लोक प्रशासकों में पेशेवर नैतिकता को बढ़ावा देना एवं बनाये रखना एन०पी०एम० (NPM) पैरोकारों की एक महत्वपूर्ण चिंता है। लोगों को मूल्यवान ग्राहकों के रूप में वरीयता देने के लिए लोक प्रबन्धन की शैली को मूल रूप से चदलने का प्रयास रहा है। लोक प्रशासकों को परिणाम प्राप्त करने के लिए एवं संचालन की शैली में उद्यमी होने हेतु अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। यू०के० (UK) सरकार ने इस दिशा में एक रणनीति अपनाई है, जो सार्वजनिक अधिकारियों को कई प्रतिबद्धताओं के लिए बाध्य करती है। इसमें परिणाम प्रभावी नीतियाँ विकसित करना, नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुशल एवं उच्च गुणवत्ता वाली सार्वजनिक सेवाओं का वितरण, नई तकनीक के प्रयोग से नागरिकों एवं व्यापार की जरूरतों को पूरा करना शामिल है। जनता चाहती है, कि जो राज्य के लिए अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं, वे नैतिक सार्वजनिक नेतृत्व दिखाएँ। दूसरे शब्दों में, ईमानदारी, नैतिकता और नैतिक आचार-विचार समाज में सामान्य क्रम में होना चाहिए। यदि नैतिकता नहीं है तो समाज, बिगड़ने, गिरावट और क्षय के रास्ते पर निश्चित रूप से है। नैतिक मूल्यों के बिना, जीवन सार्थक रूप से जीने लायक नहीं है।
- उत्तरदायित्व के संदर्भ में, नवीन सार्वजनिक प्रबन्धन दृष्टिकोण, पारम्परिक दृष्टिकोण से भिन्न है। चर्चा कीजिए।
- नैतिकता और मूल्यों के आपसी संबंध पर चर्चा कीजिए।
- भ्रष्टाचार से निपटने के लिए नैतिकता और प्रशासन एक दूसरे के पूरक है।” क्या आप इस कथन से सहमत है?
- नैतिकता और मूल्य, प्रशासन के कामकाज को कैसे प्रभावित करते हैं?
- कृषि बिल, 2020 के संबंध में, सरकार को किन नैतिक दुविधाओं का सामना करना पड़ा?