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Two finite sets A and B have mand n elements respectively. The total number of subsets of the set A is 56 more than the total number of subsets of the set B. Find the value of (m+n). [Answer Limit: 125 words] [UKPSC 2023]
The number of subsets of a set with mmm elements is 2m2^m2m, and for a set with nnn elements, it is 2n2^n2n. Given the relationship: 2m=2n+562^m = 2^n + 562m=2n+56 To find integer values for mmm and nnn, we can test possible values: If n=5n = 5n=5: 2n=322^n = 322n=32 2m=32+56=88(not a power of 2)2^mRead more
The number of subsets of a set with m elements is 2m, and for a set with n elements, it is 2n. Given the relationship:
2m=2n+56
To find integer values for m and n, we can test possible values:
2m=32+56=88(not a power of 2)
2m=64+56=120(not a power of 2)
2m=128+56=184(not a power of 2)
2m=16+56=72(not a power of 2)
2m=8+56=64⇒m=6
Thus, m=6 and n=3. Therefore, m+n=6+3=9.
See lessदो परिमित समुच्चयों A एवं B में क्रमशः m और तत्त्व हैं। समुच्चय A के उपसमुच्चयों की कुल संख्या समुच्चय B के उपसमुच्चयों की कुल संख्या से 56 अधिक है। (m+n) का मान ज्ञात कीजिए। [उत्तर सीमा: 125 शब्द] [UKPSC 2023]
यदि समुच्चय AAA में mmm तत्त्व हैं, तो उसके उपसमुच्चयों की कुल संख्या 2m2^m2m होगी। इसी प्रकार, यदि समुच्चय BBB में nnn तत्त्व हैं, तो उसके उपसमुच्चों की कुल संख्या 2n2^n2n होगी। दी गई स्थिति के अनुसार: 2m=2n+562^m = 2^n + 562m=2n+56 इस समीकरण को हल करने के लिए, mmm और nnn के मान खोजने होंगे। कुछ संRead more
यदि समुच्चय A में m तत्त्व हैं, तो उसके उपसमुच्चयों की कुल संख्या 2m होगी। इसी प्रकार, यदि समुच्चय B में n तत्त्व हैं, तो उसके उपसमुच्चों की कुल संख्या 2n होगी।
दी गई स्थिति के अनुसार:
2m=2n+56
इस समीकरण को हल करने के लिए, m और n के मान खोजने होंगे।
कुछ संभावित मानों के लिए परीक्षण करते हैं:
2m=32+56=88⇒m का मान कोई पूर्णांक नहीं है।
2m=64+56=120⇒m का मान कोई पूर्णांक नहीं है।
2m=128+56=184⇒m का मान कोई पूर्णांक नहीं है।
2m=16+56=72⇒m का मान कोई पूर्णांक नहीं है।
2m=8+56=64⇒m=6
इसलिए, m=6 और n=3 हैं।
अतः m+n=6+3=9।
See lessThe coordinates of three vertices of a rectangle ABCD are A(2, 3), B(3, 0) and C(9, 2). Find the area of the rectangle and length of the diagonal BD. [Answer Limit: 50 words] [UKPSC 2023]
Given vertices A(2,3)A(2, 3)A(2,3), B(3,0)B(3, 0)B(3,0), and C(9,2)C(9, 2)C(9,2): Area: Length AB=(3−2)2+(0−3)2=10AB = \sqrt{(3 - 2)^2 + (0 - 3)^2} = \sqrt{10}AB=(3−2)2+(0−3)2=10. Width AC=(9−2)2+(2−3)2=50AC = \sqrt{(9 - 2)^2 + (2 - 3)^2} = \sqrt{50}AC=(9−2)2+(2−3)2=50. Area =Length×Width=10×50=Read more
Given vertices A(2,3), B(3,0), and C(9,2):
Thus, the area is 105 and diagonal BD is 35.
See lessआयत ABCD के तीन शीषों के निर्देशांक A(2, 3), B(3, 0) एवं C(9. 2) हैं। आयत का क्षेत्रफल और विकर्ण BD की लम्बाई ज्ञात कीजिए। [उत्तर सीमा: 50 शब्द] [UKPSC 2023]
आयत ABCD के तीन शीषों के निर्देशांक हैं: A(2,3)A(2, 3)A(2,3), B(3,0)B(3, 0)B(3,0), और C(9,2)C(9, 2)C(9,2). क्षेत्रफल: आयत के क्षेत्रफल के लिए, हम पहले चौड़ाई और लंबाई ज्ञात करते हैं। ABABAB की लंबाई: AB=(3−2)2+(0−3)2=1+9=10AB = \sqrt{(3 - 2)^2 + (0 - 3)^2} = \sqrt{1 + 9} = \sqrt{10}AB=(3−2)2+(0−3)2Read more
आयत ABCD के तीन शीषों के निर्देशांक हैं: A(2,3), B(3,0), और C(9,2).
AB=(3−2)2+(0−3)2=1+9=10AC की लंबाई:
AC=(9−2)2+(2−3)2=49+1=50क्षेत्रफल:
Area=AB×AC=10×50=500=105(क्षेत्रफल)
BD=(9−3)2+(3−0)2=36+9=45=35
अतः, आयत का क्षेत्रफल 105 और विकर्ण BD की लम्बाई 35 है।
See lessConsider an ascending data 57, 110, 112, 114, x, 118, 120, y. If the mean and median of the data are 108.5 and 114.5 respectively, then what is the value of y-x? [Answer Limit: 50 words] [UKPSC 2023]
Given the ascending data, the mean is calculated as: 57+110+112+114+x+118+120+y8=108.5\frac{57 + 110 + 112 + 114 + x + 118 + 120 + y}{8} = 108.5857+110+112+114+x+118+120+y=108.5 This leads to: 57+110+112+114+x+118+120+y=86857 + 110 + 112 + 114 + x + 118 + 120 + y = 86857+110+112+114+x+118+120+y=868Read more
Given the ascending data, the mean is calculated as:
857+110+112+114+x+118+120+y=108.5
This leads to:
57+110+112+114+x+118+120+y=868
Calculating the sum of the known values gives 611, so:
x+y=257
For the median of 114.5, since there are 8 values, the median is the average of the 4th and 5th values:
2114+x=114.5⇒114+x=229⇒x=115
Substituting x into x+y=257:
115+y=257⇒y=142
Thus, y−x=142−115=27. The value of y−x is 27.
See less. भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में, विशेष रूप से 20वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध के दौरान प्रवासी भारतीयों द्वारा निभाई गई भूमिका पर चर्चा कीजिए।(250 शब्दों में उत्तर दें)
20वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में, भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में प्रवासी भारतीयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ये प्रवासी भारतीय विदेश में भारत की स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाने और समर्थन प्रदान करने में सक्रिय रहे। विदेशी देशों में रहकर भारतीय समुदायों ने विदेशी सरकारों को भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष की भूमRead more
20वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में, भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में प्रवासी भारतीयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ये प्रवासी भारतीय विदेश में भारत की स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाने और समर्थन प्रदान करने में सक्रिय रहे।
विदेशी देशों में रहकर भारतीय समुदायों ने विदेशी सरकारों को भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष की भूमिका और महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने विदेशी समाचार पत्रिकाओं, आंतरराष्ट्रीय संगठनों, और राजनैतिक नेताओं के साथ मिलकर भारत की आजादी के लिए अभियान चलाया।
भारतीय विदेश में रहने वाले नेताओं में विवेकानंद, महात्मा गांधी, लाला हरदयाल, भगत सिंह, सरोजिनी नायडू, और अन्य महान व्यक्तियों ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने विदेश में भारत की समस्याओं और स्वतंत्रता मुद्दों पर चर्चा की और अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त किया।
इन प्रवासी भारतीयों की भूमिका ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया और विदेशी समर्थन को बढ़ावा दिया। उनका संघर्ष और समर्थन ने भारतीय आजादी को मजबूत किया और उसे अंततः सफलता तक पहुंचाया।
See lessपर्यावरण आंदोलनों के उद्भव के लिए निहित कारणों और स्वातंत्र्योत्तर भारत में उनके महत्व पर चर्चा कीजिए।(250 शब्दों में उत्तर दें)
पर्यावरण आंदोलनों का उद्भव विभिन्न कारणों से हुआ है, जैसे जलवायु परिवर्तन, वन्यजीव संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, और जल संरक्षण। ये आंदोलन लोगों के जागरूक होने से उत्पन्न होते हैं जो अपने पर्यावरण के लिए जिम्मेदारी लेने के लिए सक्षम हो रहे हैं। स्वातंत्र्योत्तर भारत में पर्यावरण आंदोलनों का महत्व विशेषRead more
पर्यावरण आंदोलनों का उद्भव विभिन्न कारणों से हुआ है, जैसे जलवायु परिवर्तन, वन्यजीव संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, और जल संरक्षण। ये आंदोलन लोगों के जागरूक होने से उत्पन्न होते हैं जो अपने पर्यावरण के लिए जिम्मेदारी लेने के लिए सक्षम हो रहे हैं।
स्वातंत्र्योत्तर भारत में पर्यावरण आंदोलनों का महत्व विशेष है। ये आंदोलन लोगों को पर्यावरण संरक्षण और उसकी महत्वता के प्रति जागरूक करते हैं और सरकारों को जागरूक और कार्रवाई के लिए प्रेरित करते हैं। इन आंदोलनों के माध्यम से लोग अपने पर्यावरण की रक्षा में सक्रिय भागीदार बनते हैं।
स्वतंत्रता के बाद भारत में पर्यावरण आंदोलनों का महत्व और व्यापक हो गया है। लोग अपने सशक्तिकरण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। ये आंदोलन सामाजिक परिवर्तन और सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं और साथ ही सामाजिक सद्भावना और सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
इस प्रकार, पर्यावरण आंदोलनों का महत्व व्यापक है और इन्हें स्वातंत्र्योत्तर भारत में बढ़ावा देना जरूरी है ताकि हम सुस्त पर्यावरण के खिलाफ लड़ाई में सक्षम हो सकें।
See lessभारत में कार्यस्थल पर लैंगिक समावेशिता समाज में मौजूद सांस्कृतिक और लैंगिक पूर्वाग्रहों की एक श्रृंखला के कारण महिलाओं के विरुद्ध है। चर्चा कीजिए। इस समस्या के समाधान के लिए सामाजिक-कानूनी उपाय भी सुझाइए।(250 शब्दों में उत्तर दें)
भारत में कार्यस्थल पर लैंगिक समावेशिता की अभावना महिलाओं के खिलाफ एक गंभीर समस्या है। सांस्कृतिक और लैंगिक पूर्वाग्रहों की वजह से, महिलाएं कार्यस्थल में अनुचित व्यवहार, बदलते कार्य समय, वेतन के अंतर, और अधिक बाधाओं का सामना करती हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए सामाजिक-कानूनी उपाय आवश्यक है। सबसRead more
भारत में कार्यस्थल पर लैंगिक समावेशिता की अभावना महिलाओं के खिलाफ एक गंभीर समस्या है। सांस्कृतिक और लैंगिक पूर्वाग्रहों की वजह से, महिलाएं कार्यस्थल में अनुचित व्यवहार, बदलते कार्य समय, वेतन के अंतर, और अधिक बाधाओं का सामना करती हैं।
इस समस्या का समाधान करने के लिए सामाजिक-कानूनी उपाय आवश्यक है। सबसे पहले, जागरूकता बढ़ाना और शिक्षा के माध्यम से संवेदनशीलता को बढ़ावा देना जरूरी है। समान वेतन, कर्मचारी सुरक्षा, और महिला-स्वास्थ्य की सुविधा पहुंचाने के लिए कानूनों की पालना और कड़ी कार्रवाई भी जरूरी है।
कंपनियों को लैंगिक समावेशिता की नीतियों को बनाने और उन्हें पालने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। संगठनों को महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यपूर्ण कार्यावाही उपलब्ध करानी चाहिए।
इस समस्या का समाधान केवल कानूनी कदमों से ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तनों और सांस्कृतिक बदलावों के माध्यम से होगा। महिलाओं को समान अवसर और सम्मान का अधिकार होना चाहिए, जो समृद्ध समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
See lessप्रवासन गरिमा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए मानवीय आकांक्षा की अभिव्यक्ति है। इसके आलोक में, भारत में आंतरिक प्रवासन की बहुआयामी प्रकृति का परीक्षण कीजिए और विकास के साथ इसके अंतर्निहित संबंधों पर चर्चा कीजिए।(250 शब्दों में उत्तर दें)
भारत में आंतरिक प्रवासन एक महत्वपूर्ण और बहुआयामी विषय है, जिसमें प्रवासन गरिमा, सुरक्षा और भविष्य के लिए मानवीय आकांक्षा का प्रकटीकरण होता है। आंतरिक प्रवासन भारतीय समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह लोगों के बीच सांघर्ष और स्रोतों के सामंजस्यपूर्ण उपयोग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रोRead more
भारत में आंतरिक प्रवासन एक महत्वपूर्ण और बहुआयामी विषय है, जिसमें प्रवासन गरिमा, सुरक्षा और भविष्य के लिए मानवीय आकांक्षा का प्रकटीकरण होता है।
आंतरिक प्रवासन भारतीय समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह लोगों के बीच सांघर्ष और स्रोतों के सामंजस्यपूर्ण उपयोग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में विकास को प्रोत्साहित करता है।
भारत में आंतरिक प्रवासन के अंतर्निहित संबंधों की चर्चा आवश्यक है। इससे सामाजिक सांघर्ष को कम करने, भाषा, संस्कृति और समृद्धि के बीच समन्वय बढ़ाने, और विभिन्न क्षेत्रों में विकास को सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
सुरक्षा मामले में, आंतरिक प्रवासन अवैध गतिविधियों को रोकने और सुरक्षितता को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, यह लोगों के बीच सामंजस्यपूर्ण जीवन और सामरिक सुरक्षा को बढ़ावा देता है।
इस रूप में, भारत में आंतरिक प्रवासन का महत्व और उसके अंतर्निहित संबंधों का महत्वाकांक्षी अध्ययन करना महत्वपूर्ण है। इससे समृद्धि, सुरक्षा, और सामाजिक सांघर्ष के मामले में सुधार हो सकता है।
See lessHow can I overcome language barriers and improve my exam performance?
Overcoming Language Barriers and Improving Exam Performance for UPSC Mains Language barriers can pose significant challenges for UPSC Mains aspirants, particularly if the exam language is different from one’s native language. Here are strategies to overcome these barriers and enhance your exam perfoRead more
Overcoming Language Barriers and Improving Exam Performance for UPSC Mains
Language barriers can pose significant challenges for UPSC Mains aspirants, particularly if the exam language is different from one’s native language. Here are strategies to overcome these barriers and enhance your exam performance:
1. Choose the Right Medium of Exam
Language Selection:
Medium of Exam: Opt for the language in which you are most comfortable for writing the exam. This choice can greatly influence your performance.
Available Options: Check the language options available for the UPSC Mains exam and select one that aligns with your proficiency.
Recent Example:
In the 2023 UPSC Mains, candidates who chose Hindi or their regional languages, which they were comfortable with, performed better in the written exams due to their ability to articulate answers more effectively.
2. Improve Language Skills Through Practice
Regular Practice:
Reading and Writing: Engage in daily reading and writing exercises in the exam language to build proficiency.
Language Courses: Consider taking language improvement courses or using language learning apps.
Recent Example:
Aspirants preparing for the 2024 exam who practiced extensively with language-specific resources and writing exercises saw marked improvements in their ability to express complex ideas clearly.
3. Use Language-Specific Study Materials
Resource Utilization:
Local Language Resources: Use study materials, books, and notes in your chosen language to better understand concepts.
Translation Tools: Employ translation tools or apps to convert important resources and notes into your preferred language.
Recent Example:
In 2023, students who utilized study materials and reference books in their native language or language of the exam found it easier to grasp difficult concepts and retain information.
4. Practice Answer Writing in the Exam Language
Writing Skills:
Regular Practice: Write practice answers and essays in the language of the exam to get accustomed to formulating responses effectively.
Feedback and Improvement: Seek feedback on your language use in answers to identify and correct errors.
Recent Example:
For the 2024 exam, candidates who practiced answer writing regularly in the exam language and received feedback from mentors or peers saw improvements in clarity and coherence.
5. Enhance Vocabulary and Grammar
Build Language Proficiency:
Vocabulary Expansion: Regularly learn and use new words and phrases relevant to the exam topics.
Grammar Improvement: Work on grammar and sentence structure to improve the quality of your written responses.
Recent Example:
In the 2023 cycle, aspirants who focused on expanding their vocabulary and improving grammar through targeted exercises performed better in exams requiring detailed and precise responses.
6. Utilize Online Resources and Apps
Digital Tools:
Language Learning Apps: Use apps like Duolingo or Babbel to enhance language skills.
Online Forums: Participate in online forums and discussion groups in the exam language to practice writing and comprehension.
Recent Example:
Aspirants preparing for the 2024 exam who used online language learning tools and engaged in forums found these resources helpful for improving their language skills and understanding exam-specific terminologies.
7. Engage in Mock Tests and Practice Papers
Simulated Practice:
Mock Tests: Take mock tests in the exam language to build confidence and test your language proficiency under exam conditions.
Practice Papers: Solve practice papers and previous years’ papers in the language of the exam to familiarize yourself with the format and style.
Recent Example:
Candidates who engaged in mock tests and practice papers in their exam language in 2023 reported better performance and reduced anxiety during the actual exam.
8. Seek Help from Language Mentors or Tutors
Professional Assistance:
Tutoring: Enroll in language tutoring or coaching specifically focused on UPSC exam preparation.
Mentorship: Seek guidance from mentors who can provide tailored support for overcoming language barriers.
Recent Example:
In 2024, several aspirants benefited from working with language tutors who specialized in exam preparation, resulting in improved clarity and confidence in their written responses.
9. Emphasize Understanding Over Translation
Focus on Comprehension:
Conceptual Understanding: Prioritize understanding concepts in the exam language rather than translating from your native language.
Practice Directly: Practice answering questions directly in the exam language to build familiarity and fluency.
Recent Example:
Candidates who focused on understanding exam concepts in the 2023 language rather than translating found it easier to articulate their responses and perform better.
See lessBy implementing these strategies, UPSC Mains aspirants can effectively overcome language barriers, enhance their exam performance, and improve their overall exam preparation experience.