम्नलिखित हैं:
1. उद्देश्य
2. सूचना प्रणाली
निष्कर्ष
इन घटकों के माध्यम से नियंत्रण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में मदद मिलती है, जिससे निर्णय लेना आसान होता है।
See lessएक विषय के रूप में लोक प्रशासन की किन्हीं तीन शाखाओं के नाम लिखिए।
लोक प्रशासन की तीन शाखाएँ लोक प्रशासन एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसमें कई शाखाएँ होती हैं। यहाँ तीन प्रमुख शाखाओं के नाम दिए गए हैं: 1. सामाजिक प्रशासन समाज कल्याण और विकास पर केंद्रित। उदाहरण: स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन। 2. वित्तीय प्रशासन सरकारी वित्त और बजट का प्रबंधन। उदाहरण: कर संग्रहण और व्यय कीRead more
लोक प्रशासन की तीन शाखाएँ
लोक प्रशासन एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसमें कई शाखाएँ होती हैं। यहाँ तीन प्रमुख शाखाओं के नाम दिए गए हैं:
1. सामाजिक प्रशासन
2. वित्तीय प्रशासन
3. स्थानीय प्रशासन
निष्कर्ष
इन शाखाओं के माध्यम से लोक प्रशासन का उद्देश्य समाज के विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना है।
See lessराम मनोहर लोहिया द्वारा प्रतिपादित नब समाजवाद के कोई दो मूल तत्त्व बताइए ।
राम मनोहर लोहिया का नब समाजवाद राम मनोहर लोहिया द्वारा प्रतिपादित नब समाजवाद के दो मूल तत्त्व निम्नलिखित हैं: 1. समानता सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना। उदाहरण: महिलाओं और वंचितों के अधिकारों की सुरक्षा। 2. लोकतंत्र सच्चे लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देना। उदाहरण: जनसामान्य की आवाज़ को मRead more
राम मनोहर लोहिया का नब समाजवाद
राम मनोहर लोहिया द्वारा प्रतिपादित नब समाजवाद के दो मूल तत्त्व निम्नलिखित हैं:
1. समानता
2. लोकतंत्र
निष्कर्ष
लोहिया का नब समाजवाद सामाजिक न्याय और लोकतंत्र के सिद्धांतों पर आधारित है, जिससे समाज में समानता सुनिश्चित हो सके।
See lessसरदार वल्लभभाई पटेल के आर्थिक विचार स्पष्ट कीजिए।
सरदार वल्लभभाई पटेल के आर्थिक विचार सरदार वल्लभभाई पटेल के आर्थिक विचार भारतीय स्वतंत्रता और विकास पर केंद्रित थे। 1. कृषि का विकास कृषि के प्रति विशेष ध्यान। उदाहरण: ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार। 2. औद्योगिकीकरण देश में उद्योगों की स्थापना की आवश्यकता। उदाहरण: स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहन। 3.Read more
सरदार वल्लभभाई पटेल के आर्थिक विचार
सरदार वल्लभभाई पटेल के आर्थिक विचार भारतीय स्वतंत्रता और विकास पर केंद्रित थे।
1. कृषि का विकास
2. औद्योगिकीकरण
3. सहकारी आंदोलन
4. स्वावलंबन
निष्कर्ष
पटेल के विचारों ने भारत के आर्थिक विकास की नींव रखी और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया।
See lessदीनदयाल उपाध्याय ने मानवता के कौन से चार उद्देश्य बताए हैं ?
दीनदयाल उपाध्याय के मानवता के चार उद्देश्य दीनदयाल उपाध्याय ने मानवता के चार प्रमुख उद्देश्य बताए हैं: 1. आध्यात्मिक विकास आत्मा की पहचान और विकास। उदाहरण: ध्यान और साधना। 2. सामाजिक समरसता समाज में एकता और भाईचारे की भावना। उदाहरण: जाति-धर्म से परे सभी का सम्मान। 3. आर्थिक विकास आर्थिक आत्मनिर्भरताRead more
दीनदयाल उपाध्याय के मानवता के चार उद्देश्य
दीनदयाल उपाध्याय ने मानवता के चार प्रमुख उद्देश्य बताए हैं:
1. आध्यात्मिक विकास
2. सामाजिक समरसता
3. आर्थिक विकास
4. राजनीतिक स्वतंत्रता
निष्कर्ष
इन उद्देश्यों के माध्यम से दीनदयाल उपाध्याय ने मानवता की दिशा में एक संपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
See lessचुनावों में मीडिया की भूमिका के विविध रूपों का निरूपण कीजिए ।
चुनावों में मीडिया की भूमिका मीडिया के विविध रूप सूचना का स्रोत चुनावी मुद्दों पर जानकारी प्रदान करता है। उदाहरण: समाचार चैनल चुनावी विश्लेषण करते हैं। जनता की आवाज लोगों की समस्याएं उजागर करता है। उदाहरण: चुनावी रैलियों में जनता की राय को दिखाना। मतदाता जागरूकता मतदाता पंजीकरण और मतदान प्रक्रिया केRead more
चुनावों में मीडिया की भूमिका
मीडिया के विविध रूप
निष्कर्ष
मीडिया चुनावों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे लोकतंत्र मजबूत होता है।
See lessस्वयं सहायता समूहों के प्रमुख लाभ कौन से हैं?
स्वयं सहायता समूहों के प्रमुख लाभ स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं: 1. आर्थिक सहायता ऋण उपलब्धता: सदस्यों को कम ब्याज पर ऋण मिल सकता है। 2. सामुदायिक सशक्तिकरण समूह में एकता: महिलाएं एक साथ मिलकर काम करती हैं, जिससे सामाजिक स्थिति में सुधार होता है। 3. स्वरोजगार के अवसर उद्यमिता पRead more
स्वयं सहायता समूहों के प्रमुख लाभ
स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं:
1. आर्थिक सहायता
2. सामुदायिक सशक्तिकरण
3. स्वरोजगार के अवसर
ये लाभ महिलाओं और समुदायों के लिए आर्थिक और सामाजिक उन्नति में सहायक होते हैं।
See less73वें संविधान संशोधन अधिनियम की तीन प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ।
73वें संविधान संशोधन अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ 73वें संविधान संशोधन अधिनियम की तीन मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: 1. पंचायती राज प्रणाली स्थानीय स्वशासन: गांवों में पंचायतों का गठन हुआ। 2. तीन स्तर की संरचना पंचायत स्तर: ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, और जिला पंचायत का गठन। 3. महिलाओं का आरक्षण समानRead more
73वें संविधान संशोधन अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ
73वें संविधान संशोधन अधिनियम की तीन मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. पंचायती राज प्रणाली
2. तीन स्तर की संरचना
3. महिलाओं का आरक्षण
इन विशेषताओं से स्थानीय शासन को मजबूत बनाने में मदद मिली।
See less