Lost your password? Please enter your email address. You will receive a link and will create a new password via email.
Please briefly explain why you feel this question should be reported.
Please briefly explain why you feel this answer should be reported.
Please briefly explain why you feel this user should be reported.
चर्चा कीजिए कि अंग्रेजों द्वारा भारत में अंग्रेजी शिक्षा की शुरुआत ने किस प्रकार देश में उपनिवेशवाद विरोधी प्रवृत्ति को मजबूत करने में सहायता प्रदान की है। (उत्तर 150 शब्दों में दें)
अंग्रेजों द्वारा भारत में अंग्रेजी शिक्षा की शुरुआत ने देश में उपनिवेशवाद विरोधी प्रवृत्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अंग्रेजी शिक्षा ने भारतीय समाज में जागरूकता और स्वतंत्रता की भावना को उत्पन्न किया। विद्यालयों में अंग्रेजी शिक्षा के माध्यम से विचारों का विस्तार हुआ और लोगों के मRead more
अंग्रेजों द्वारा भारत में अंग्रेजी शिक्षा की शुरुआत ने देश में उपनिवेशवाद विरोधी प्रवृत्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अंग्रेजी शिक्षा ने भारतीय समाज में जागरूकता और स्वतंत्रता की भावना को उत्पन्न किया। विद्यालयों में अंग्रेजी शिक्षा के माध्यम से विचारों का विस्तार हुआ और लोगों के मानसिकता में बदलाव आया। यह शिक्षा ने उपनिवेशवाद के खिलाफ आवाज उठाने में मदद की, जिसने समाज को सामाजिक और राजनीतिक उठानों के लिए एकजुट किया। अंग्रेजी शिक्षा ने भारतीय समाज को जागरूक और संवेदनशील बनाया, जो उपनिवेशवाद और अत्याचार के खिलाफ सहानुभूति एवं विरोध उत्पन्न करने में मदद करता है।
See lessसांप्रदायिक पंचाट (कम्युनल अवार्ड) की प्रकृति और उस समय की परिस्थितियों तथा इसके प्रति विभिन्न समूहों और दलों की प्रतिक्रियाओं पर चर्चा कीजिए। (उत्तर 150 शब्दों में दें)
सांप्रदायिक पंचाट, या कम्युनल अवार्ड, एक सामाजिक, धार्मिक या नृविग्यानिक समूह के सदस्यों के बीच संबंधों को सुलझाने के लिए एक प्रकार का गरिमामय संबंध है। इसका मुख्य उद्देश्य समस्याओं का समाधान और संघर्ष की भावना को सुलझाना होता है। इसकी प्रकृति अनेकता में एकता को साधारित करना है। सामाजिक और राजनीतिकRead more
सांप्रदायिक पंचाट, या कम्युनल अवार्ड, एक सामाजिक, धार्मिक या नृविग्यानिक समूह के सदस्यों के बीच संबंधों को सुलझाने के लिए एक प्रकार का गरिमामय संबंध है। इसका मुख्य उद्देश्य समस्याओं का समाधान और संघर्ष की भावना को सुलझाना होता है। इसकी प्रकृति अनेकता में एकता को साधारित करना है। सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों में, सांप्रदायिक पंचाट कई समूहों और दलों की प्रतिक्रियाओं का केंद्र बनता है। यह सामाजिक समरसता के लिए एक माध्यम भी हो सकता है या फिर आलोचना का केंद्र भी। इसका सफल अनुमान लगाना अव्यवसायिक हो सकता है, क्योंकि इसमें अनेक तरह की विचारधाराएं समाहित हो सकती हैं।
See lessमहिला क्रांतिकारियों ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में साहसिक और अविस्मरणीय योगदान दिया है। चर्चा कीजिए। (उत्तर 150 शब्दों में दें)
भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में महिला क्रांतिकारियों ने महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय भूमिका निभाई है। उन्होंने साहस, समर्पण और बलिदान के माध्यम से आजादी के लिए संघर्ष किया। रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफाल, भीकाजी कामा, कमला नेहरू, उषा मेहता, अन्नी बेसंट, सुभाषिनी बोस, और विजयलक्ष्मी पंडित जैसीRead more
भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में महिला क्रांतिकारियों ने महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय भूमिका निभाई है। उन्होंने साहस, समर्पण और बलिदान के माध्यम से आजादी के लिए संघर्ष किया। रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफाल, भीकाजी कामा, कमला नेहरू, उषा मेहता, अन्नी बेसंट, सुभाषिनी बोस, और विजयलक्ष्मी पंडित जैसी महिलाएं स्वतंत्रता संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने आजादी के लिए जेलों में कारागार और प्रतिक्रिया आंदोलनों में भाग लिया। इन महिला क्रांतिकारियों का साहस और समर्पण भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में एक अटूट हिस्सा रहा है और उनका योगदान अविस्मरणीय है।
See lessअपने समय के प्रख्यात अर्थशास्त्रियों में से एक के रूप में, दादाभाई नौरोजी ने व्यवस्थित रूप से आर्थिक त्रुटियों पर विचार किया और भारतीयों की आर्थिक दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कारकों का विल्लेषण किया। सविस्तार वर्णन कीजिए। (उत्तर 150 शब्दों में दें)
दादाभाई नौरोजी एक प्रमुख भारतीय अर्थशास्त्री थे, जिन्होंने आर्थिक विकास और दुर्दशा के मुद्दों पर गहरा ध्यान दिया। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए उदार विचार प्रस्तुत किए, विशेषकर उद्योगों को प्रोत्साहित किया और देश के आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए उपाय सुझाए। नौरोजी ने आर्थिक त्रुटियोRead more
दादाभाई नौरोजी एक प्रमुख भारतीय अर्थशास्त्री थे, जिन्होंने आर्थिक विकास और दुर्दशा के मुद्दों पर गहरा ध्यान दिया। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए उदार विचार प्रस्तुत किए, विशेषकर उद्योगों को प्रोत्साहित किया और देश के आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए उपाय सुझाए। नौरोजी ने आर्थिक त्रुटियों का परिचय देते हुए उनके मुख्य कारकों पर गहराई से चर्चा की। उन्होंने भारतीयों की आर्थिक दुर्दशा के लिए समाज, सरकारी नीतियां, और अर्थव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया और सुधार के लिए सुझाव दिए। नौरोजी के विचारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
See lessभारत में जनसामान्य, विशेषकर कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान में ज्योतिबा फुले के योगदान को उजागर कीजिए। (उत्तर 150 शब्दों में दें)
ज्योतिबा फुले, भारतीय समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुषों में से एक हैं। उन्होंने जातिवाद, असमानता और शोषण के खिलाफ अभियान चलाया और जातियों के बंधनों को तोड़कर समाज की सामाजिक समृद्धि के लिए काम किया। ज्योतिबा फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और विशेषकर उRead more
ज्योतिबा फुले, भारतीय समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुषों में से एक हैं। उन्होंने जातिवाद, असमानता और शोषण के खिलाफ अभियान चलाया और जातियों के बंधनों को तोड़कर समाज की सामाजिक समृद्धि के लिए काम किया। ज्योतिबा फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और विशेषकर उन्होंने महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई। उनके विचारों ने समाज में जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आंदोलन की सृष्टि की। फुले के योगदान से भारतीय समाज में सामाजिक समानता और न्याय की धारा मजबूत हुई।
See lessभारत में स्वराज पार्टी के विकास को वर्णित करते हुए इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डालिए। साथ ही, इसकी कमियों पर भी चर्चा कीजिए। (उत्तर 150 शब्दों में दें)
स्वराज पार्टी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसने राष्ट्रीय स्वतंत्रता की मांग को मजबूत किया और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को संगठित रूप दिया। स्वराज पार्टी ने भारतीय जनता को एक सामान्य मंच पर एकजुट किया और उनकी आवाज को सुनने का माध्यम प्रदान किया। इसने भारतीय राष्ट्रीय आंदोRead more
स्वराज पार्टी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसने राष्ट्रीय स्वतंत्रता की मांग को मजबूत किया और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को संगठित रूप दिया। स्वराज पार्टी ने भारतीय जनता को एक सामान्य मंच पर एकजुट किया और उनकी आवाज को सुनने का माध्यम प्रदान किया। इसने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।
हालांकि, स्वराज पार्टी की कुछ कमियां भी थीं। इसमें विभाजन के कुछ मुद्दे थे, जिनसे आंदोलन की एकता पर असर पड़ा। स्वराज पार्टी की नेतृत्व में विभिन्न दृष्टिकोण थे, जो कई बार आंदोलन को विवादों में डाल देते थे। कुछ समय के बाद स्वराज पार्टी का अस्तित्व कमजोर पड़ गया और इसने स्वतंत्रता संग्राम में उसी प्रमुख भूमिका निभाने में सक्षम नहीं रहा।
See less1946 में रॉयल इंडियन नेवी (RIN) के विद्रोह का महत्व इस तथ्य में निहित था कि इसने ब्रिटिश सरकार को आश्वस्त कर दिया कि वह अब अधिक समय तक भारत पर नियंत्रण नहीं रख सकती है। चर्चा कीजिए। (उत्तर 150 शब्दों में दें)
1946 में रॉयल इंडियन नेवी (RIN) के विद्रोह ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा स्रोत साबित हुआ। यह विद्रोह ने दिखाया कि भारतीय सेना कौशल और जोश में समर्थ है। RIN के नाविकों ने ब्रिटिश सरकार को यह संदेश दिया कि वे अब अधिक समय तक भारत पर नियंत्रण नहीं रख सकते। इस विद्रोह ने भारतीय जनRead more
1946 में रॉयल इंडियन नेवी (RIN) के विद्रोह ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा स्रोत साबित हुआ। यह विद्रोह ने दिखाया कि भारतीय सेना कौशल और जोश में समर्थ है। RIN के नाविकों ने ब्रिटिश सरकार को यह संदेश दिया कि वे अब अधिक समय तक भारत पर नियंत्रण नहीं रख सकते। इस विद्रोह ने भारतीय जनता को सामूहिक रूप से स्वतंत्रता की ओर आग्रहित किया और इसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को मजबूती दी। इससे ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ आंदोलन में नया उत्साह और सहयोग मिला।
See less