प्रमुख बिंदु
- आयात शुल्क में छूट:
- भारत ने प्रमुख EV बैटरी घटकों पर आयात शुल्क में छूट दी है, जिससे घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
- EV बिक्री में वृद्धि:
- 2023 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 49.25% की वृद्धि हुई, जो 1.52 मिलियन यूनिट्स तक पहुँच गई।
- मई 2024 में साल-दर-साल बिक्री 20.88% बढ़कर 1.39 मिलियन यूनिट्स हो गई।
सरकारी लक्ष्य
- 2030 तक EV बिक्री लक्ष्य:
- निजी कारों में 30%, वाणिज्यिक वाहनों में 70%, बसों में 40%, और दोपहिया तथा तिपहिया वाहनों में 80% EV बिक्री का लक्ष्य रखा गया है।
बैटरी निर्माण और निवेश
- स्थानीयकरण और प्रतिस्पर्धा:
- भारत ने EV बैटरी उत्पादन को स्थानीय बनाने में प्रगति की है, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।
- भारतीय EV बैटरी बाजार का अनुमान 2023 में 16.77 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2028 में 27.70 बिलियन डॉलर होने का है।
- निवेश में वृद्धि:
- Tata Motors-JLR, VinFast, और Stellantis जैसे कंपनियों का महत्वपूर्ण निवेश EV क्षेत्र में हो रहा है।
चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर
- चार्जिंग स्टेशन की संख्या:
- फरवरी 2024 तक भारत में 12,146 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन थे।
- CII के अनुसार, भारत को 2030 तक 1.32 मिलियन चार्जर स्थापित करने की आवश्यकता होगी।
प्रमुख चुनौतियाँ
- अपर्याप्त चार्जिंग अवसंरचना:
- टियर-2 और टियर-3 शहरों में चार्जिंग स्टेशनों की कमी एक बड़ी बाधा है।
- उच्च प्रारंभिक लागत:
- इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रारंभिक लागत ICE वाहनों की तुलना में अधिक बनी हुई है।
- आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता:
- भारत लिथियम, कोबाल्ट, और निकल जैसे कच्चे माल के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भर है।
उपाय
- EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन:
- चार्जिंग स्थलों की मानकीकरण और समुचित तैनाती के लिए एक एकीकृत मिशन की आवश्यकता है।
- वित्तपोषण योजनाएँ:
- MSME और अनौपचारिक क्षेत्र के लिए लक्षित EV वित्तपोषण योजनाएँ शुरू की जानी चाहिए।
- सरकारी खरीद में EV का समावेश:
- सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए न्यूनतम 30% का फ्लिट बदलने का आदेश होना चाहिए।
आगे की राह
भारत का इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र नीतिगत समर्थन, बढ़ते निवेश और उपभोक्ता स्वीकृति से प्रेरित होकर एक महत्त्वपूर्ण मोड़ पर है। चार्जिंग अंतराल, आपूर्ति श्रृंखला निर्भरता और लागत बाधाओं जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यापक उपायों की आवश्यकता है।