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सुभाष चन्द्र बोस एवं इण्डियन नेशनल आर्मी पर एक लेख लिखिए। [उत्तर सीमा: 250 शब्द] [UKPSC 2023]
सुभाष चन्द्र बोस एक प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक, उड़ीसा में हुआ। बोस ने स्वतंत्रता के लिए एक दृढ़ और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग करता है। बोस का मानना था कि ब्रिटिश साम्रRead more
सुभाष चन्द्र बोस एक प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक, उड़ीसा में हुआ। बोस ने स्वतंत्रता के लिए एक दृढ़ और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग करता है।
बोस का मानना था कि ब्रिटिश साम्राज्य का सामना करने के लिए सशस्त्र संघर्ष आवश्यक है। उन्होंने 1943 में भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) का गठन किया, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह करना था। INA का नारा “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” था, जिसने भारतीय जनता में जबरदस्त उत्साह जगाया।
INA ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के सहयोग से युद्ध में भाग लिया। उनकी सेनाओं ने भारतीय क्षेत्र में ब्रिटिश बलों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया, विशेष रूप से बर्मा के मोर्चे पर। हालांकि INA को अंततः हार का सामना करना पड़ा, लेकिन बोस का नेतृत्व और उनके आदर्शों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।
सुभाष चन्द्र बोस का योगदान केवल सशस्त्र संघर्ष तक सीमित नहीं था; उन्होंने राष्ट्रीय एकता, समर्पण, और स्वतंत्रता के प्रति अटूट विश्वास का संदेश फैलाया। उनका जीवन और कार्य आज भी भारत में प्रेरणा का स्रोत हैं, और उनका नाम भारतीय स्वतंत्रता की लड़ाई के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में सदैव जीवित रहेगा।
See lessCritically examine the Cripps Mission Plan of 1942 and give reasons for its failure. [Answer Limit: 250 words] [UKPSC 2023]
The Cripps Mission of 1942 was an attempt by the British government to negotiate with Indian leaders for support during World War II. While it aimed to offer constitutional concessions, it ultimately failed for several reasons. Key Features of the Plan: Promise of Dominion Status: The plan proposedRead more
The Cripps Mission of 1942 was an attempt by the British government to negotiate with Indian leaders for support during World War II. While it aimed to offer constitutional concessions, it ultimately failed for several reasons.
Key Features of the Plan:
Reasons for Failure:
In summary, while the Cripps Mission aimed to negotiate a peaceful resolution, its conditional promises, lack of inclusivity, and failure to unify Indian political factions led to its ultimate failure
See less1942 के क्रिप्स मिशन योजना का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए एवं उसके असफल होने के कारण दीजिए। [उत्तर सीमा: 250 शब्द] [UKPSC 2023]
1942 का क्रिप्स मिशन योजना ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में स्वतंत्रता के लिए बातचीत करने का एक प्रयास था। इसकी प्रमुख विशेषताएँ और असफलता के कारण निम्नलिखित हैं: विशेषताएँ: स्वतंत्रता का आश्वासन: क्रिप्स मिशन ने भारतीय नेताओं को स्वतंत्रता का आश्वासन दिया, लेकिन यह कुछ शर्तों के साथ था। संविधान का मसौRead more
1942 का क्रिप्स मिशन योजना ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में स्वतंत्रता के लिए बातचीत करने का एक प्रयास था। इसकी प्रमुख विशेषताएँ और असफलता के कारण निम्नलिखित हैं:
विशेषताएँ:
आलोचना और असफलता के कारण:
इस प्रकार, क्रिप्स मिशन योजना ब्रिटिश सरकार के आश्वासनों के बावजूद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ नहीं बन सकी और इसके असफल होने के कारणों ने आगे की स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया।
See lessWhat was the reason of accelerating the Labour Movements in India after the First World War?Discuss. [Answer Limit: 250 words] [UKPSC 2023]
The acceleration of labor movements in India after the First World War can be attributed to several interconnected factors: Economic Hardships: The war led to significant inflation and shortages of essential goods, severely affecting the working class. Wages remained stagnant while prices soared, leRead more
The acceleration of labor movements in India after the First World War can be attributed to several interconnected factors:
These factors collectively contributed to a significant rise in labor movements, making them a vital part of the broader struggle for independence and social justice in India.
See lessभारत में प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात् मजदूर आन्दोलनों में तेजी आने का क्या कारण रहा ? व्याख्या कीजिए। [उत्तर सीमा: 250 शब्द] [UKPSC 2023]
भारत में प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात् मजदूर आंदोलनों में तेजी आने के कई महत्वपूर्ण कारण थे: आर्थिक कठिनाइयाँ: युद्ध के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था में अस्थिरता आई। महंगाई, बेरोजगारी, और वस्तुओं की कमी ने श्रमिक वर्ग को प्रभावित किया। युद्ध के बाद, श्रमिकों की मजदूरी स्थिर रही जबकि वस्तुओं की कीमतें बढRead more
भारत में प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात् मजदूर आंदोलनों में तेजी आने के कई महत्वपूर्ण कारण थे:
इन सभी कारणों ने मिलकर 1919 के बाद भारत में मजदूर आंदोलनों की गति को तेज किया, जो स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
See lessAccording to S.N. Sen, "The Mutiny was not inevitable in 1857 but it was inherent in the constitution of the empire". Discuss. [Answer Limit: 250 words] [UKPSC 2023]
S.N. Sen's assertion that "the Mutiny was not inevitable in 1857 but it was inherent in the constitution of the empire" underscores the complex socio-political fabric of British India at that time. The 1857 uprising, often referred to as the Sepoy Mutiny, was a culmination of long-standing grievanceRead more
S.N. Sen’s assertion that “the Mutiny was not inevitable in 1857 but it was inherent in the constitution of the empire” underscores the complex socio-political fabric of British India at that time. The 1857 uprising, often referred to as the Sepoy Mutiny, was a culmination of long-standing grievances rather than an inevitable event.
The British colonial policies created widespread discontent among various sections of society. The introduction of new military practices, particularly the use of cartridges rumored to be greased with cow and pig fat, deeply offended both Hindu and Muslim soldiers, leading to resentment within the army. This religious insensitivity exacerbated existing tensions and catalyzed the rebellion.
Moreover, British economic exploitation and land revenue policies created economic hardships for peasants and landlords alike. The Permanent Settlement and oppressive taxation fueled agrarian discontent, contributing to a broader sense of injustice.
Sen emphasizes that the Mutiny reflected the inherent contradictions and vulnerabilities within the British Empire’s structure. While the uprising was not predetermined, the seeds of dissent were sown by policies that alienated and marginalized various groups, including soldiers, peasants, and local rulers.
In this context, the 1857 Mutiny can be viewed as an expression of accumulated frustrations and aspirations for self-determination, rather than an isolated military insurrection. Thus, while the revolt may not have been inevitable, the systemic issues within the colonial framework made it a likely outcome of growing discontent.
See lessएस.एन. सेन के अनुसार "सैन्य विद्रोह 1857 में तो अनिवार्य नहीं था, परन्तु यह साम्राज्य के संविधान में अन्तर्भूत था", व्याख्या कीजिए । [उत्तर सीमा: 250 शब्द] [UKPSC 2023]
एस.एन. सेन के अनुसार, "सैन्य विद्रोह 1857 में तो अनिवार्य नहीं था, परन्तु यह साम्राज्य के संविधान में अन्तर्भूत था" का अर्थ है कि भारतीय सेना में विद्रोह की संभावना उस समय की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का परिणाम था। यह विद्रोह अचानक नहीं हुआ; इसके पीछे कई कारण थे। ब्रिटिश राज की नीतियों ने भारRead more
एस.एन. सेन के अनुसार, “सैन्य विद्रोह 1857 में तो अनिवार्य नहीं था, परन्तु यह साम्राज्य के संविधान में अन्तर्भूत था” का अर्थ है कि भारतीय सेना में विद्रोह की संभावना उस समय की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का परिणाम था।
यह विद्रोह अचानक नहीं हुआ; इसके पीछे कई कारण थे। ब्रिटिश राज की नीतियों ने भारतीय सैनिकों, विशेषकर सिपाहियों, में असंतोष पैदा किया। अंग्रेजी अधिकारियों द्वारा भारतीय संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं का अपमान, जैसे नए कारतूसों में चर्बी का उपयोग, ने सिपाहियों के बीच गहरी नाराजगी उत्पन्न की।
इसके अलावा, आर्थिक शोषण और भूमि सुधारों ने किसानों और सामान्य जनता के बीच असंतोष बढ़ाया। अंग्रेजों द्वारा ज़मीन और संसाधनों पर नियंत्रण ने एक व्यापक विद्रोही भावना को जन्म दिया।
सैनिक विद्रोह ने न केवल सिपाहियों की नाराजगी को प्रकट किया, बल्कि यह एक बड़े सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक असंतोष का संकेत था। सेन का कहना है कि यह विद्रोह केवल सैन्य कारणों से नहीं, बल्कि साम्राज्य के अंतर्निहित अस्थिरता के कारण हुआ।
इस प्रकार, 1857 का विद्रोह एक तरह से उस समय के साम्राज्य के संविधान और उसके द्वारा उत्पन्न असंतोष का परिणाम था, जो कि भारतीय स्वतंत्रता के संघर्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
See lessWhat was the effect of implementing Permanent Settlement System upon Bengal? [Answer Limit: 125 words] [UKPSC 2023]
The implementation of the Permanent Settlement System in Bengal (1793) had several significant effects: Increased Revenue Stability: The British government secured a fixed revenue from landowners (zamindars), leading to more predictable income and efficient tax collection. Agricultural Investment: LRead more
The implementation of the Permanent Settlement System in Bengal (1793) had several significant effects:
Overall, the Permanent Settlement had profound and lasting implications for Bengal’s agrarian structure and society.
See lessबंगाल में स्थायी बन्दोबस्त प्रणाली लागू करने का क्या परिणाम हुआ ? [उत्तर सीमा: 125 शब्द] [UKPSC 2023]
बंगाल में स्थायी बंदोबस्त प्रणाली (1793) लागू करने के कई परिणाम हुए: कृषि में सुधार: इस प्रणाली ने किसानों को भूमि पर स्थायी अधिकार दिए, जिससे उन्होंने अधिक निवेश और उत्पादन किया। राजस्व स्थिरता: सरकार को निश्चित राजस्व प्राप्त हुआ, जिससे प्रशासनिक खर्चों में आसानी हुई और सरकारी योजनाओं का बेहतर कारRead more
बंगाल में स्थायी बंदोबस्त प्रणाली (1793) लागू करने के कई परिणाम हुए:
इन सबके परिणामस्वरूप, स्थायी बंदोबस्त प्रणाली ने बंगाल की कृषि और समाज पर दीर्घकालिक प्रभाव डाला।
See lessExamine the contribution of the Mughal rulers in the field of art and architecture. [Answer Limit: 125 words] [UKPSC 2023]
Mughal rulers made significant contributions to art and architecture, leaving a lasting legacy in India. Architecture: They pioneered a distinctive style that blended Persian, Indian, and Islamic elements. Iconic structures like the Taj Mahal, a symbol of love, and the Red Fort in Agra exemplify theRead more
Mughal rulers made significant contributions to art and architecture, leaving a lasting legacy in India.
Overall, their contributions in these fields reflect a harmonious blend of aesthetics, cultural synthesis, and innovation.
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